रांची। 13 दिनों से लापता भाई-बहन अंश और अंशिका को पुलिस ने रामगढ़ जिले के रजरप्पा थाना क्षेत्र अंतर्गत चितरपुर स्थित अहमदनगर (पहाड़ी) इलाके से सकुशल बरामद कर लिया है। इस मामले में पुलिस ने एक युवक और युवती को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पति-पत्नी बताकर दोनों बच्चों के साथ किराए के मकान में रह रहे थे।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, बिहार के औरंगाबाद जिले का रहने वाला करीब 25 वर्षीय युवक और 19 वर्षीय युवती लगभग 10 दिन पहले चितरपुर पहुंचे थे। दोनों ने स्थानीय महिला रोशन आरा से एस्बेस्टस के मकान में एक कमरा महज 1000 रुपये मासिक किराए पर लिया था। दंपती ने मकान मालकिन को बताया था कि दोनों बच्चे उन्हीं के हैं।
मकान मालकिन रोशन आरा ने पुलिस को बताया कि ठंड अधिक होने और आधार कार्ड देखने के बाद उन्होंने इंसानियत के नाते कम उम्र के दंपती को बच्चों के साथ रहने के लिए कमरा दे दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि उनके तीन बेटे दिल्ली में काम करते हैं।
इधर, बच्चों के लापता होने की खबर सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया में फैलने के बाद मंगलवार शाम से बजरंग दल के कार्यकर्ता सक्रिय हो गए। संगठन से जुड़े सचिन, डब्लू साहू, सुनील कुमार और अंशु ने इलाके में खोजबीन शुरू की, जिसके बाद पुलिस को अहम सुराग मिले।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि आरोपी दंपती गुब्बारे बेचने की आड़ में इलाके में घूम-घूमकर बच्चों की रेकी कर रहा था। सतर्कता और लगातार प्रयास के बाद पुलिस ने दोनों बच्चों को सुरक्षित बरामद कर लिया और आरोपियों को हिरासत में ले लिया।
फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि कहीं इसके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ तो नहीं है। बच्चों की सकुशल बरामदगी से परिजनों ने राहत की सांस ली है। यह घटना बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज और अभिभावकों के लिए सतर्क रहने का गंभीर संदेश भी देती है।
















