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Mon, Oct 5, 2026Updated 8:45 PM IST
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मंडला: खेत में चारा काट रहे किसान पर जंगली सूअर ने पीछे से किया हमला, पूरे शरीर पर गहरे जख्म

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वंदे भारत न्यूज़, मंडला। मध्य प्रदेश के मंडला जिले में सोमवार को एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक किसान पर जंगली सूअर ने अचानक और बेहद खतरनाक हमला कर दिया। यह घटना मंडला जिले के गोंझी गांव में उस समय हुई, जब किसान अपने खेत में रोजमर्रा के कृषि कार्यों में व्यस्त था। हमले में घायल हुए किसान की पहचान अशोक वरकड़े के रूप में हुई है। जंगली सूअर के इस अचानक हुए हमले से ग्रामीण क्षेत्रों में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया है और किसानों में अपने खेतों में काम करने को लेकर भय पैदा हो गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार के दिन गोंझी गांव निवासी किसान अशोक वरकड़े अपने खेत में चारा काटने का काम कर रहे थे। वे पूरी तरह से अपने काम में मग्न थे और उन्हें इस बात की कोई भनक नहीं थी कि उनके ठीक पीछे एक जंगली सूअर आ पहुंचा है। स्रोतों के मुताबिक, जंगली सूअर ने अचानक पीछे से झपट्टा मारते हुए अशोक वरकड़े पर जोरदार हमला बोल दिया। सूअर के इस ताकतवर और अप्रत्याशित हमले से किसान संभल नहीं पाया और वह सीधे जमीन पर जा गिरा। जमीन पर गिरते ही जंगली सूअर ने उन पर लगातार वार किए, जिसके कारण किसान अशोक वरकड़े के पूरे शरीर पर गहरे जख्म हो गए।

सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर बताया जा रहा है कि जानवर ने किसान को इतनी बुरी तरह से घायल कर दिया कि उनके शरीर के विभिन्न हिस्सों पर गहरे घाव बन गए। खेत में अचानक हुई इस हिंसक घटना से आसपास काम कर रहे अन्य लोगों और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। हालांकि, स्रोत में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख नहीं है कि हमले के तुरंत बाद जंगली सूअर को किसान से किस प्रकार या किसने दूर किया, लेकिन इतना तय है कि इस खौफनाक हमले ने पीड़ित किसान को गंभीर रूप से घायल कर दिया।

मंडला जिला मुख्यालय से जुड़े गोंझी गांव की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां के खेत और कृषि योग्य भूमियां अक्सर जंगलों या वन्य क्षेत्रों से सटी होती हैं। यही कारण है कि समय-समय पर जंगली जानवरों का रिहायशी और कृषि क्षेत्रों में प्रवेश होता रहता है। जंगली सूअर स्वभाव से काफी आक्रामक माने जाते हैं, विशेषकर तब जब वे अचानक किसी इंसान के संपर्क में आते हैं या खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। अशोक वरकड़े के साथ हुई यह घटना इसी खतरे का एक ताजा और गंभीर उदाहरण है। किसान जब अपने खेतों में चारा काटने, फसल बुआई या कटाई जैसे कामों में लगे होते हैं, तो उनकी पूरी एकाग्रता काम पर होती है, ऐसे में पीछे से होने वाले किसी भी जंगली जानवर के हमले से बचना लगभग असंभव हो जाता है।

इस घटना के बाद गोंझी गांव और आसपास के इलाकों के किसानों में भारी चिंता देखी जा रही है। खेतों में काम करना किसानों की मजबूरी और जीवन का आधार है, लेकिन जंगली जानवरों के इस तरह के अचानक हमलों ने उनके लिए खेतों तक जाना जानलेवा जोखिम में बदल दिया है। स्रोत में घायल किसान अशोक वरकड़े को उपचार के लिए किस अस्पताल में भर्ती कराया गया है या उनकी वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति क्या है, इस बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है। इसके अलावा, वन विभाग या स्थानीय प्रशासन द्वारा इस घटना के बाद क्या कदम उठाए गए हैं, इसकी भी अभी तक कोई पुष्टि नहीं हुई है।

मध्य प्रदेश के मंडला जैसे आदिवासी बहुल और वनों से घिरे जिलों में जंगली जानवरों द्वारा किसानों पर हमले या फसलों को नुकसान पहुंचाने की समस्या कोई नई नहीं है। जंगली सूअर न केवल किसानों की खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचाते हैं, बल्कि कई बार इस तरह से सीधे इंसानों पर भी जानलेवा हमला कर देते हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और वन विभाग से यह उम्मीद की जाती है कि वे गोंझी गांव और उसके आसपास के क्षेत्रों में जंगली जानवरों की आवाजाही पर नियंत्रण रखने के लिए उचित और प्रभावी कदम उठाएं, ताकि भविष्य में किसी अन्य किसान या ग्रामीण के साथ ऐसी दुर्घटना न हो सके।

यह घटना इस बात की ओर भी ध्यान आकर्षित करती है कि ग्रामीण और कृषि क्षेत्रों में काम करने वाले किसानों को जंगली जानवरों से बचाव के लिए जागरूक करने और सुरक्षात्मक उपायों की आवश्यकता है। वंदे भारत न्यूज़ की ओर से इस मामले में अधिक जानकारी और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया प्राप्त करने का प्रयास जारी है। जैसे ही घायल किसान अशोक वरकड़े की स्वास्थ्य स्थिति या प्रशासन द्वारा उठाए गए कदमों की कोई पुष्ट जानकारी प्राप्त होगी, उसे समाचार में अपडेट किया जाएगा। फिलहाल, गोंझी गांव में इस घटना को लेकर ग्रामीणों में भय और चिंता का वातावरण बना हुआ है।