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Thu, Oct 8, 2026Updated 7:42 AM IST
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मुजफ्फरपुर में STF और जिला पुलिस की संयुक्त कार्रवाई: हथियार के साथ सीवान का युवक गिरफ्तार, लॉ स्टूडेंट्स के हॉस्टल में सप्लाई का खुलासा

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मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में विशेष कार्यबल (STF) और जिला पुलिस ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई को अंजाम देते हुए अवैध हथियारों के साथ सीवान जिले के एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र के अंतर्गत की गई। प्रारंभिक पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि वह शहर में स्थित लॉ कॉलेज के छात्रों के हॉस्टल में हथियारों की सप्लाई करने का काम करता था। इस मामले में पूछताछ के दौरान एक लॉ स्टूडेंट का नाम भी सामने आया है, जिससे पुलिस की जांच अब शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों से जुड़े अपराधिक नेटवर्क की तरफ बढ़ गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बिहार एसटीएफ की विशेष टीम और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र में कुछ संदिग्ध गतिविधियां चल रही हैं और अवैध हथियारों का कारोबार किया जा रहा है। इस सूचना के आधार पर दोनों एजेंसियों ने एक संयुक्त अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने भिखनपुरा थाना क्षेत्र के महाराणा प्रताप नगर कॉलोनी में दबिश दी। यहां एक किराए के कमरे में रह रहे युवक को हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान उसके पास से अवैध हथियार बरामद किए गए। पकड़ा गया युवक मूल रूप से बिहार के सीवान जिले का रहने वाला है, लेकिन वह मुजफ्फरपुर के भिखनपुरा इलाके में किराए के मकान में रहकर अपना काम कर रहा था।

गिरफ्तारी के बाद जब एसटीएफ और जिला पुलिस की टीम ने आरोपी युवक से सख्ती से पूछताछ शुरू की, तो उसने कई अहम जानकारियां साझा कीं। आरोपी ने पूछताछ में स्वीकार किया कि वह मुजफ्फरपुर में विभिन्न हॉस्टलों, विशेषकर लॉ स्टूडेंट्स के छात्रावासों में हथियारों की सप्लाई करता था। उसने पूछताछ के दौरान एक लॉ स्टूडेंट का नाम भी लिया है, जिसके जरिए या जिसके लिए वह हथियारों की आपूर्ति करता था। हालांकि, अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं हो पाई है कि उक्त लॉ स्टूडेंट इस हथियार तस्करी के नेटवर्क में किस भूमिका में शामिल था या वह केवल खरीदार था। पुलिस ने इस संबंध में अनिश्चितता बरकरार रखी है और फिलहाल मामले की गहराई से जांच जारी है।

यह घटना मुजफ्फरपुर जैसे शहर के लिए बेहद चिंताजनक मानी जा रही है, जहां कई प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय, कॉलेज और कोचिंग संस्थान संचालित हैं। शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों तक अवैध हथियारों की पहुंच होना सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक गंभीर चुनौती है। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं हो सकता है। सीवान से मुजफ्फरपुर तक हथियारों की सप्लाई का यह रूट किसके द्वारा संचालित किया जा रहा था और इसके पीछे कौन सा बड़ा गिरोह सक्रिय है, इसका पता लगाने के लिए एसटीएफ और जिला पुलिस की टीमें संयुक्त रूप से काम कर रही हैं।

भिखनपुरा के महाराणा प्रताप नगर कॉलोनी में जिस किराए के कमरे से आरोपी को पकड़ा गया, वहां से पुलिस ने अन्य सबूत भी खंगाले हैं। किराए के कमरे में रहकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देने का तरीका अपराधियों द्वारा अक्सर अपनाया जाता है ताकि वे पुलिस की नजरों से बचे रह सकें। लेकिन एसटीएफ की सटीक इनपुट और जिला पुलिस के समन्वय ने इस बार उनके मंसूबों पर पानी फेर दिया। कच्ची-पक्की ओपी क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा एजेंसियों के प्रति विश्वास बढ़ा है, वहीं हॉस्टलों में रहने वाले छात्रों और उनके अभिभावकों में चिंता का माहौल है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तार सीवान के युवक से लगातार पूछताछ की जा रही है। उससे यह जानने का प्रयास किया जा रहा है कि हथियारों की खेप कहां से लाई जाती थी, इसे हॉस्टलों तक पहुंचाने का क्या तरीका अपनाया जाता था और इस धंधे में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। जिस लॉ स्टूडेंट का नाम पूछताछ में सामने आया है, पुलिस उसकी तलाश और उससे जुड़ी हर जानकारी खंगालने में जुटी है। यह स्पष्ट नहीं है कि उक्त छात्र वर्तमान में मुजफ्फरपुर में मौजूद है या किसी अन्य स्थान पर चला गया है।

बिहार में अवैध हथियारों की तस्करी हमेशा से सुरक्षा बलों के लिए एक बड़ी समस्या रही है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन शिक्षण संस्थानों और छात्रावासों को निशाना बनाकर हथियारों की सप्लाई का मामला अपराध की नई और खतरनाक प्रवृत्ति को दर्शाता है। मुजफ्फरपुर पुलिस और एसटीएफ की इस संयुक्त कार्रवाई ने इस नेटवर्क की पहली कड़ी को तोड़ने का काम किया है।

वहीं, वंदे भारत न्यूज़ के संवाददाता के अनुसार, पुलिस प्रशासन ने अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी करके पूरी डिटेल सार्वजनिक नहीं की है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की प्रक्रिया चल रही है। पुलिस अधीक्षक और एसटीएफ के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले की मॉनिटरिंग कर रहे हैं। आने वाले दिनों में इस पूरे नेटवर्क से जुड़े और भी लोगों की गिरफ्तारी होने की संभावना जताई जा रही है। मुजफ्फरपुर के सभी हॉस्टलों और किराए के आवासों की जांच तेज किए जाने की भी चर्चा है, ताकि ऐसे अपराधिक तत्वों की पहचान समय रहते की जा सके।