Navratri Fasting Health Tips; Diet Plan Mistakes Avoid

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6 घंटे पहले

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नवरात्रि ‘शक्ति’ की उपासना का त्योहार है। ये 9 दिनों तक चलता है। नवरात्रि व्रत में कई लोग श्रद्धा और उत्साह में अपनी सेहत को नजरअंदाज कर देते हैं। इस दौरान पूरे दिन भूखे रहने और फिर शाम को तला-भुना फलाहार लेने से शरीर का मेटाबॉलिज्म बिगड़ सकता है।

इससे न केवल वजन बढ़ता है, बल्कि एसिडिटी, कमजोरी और लो-बीपी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। हालांकि सही प्लानिंग से व्रत रखने पर आध्यात्मिक शांति के साथ वेट लॉस और बॉडी डिटॉक्स में भी मदद मिलती है।

इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज जानेंगे कि नवरात्रि व्रत में सेहतमंद कैसे रहें। साथ ही जानेंगे कि-

  • इस दौरान किन गलतियों से बचना चाहिए?
  • नवरात्रि व्रत में क्या खाएं-पिएं?

एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, सीनियर क्लीनिकल डाइटीशियन, फाउंडर- ‘वनडाइटटुडे’

सवाल- व्रत में एनर्जेटिक रहने के लिए क्या करें?

जवाब- इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है, पॉइंटर्स से समझिए-

  • व्रत की थाली में प्रोटीन (पनीर, दही) और फाइबर (सेब, खीरा) की मात्रा बढ़ाएं। इससे सैटायटी हॉर्मोन (संतुष्टि का हॉर्मोन) रिलीज होता है।
  • कॉम्प्लेक्स कार्ब्स (कुट्टू, राजगिरा का आटा) लें, ये धीरे-धीरे ग्लूकोज रिलीज करते हैं, जिससे देर तक स्टैमिना बना रहता है।
  • नारियल पानी या छाछ लें, ये हाइड्रेशन में सपोर्ट करते हैं।
  • नियमित हल्की एक्सरसाइज करें। इससे ब्लड सर्कुलेशन और बॉडी में ऑक्सीजन लेवल मेंटेंन रहता है।
  • ताजे फल खाएं, इसमें मौजूद माइक्रोन्यूट्रिएंट्स न्यूरोलॉजिकल फंक्शन को सपोर्ट करते हैं।
  • इससे बॉडी में एनर्जी लेवल मेंटेन रहेगा।

सवाल- व्रत में अच्छी हेल्थ के लिए किन बातों का खास ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- इसके लिए दो मील के बीच लंबा गैप न रखें, छोटे-छोटे अंतराल पर हल्का फलाहार लें। पोर्शन कंट्रोल रखें, ओवरईटिंग से बचें।

व्रत में और किन बातों का ध्यान रखना चाहिए, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर व्रत के दौरान ज्यादा कमजोरी महसूस हो तो क्या करें?

जवाब- अगर कमजोरी महसूस हो तो-

  • कुछ देर आराम करें, कहीं बैठ जाएं, ताकि चक्कर आने पर गिरने का जोखिम न हो।
  • फल, दही या क्विक एनर्जी देने वाले फूड्स लें।
  • इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस के लिए नारियल पानी या नींबू पानी लें।
  • लंबे समय से भूखे हैं तो हल्का, सुपाच्य फलाहार लें।
  • हल्की वॉक या डीप ब्रीदिंग करें।
  • अगर लगातार कमजोरी, घबराहट महसूस हो तो डॉक्टर से सलाह लें।

सवाल- व्रत के दौरान हेल्थ से जुड़ी कौन-कौन सी समस्याएं हो सकती हैं?

जवाब- व्रत के दौरान खानपान और रूटीन की छोटी-छोटी गलतियां भी शरीर पर भारी पड़ सकती हैं। ग्राफिक में देखिए, इससे होने वाली सभी कॉमन समस्याएं-

सवाल- व्रत में ज्यादा फ्राइड फूड खाना क्यों नुकसानदायक है?

जवाब- डीप फ्राई करने से फूड में ट्रांस फैट और सैचुरेटेड फैट की मात्रा बढ़ सकती है। इससे ये नुकसान हो सकते हैं-

  • हाई-फैट डाइट को पचाने में ज्यादा मेहनत और समय लगता है, जिससे भारीपन महसूस हो सकता है।
  • डीप फ्राई फूड में फ्री रेडिकल्स हो सकते हैं, जिससे ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस बढ़ सकता है।
  • फ्राइड स्नैक्स में कैलोरी डेंसिटी ज्यादा होती है, जिससे एनर्जी इंबैलेंस हो सकती है।
  • इससे लिपिड प्रोफाइल (कोलेस्ट्रोल) और इंसुलिन सेंसिटिविटी पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

सवाल- व्रत के दौरान कमजोरी या लो BP के क्या संकेत हैं?

जवाब- व्रत के दौरान खाने में लंबा गैप रखने, कम लिक्विड लेने से कुछ लोगों में लो ब्लड प्रेशर या कमजोरी के लक्षण दिख सकते हैं। इन्हें सामान्य थकान समझकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं होता। ग्राफिक में देखिए सभी रिस्क-

सवाल- व्रत में डिहाइड्रेशन से बचने के लिए कितना पानी पीना चाहिए?

