रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा और अन्य भाजपा नेताओं पर करारा हमला बोलते हुए उन्हें “झूठ बोलने की मशीन” तथा झारखंड की जमीन और राजनीति को न समझने वाला करार दिया है। JMM के केंद्रीय महासचिव एवं प्रवक्ता विनोद पांडे ने प्रेस बयान जारी कर घुसपैठ, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार पर लगाए गए भाजपा के आरोपों को सिरे से खारिज किया।
“संथाल की अस्मिता से खिलवाड़ बंद करें” – JMM
विनोद पांडे ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक फायदे के लिए “घुसपैठ” का मुद्दा उछालकर संथाल परगना की पहचान और संस्कृति को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।पांडे ने सवाल उठाया –“भाजपा बताए, 18 साल केंद्र में रहने के बावजूद घुसपैठ रोकने के लिए क्या किया?”उन्होंने कहा कि संथाल की अस्मिता को सबसे बड़ा खतरा भाजपा की “विभाजनकारी राजनीति” से है, न कि किसी कथित घुसपैठ से।
कानून-व्यवस्था पर बयान मानसिक दिवालियापन : JMM
कानून-व्यवस्था को लेकर भाजपा के आरोपों पर पांडे ने कहा कि झारखंड में अपराध दर राष्ट्रीय औसत से कम है और नड्डा को “डेटा पढ़कर बोलने” की सलाह दी।उन्होंने याद दिलाया कि—“भाजपा शासन में ही झारखंड ने सबसे अधिक नक्सल हिंसा और आर्थिक अपराध झेले थे।”पांडे के अनुसार, जिस पार्टी ने राज्य को नक्सल संकट में झोंक दिया, वह अब कानून-व्यवस्था पर ज्ञान दे रही है।
भ्रष्टाचार पर भाजपा को आईना दिखाया
ठेकेदारों से वसूली के आरोपों पर JMM ने भाजपा पर तीखा कटाक्ष किया।पांडे ने कहा कि देश में सबसे ज्यादा चर्चा “ईडी–भाजपा कनेक्शन” की है, इसलिए भाजपा को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले खुद को आईना देखना चाहिए।उन्होंने कहा कि JMM सरकार की पारदर्शिता इसी से साबित है कि भ्रष्टाचार के मामलों में “एक भी अधिकारी को सरकार ने बचाने की कोशिश नहीं की।”
“विकास पर भाजपा सिर्फ रिबन काटती है”
JMM प्रवक्ता ने कहा कि भाजपा उन परियोजनाओं का श्रेय ले रही है, जिनकी स्वीकृति UPA सरकारों ने दी थी।उन्होंने आरोप लगाया—“AIIMS से लेकर मेडिकल कॉलेज तक, काम किसी और का होता है और श्रेय लेने भाजपा दौड़कर आती है।”
भाजपा नेताओं को JMM की खुली चुनौती
अंत में पांडे ने भाजपा नेताओं को चुनौती दी कि वे संथाल, कोल्हान और पलामू के गांवों का दौरा कर देखें।उन्होंने कहा—“तभी पता चलेगा कि लोग किसकी नीतियों से खुश हैं और किससे नाराज़।”झारखंड की राजनीतिक गर्माहट एक बार फिर बढ़ गई है, और आने वाले दिनों में JMM–भाजपा के बीच टकराव और तीखा होने के संकेत मिल रहे हैं।















