मुजफ्फरपुर: मंदिर में 80 वर्षीय महंत महावीर दास की संदिग्ध मौत, अंदर से बंद कमरे में फर्श पर पड़ा मिला शव

मुजफ्फरपुर। बिहार के मुजफ्फरपुर जिले में सिकंदरपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत बुधवार सुबह एक मंदिर के महंत की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बालूघाट रोड स्थित मंदिर परिसर में 80 वर्षीय महंत महावीर दास का शव फर्श पर पड़ा पाया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस कमरे में महंत का शव मिला, वह अंदर से बंद था। घटनास्थल पर मौजूद लोगों और पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मृतक महंत के मुंह से झाग निकल रहा था, जिससे मौत के कारणों को लेकर संदेह गहरा गया है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में ले लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
यह घटना बुधवार सुबह उस समय प्रकाश में आई जब मंदिर परिसर में नियमित रूप से पूजा-पाठ और अन्य धार्मिक कार्यों के लिए लोग पहुंचे। स्थानीय श्रद्धालुओं और मंदिर से जुड़े लोगों ने देखा कि महंत महावीर दास अपने कमरे से बाहर नहीं आए हैं और न ही सुबह की प्रार्थना के लिए उपस्थित हुए हैं। इस असामान्य स्थिति को देखते हुए जब लोगों ने कमरे का दरवाजा खोलने का प्रयास किया, तो पाया गया कि दरवाजा अंदर से बंद है। इसके बाद किसी तरह दरवाजा खोला गया या तोड़ा गया, तब अंदर फर्श पर महंत का निष्प्राण शरीर पड़ा मिला। शव की स्थिति और मुंह से निकल रहे झाग ने मौके पर मौजूद सभी लोगों को स्तब्ध कर दिया और तुरंत इसकी सूचना सिकंदरपुर थाना पुलिस को दी गई।
सूचना मिलते ही सिकंदरपुर थाने की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने मौके का मुआयना किया और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। चूंकि कमरा अंदर से बंद था और शव पर किसी प्रकार के बाहरी हमले या संघर्ष के स्पष्ट निशान अभी तक सार्वजनिक रूप से पुष्टि नहीं किए गए हैं, इसलिए पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। मुंह से झाग निकलना कई बार विषाक्त पदार्थ के सेवन, तीव्र हृदय संबंधी समस्या, मिर्गी के दौरे या अन्य चिकित्सकीय आपात स्थितियों का संकेत हो सकता है, लेकिन बिना पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के मौत के सटीक कारण का निर्धारण करना संभव नहीं है। पुलिस ने इस बात की भी जांच शुरू कर दी है कि क्या कमरे में कोई ऐसी वस्तु या पदार्थ मिला है जो मौत के कारणों की ओर इशारा कर सके।
महंत महावीर दास की उम्र लगभग 80 वर्ष थी और वे काफी समय से बालूघाट रोड स्थित इस मंदिर से जुड़े हुए थे। स्थानीय समुदाय में उनकी पहचान एक धार्मिक व्यक्ति के रूप में थी। उनकी अचानक और संदिग्ध मौत से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में शोक एवं असमंजस का माहौल है। मंदिर से जुड़े लोग और स्थानीय निवासी यह जानने को चिंतित हैं कि आखिरकार कमरा अंदर से कैसे बंद था और महंत की मृत्यु प्राकृतिक थी या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी पारदर्शिता और वैज्ञानिक तरीके से की जाएगी ताकि मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
फोरेंसिक टीम द्वारा मौके से साक्ष्य एकत्र किए जाने और शव के पोस्टमॉर्टम के बाद ही मौत के कारणों की आधिकारिक पुष्टि हो सकेगी। पुलिस इस बात की भी छानबीन कर रही है कि मंगलवार रात से बुधवार सुबह तक मंदिर परिसर में कोई असामान्य गतिविधि हुई थी या नहीं। साथ ही, यह भी देखा जा रहा है कि क्या महंत किसी बीमारी से पीड़ित थे या हाल ही में उन्होंने कोई दवा ली थी। इन सभी बिंदुओं पर परिवारजनों, मंदिर कर्मियों और स्थानीय लोगों से पूछताछ की जा रही है।
मुजफ्फरपुर में पिछले कुछ समय में धार्मिक स्थलों या बुजुर्गों से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां मौत के कारण शुरू में अस्पष्ट रहे और बाद में जांच में विभिन्न तथ्य उजागर हुए। इसलिए, प्रशासन और पुलिस इस मामले में किसी भी प्रकार की जल्दबाजी से बचते हुए ठोस सबूतों के आधार पर निष्कर्ष तक पहुंचना चाहते हैं। फिलहाल, शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट आने के बाद ही अगली कार्रवाई तय की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और जांच प्रक्रिया में सहयोग करें। यदि किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई महत्वपूर्ण जानकारी है, तो वे सिकंदरपुर थाना पुलिस को अवगत करा सकते हैं।
यह मामला अब पुलिस की प्राथमिकता में है और उम्मीद है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट तथा फोरेंसिक विश्लेषण के बाद मौत की गुत्थी सुलझ जाएगी। तब तक, महंत महावीर दास की संदिग्ध मौत का मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और प्रशासनिक तथा पुलिस एजेंसियां सत्यता तक पहुंचने के लिए सक्रियता से कार्य कर रही हैं।