जवाब- सामान्य दिनों की तुलना में व्रत के दौरान पानी की जरूरत बढ़ सकती है, क्योंकि व्रत की डाइट अलग होती है।

  • इन दिनों मौसम थोड़ा गर्म है, ऐसे में पसीना या फिजिकल एक्टिविटी बढ़ने पर पानी की जरूरत भी बढ़ सकती है।
  • एक बार में ज्यादा पानी पीने की बजाय दिनभर सिप-सिप करके पीना बेहतर रहता है।
  • मुंह सूखना, सिर भारी लगना या थकान डिहाइड्रेशन के शुरुआती संकेत हो सकते हैं।
  • तरबूज, खीरा जैसे वाटर-रिच फूड्स भी फ्लूड बैलेंस में मदद करते हैं।
  • बहुत कम फ्लूइड लेने से ब्लड प्रेशर लो हो सकता है।

सवाल- क्या सिर्फ सादा पानी काफी है या इलेक्ट्रोलाइट्स भी जरूरी हैं?

जवाब- पानी शरीर का फ्लूइड लेवल बनाए रखता है, लेकिन मिनरल बैलेंस भी जरूरी होता है।

  • सोडियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम कोशिकाओं के बीच सिग्नल ट्रांसमिशन में मदद करते हैं।
  • लंबे समय तक खाली पेट रहने से इलेक्ट्रोलाइट असंतुलन का जोखिम बढ़ सकता है।
  • नारियल पानी या हल्का नमक-नींबू घोल इस कमी को संतुलित कर सकता है।
  • इलेक्ट्रोलाइट्स मसल क्रैम्प और अचानक थकान से बचाव में सहायक होते हैं।
  • बहुत ज्यादा मीठे पैकेज्ड ड्रिंक्स लेने से ग्लूकोज स्पाइक हो सकता है।

सवाल- नवरात्रि व्रत के दौरान लोग अक्सर क्या गलतियां करते हैं?

जवाब- नवरात्रि व्रत में लोग कुछ कॉमन गलतियां करते हैं-

  • लंबे समय तक भूखे रहने के बाद एक साथ ज्यादा खाना।
  • फ्राइड स्नैक्स और हाई-कैलोरी मिठाइयां ज्यादा खाना।
  • कम पानी पीना या सिर्फ प्यास लगने पर पानी पीना।
  • ज्यादा चाय-कॉफी लेना।
  • व्रत की थाली में प्रोटीन और फाइबर न रखना।
  • नींद पूरी न करना।

सभी कॉमन गलतियां ग्राफिक में देखिए-

सवाल- व्रत के दौरान काम और रेस्ट का शेड्यूल कैसा होना चाहिए?

जवाब- दिन की शुरुआत हल्के कामों से करें, ताकि शुरुआती ऊर्जा का सही इस्तेमाल हो सके।

  • हाई-इंटेंसिटी एक्सरसाइज या हैवी फिजिकल एक्टिविटी को सीमित रखना बेहतर रहता है।
  • ब्रेन-इंटेंसिव काम करते समय छोटे छोटे-छोटे ब्रेक लेने से फोकस बना रहता है।
  • दोपहर में 15-20 मिनट का शॉर्ट रेस्ट न्यूरो-मस्कुलर रिकवरी में मदद करता है।
  • स्क्रीन टाइम ज्यादा होने से थकान और डिहाइड्रेशन महसूस हो सकता है।

सवाल- किन लोगों को नवरात्रि व्रत में खासतौर पर सावधानी बरतनी चाहिए?

जवाब- कुछ लोगों को नवरात्रि व्रत में खास सावधानी बरतनी चाहिए-

  • टाइप-2 डायबिटिक लोगों में ग्लाइसेमिक कंट्रोल बिगड़ने का रिस्क होता है।
  • हाइपरटेंशन मरीजों में सोडियम-फ्लूइड असंतुलन से BP में उतार-चढ़ाव हो सकता है।
  • थायरॉइड या हाॅर्मोनल डिसऑर्डर में मेटाबॉलिक रेट प्रभावित हो सकता है।
  • गैस्ट्रिक अल्सर या एसिडिटी वालों में लंबे गैप से लक्षण बढ़ सकते हैं।
  • एथलीट या बहुत एक्टिव लोगों को अतिरिक्त कैलोरी और मिनरल्स की जरूरत होती है।
  • बुजुर्गों को प्यास का एहसास कम होने से डिहाइड्रेशन जल्दी हो सकता है।
  • किसी भी क्रॉनिक डिजीज से पीड़ित लोगों को फास्टिंग से पहले डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।

……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- नवरात्रि व्रत की 10 कॉमन गलतियां: डाइटीशियन से जानें इसके नुकसान, किन बातों का रखें ध्यान, क्या हैं हेल्दी ऑप्शन

नवरात्रि का व्रत मेटाबॉलिज्म और बॉडी क्लॉक को रीसेट करने का एक मौका होता है। 9 दिन का लंबा व्रत एक तरह से बॉडी क्लीजिंग का काम करता है। लेकिन कई बार लोग व्रत रखते समय कुछ ऐसी कॉमन गलतियां कर बैठते हैं, जो फायदा पहुंचाने की बजाय सेहत पर उल्टा असर भी डाल सकती हैं। आगे पढ़िए…

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