Wed, 07 Oct 202612:49 PM
Wed, Oct 7, 2026Updated 12:49 PM IST
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मंदसौर: PM आवास योजना की किस्त दिलाने के नाम पर रिश्वत लेते पंचायत का कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार, होटल में लोकायुक्त ने रंगे हाथों दबोचा

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मंदसौर। मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। लोकायुक्त की टीम ने सीतामऊ क्षेत्र में ग्राम पंचायत कयामपुर के कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक नाथ को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पर प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हितग्राही को मिलने वाली तीसरी किस्त जारी करवाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप है। इस मामले में मंगलवार शाम रूपनी चौराहा स्थित होटल रूद्राक्ष में छापेमारी करते हुए लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर को 6 हजार रुपये की नकद रिश्वत लेते हुए धर दबोचा। यह पूरी कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस द्वारा सुनियोजित तरीके से की गई, जिसमें शिकायतकर्ता की मदद से जाल बिछाया गया था।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह पूरा मामला मंदसौर जिले के सीतामऊ क्षेत्र का है। ग्राम पंचायत कयामपुर में पदस्थ कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक नाथ पर आरोप है कि उसने प्रधानमंत्री आवास योजना के एक लाभार्थी से योजना की तीसरी किस्त का भुगतान करवाने और संबंधित प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के बदले में 10 हजार रुपये की अवैध वसूली की मांग की थी। पीड़ित हितग्राही ने जब इस बात की शिकायत लोकायुक्त पुलिस से की, तो विभाग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संज्ञान लिया। शिकायत की प्रारंभिक जांच में आरोपों को सही पाए जाने के बाद लोकायुक्त की टीम ने जाल बिछाने की कार्यवाही शुरू की, ताकि आरोपी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा जा सके।

लोकायुक्त पुलिस ने शिकायतकर्ता के साथ मिलकर एक पुख्ता योजना तैयार की। इसके तहत आरोपी दीपक नाथ से मुलाकात का स्थान और समय तय किया गया। मंगलवार शाम को रूपनी चौराहा स्थित होटल रूद्राक्ष में दोनों पक्षों के बीच मुलाकात का कार्यक्रम बनाया गया। जैसे ही आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक नाथ ने शिकायतकर्ता से पहले से तय की गई राशि में से 6 हजार रुपये की रिश्वत ली, होटल में पहले से सादे कपड़ों में मौजूद लोकायुक्त पुलिस की टीम ने उसे दबोच लिया। टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी के पास से रिश्वत के 6 हजार रुपये बरामद कर लिए और उसे गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान लोकायुक्त की टीम ने सभी कानूनी औपचारिकताओं का पालन किया और सबूतों को सुरक्षित किया।

प्रधानमंत्री आवास योजना केंद्र सरकार की सबसे महत्वपूर्ण और लोकप्रिय योजनाओं में से एक है, जिसका उद्देश्य देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है। इस योजना के तहत लाभार्थियों को उनके मकान निर्माण के लिए कई किस्तों में आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। हालांकि, कई बार निचले स्तर पर काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी इन किस्तों को जारी करवाने या फाइलों को आगे बढ़ाने के नाम पर गरीब हितग्राहियों से अवैध वसूली करते हैं। मंदसौर के सीतामऊ क्षेत्र में सामने आए इस मामले ने एक बार फिर इस कड़वे सच को उजागर किया है कि कैसे सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचने से पहले ही बिचौलिए और भ्रष्ट कर्मचारी अपनी जेबें भरने में लग जाते हैं।

ग्राम पंचायत कयामपुर में कंप्यूटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत दीपक नाथ की गिरफ्तारी के बाद स्थानीय प्रशासन और पंचायती राज विभाग में भी हड़कंप मच गया है। लोकायुक्त पुलिस की इस सफल कार्रवाई से अन्य भ्रष्ट कर्मचारियों में भी खौफ पैदा होने की संभावना है, जो सरकारी योजनाओं में अवैध वसूली का धंधा चला रहे हैं। लोकायुक्त विभाग ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी सरकारी योजना का लाभ लेने के दौरान उनसे किसी भी प्रकार की रिश्वत या अवैध शुल्क की मांग की जाती है, तो वे तुरंत लोकायुक्त पुलिस से शिकायत दर्ज कराएं। विभाग द्वारा ऐसी शिकायतों पर गोपनीयता बरतते हुए त्वरित और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाती है।

आरोपी कंप्यूटर ऑपरेटर दीपक नाथ को गिरफ्तार करने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अब आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। यह जांच का विषय है कि क्या आरोपी ने इससे पहले भी अन्य हितग्राहियों से इसी तरह रिश्वत ली है या वह अकेले इस अवैध वसूली में शामिल था, या फिर इसमें अन्य लोगों की भी संलिप्तता है। लोकायुक्त पुलिस की टीम ने होटल रूद्राक्ष से बरामद किए गए 6 हजार रुपये की राशि को जब्त कर लिया है, जिसे न्यायालय में सबूत के तौर पर पेश किया जाएगा।

मंदसौर जिले में लोकायुक्त की इस ताजा कार्रवाई ने स्पष्ट संदेश दिया है कि भ्रष्टाचार के प्रति प्रशासन की नीति जीरो टॉलरेंस की है। सीतामऊ क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में इस गिरफ्तारी की खबर तेजी से फैल गई है और स्थानीय लोगों ने लोकायुक्त पुलिस की इस कार्रवाई का स्वागत किया है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ उन्हें बिना किसी परेशानी और अवैध वसूली के मिलना चाहिए। लोकायुक्त पुलिस ने आश्वासन दिया है कि ऐसे भ्रष्ट तत्वों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाया जाएगा और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।