Nepal General Election 2026 Ground Report

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नेपाल की राजधानी काठमांडू का थामेल एरिया विदेशी टूरिस्ट्स की पहली पसंद है। सबसे मशहूर बार-पब यहीं हैं। पार्टी करने के शौकीन थामेल ही आते हैं। शाम के वक्त ये जगह जगमगाती लाइटों से गुलजार रहती है। यहां स्पा सेंटर के नाम पर जिस्मफरोशी का धंधा चलता है। ल

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नेपाल में 5 मार्च को चुनाव हैं। थामेल में भी इसका असर साफ दिखता है। सड़कों पर बाइक रैलियां निकल रही हैं। अलग-अलग पार्टियों के लोग नारेबाजी करते गुजरते हैं। नारे गूंज रहे हैं- अबकी बार बालेन सरकार। सड़कों पर पार्टियों के बैनर-पोस्टर से सजीं गाड़ियां दौड़ रही हैं। चुनाव ड्यूटी में लगे पुलिस के जवान गश्त कर रहे हैं। चुनाव की वजह से ज्यादातर दुकानें बंद हैं, इसीलिए भीड़ भी कम है।

थामेल में मार्च में दुनियाभर से टूरिस्ट आते हैं। इस बार यहां सन्नाटा है। चुनाव के अलावा ईरान-इजराइल जंग का भी असर है।

थामेल में मार्च में दुनियाभर से टूरिस्ट आते हैं। इस बार यहां सन्नाटा है। चुनाव के अलावा ईरान-इजराइल जंग का भी असर है।

चुनाव की कवरेज के दौरान हम थामेल पहुंचे। यहां पब और रेस्टोरेंट वालों, व्यापारियों और रिटेल शॉप चलाने वालों से चुनाव, उनके मुद्दों और सरकार बदलने वाले Gen Z प्रोटेस्ट पर बात की।

चुनाव में पुलिस गश्त बढ़ी, एजेंट गायब, 10-12 दिन से धंधा बंद थामेल नेपाल का सबसे बड़ा मार्केट और काठमांडू का सबसे महंगा एरिया है। यहां छोटी दुकानों का किराया 70-80 हजार से 3 लाख रुपए तक है। यहां नाइट लाइफ, बड़े होटल, बजट होटल, रेस्टोरेंट सब हैं। इसीलिए नेपाल आने वाले टूरिस्ट यहां जरूर आते हैं।

टूरिज्म का अच्छा सीजन मार्च, अप्रैल, मई में होता है। फिर सितंबर, अक्टूबर, नवंबर में ट्रैकिंग के लिए बढ़िया वक्त है। ऑफ-सीजन में भी यहां काफी लोग आते हैं। इस इलाके में काफी स्पा सेंटर हैं। लोग बताते हैं कि थामेल में पिछले कुछ साल से स्पा सेंटर के नाम पर सेक्स वर्क चल रहा है।

रात के 10 बजते ही मार्केट बंद होने लगता है और सड़कों पर एजेंट घूमने लगते हैं। हमने यहां के व्यापारियों से सेक्स वर्क पर बात की, तो कैमरे पर कुछ भी कहने से बचते रहे। हालांकि कैमरा बंद करते ही मानते हैं कि रात में यहां सेक्स वर्क होता है।

बिहार से आए मोहम्मद वसीम अकरम 2017 से थामेल में रह रहे हैं। उनका नेपाली हैंडमेड आइटम एक्सपोर्ट का बिजनेस है। वसीम भी इस पर खुलकर बात नहीं करते। वे कहते हैं कि रात में सेक्स वर्क जैसी चीजों के बारे में मुझे पता नहीं है। मैं 9-10 बजे तक दुकान बंद कर देता हूं। क्लब खुले रहते हैं, लोग जाते हैं, लेकिन वहां क्या होता है, मैं नहीं जानता।

एक कारोबारी अग्नि ढकाल मानते हैं कि हर अच्छी जगह कुछ खराब चीजें होती हैं। वे कहते हैं, ‘कानूनी और गैरकानूनी दोनों तरह की बातें कहीं भी हो सकती हैं। सिर्फ थामेल को गलत ठहराना सही नहीं है। कुछ लोग बातें बढ़ा-चढ़ाकर कहते हैं, लेकिन मैं इसे पूरी तरह गलत नहीं कह सकता और न ही पूरी तरह सही।’

एक व्यापारी ऑफ द रिकॉर्ड बताते हैं कि सेक्स वर्क होता जरूर है, लेकिन चुनाव में सख्ती और पुलिस की गश्ती की वजह से बीते 10-12 दिन से सब बंद है। वे कहते हैं, ‘लड़कियां चुनाव में घर गई हैं। पुलिस की सख्ती की वजह से एजेंट भी रिस्क नहीं लेना चाहते। इसीलिए सब बंद है। चुनाव बाद फिर शुरू हो जाएगा।’

Gen Z प्रोटेस्ट के बाद नेपाल में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। कोई गड़बड़ न हो, इसलिए सेना और पुलिस के जवान गलियों में गश्त कर रहे हैं।

Gen Z प्रोटेस्ट के बाद नेपाल में पहली बार चुनाव हो रहे हैं। कोई गड़बड़ न हो, इसलिए सेना और पुलिस के जवान गलियों में गश्त कर रहे हैं।

थामेल में पूर्व मेयर बालेन शाह का अच्छा समर्थन काठमांडू में 2 मार्च को होली मनाई गई। थामेल में भी टूरिस्ट, व्यापारी और आम लोग होली के रंगों में रंगे थे। होली खेल रहे नौजवानों का एक ग्रुप राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के मुखिया बालेन शाह के समर्थन में नारे लगा रहा था- अबकी बार बालेन सरकार। उन्हें देखकर कुछ दुकानदार समर्थन में तालियां बजाने लगे।

काठमांडू के मेयर रह चुके बालेन शाह का थामेल में अच्छा समर्थन दिखाई पड़ता है। हालांकि नेताओं का नाम लेकर बात करने पर लोग बचते हैं। इशारों में मन की बात जरूर कह जाते हैं। नेपाल में Gen Z प्रोटेस्ट के बाद से लोग राजनीति पर खुलकर बात नहीं करते। नेपाल में बीते साल 8-9 सितंबर को Gen Z प्रोटेस्ट हुआ था। इसके बाद प्रधानमंत्री केपी ओली और उनके मंत्रियों को इस्तीफा देना पड़ा। तभी से सुशीला कार्की देश की अंतरिम प्रधानमंत्री हैं।

थामेल की गलियों में पार्टियों को प्रचार करने वाली गाड़ियां घूम रही हैं। नेपाल में 5 मार्च को वोटिंग होनी है।

थामेल की गलियों में पार्टियों को प्रचार करने वाली गाड़ियां घूम रही हैं। नेपाल में 5 मार्च को वोटिंग होनी है।

लोग बोले- Gen Z की सरकार आने वाली है 50 साल के शंकर खनाल पत्नी और बेटे के साथ 31 साल से थामेल में हैंडीक्राफ्ट का बिजनेस कर रहे हैं। उनकी बातों में नई पीढ़ी के लिए उम्मीद और पुराने सिस्टम के लिए गुस्सा साफ दिखता है। वे कहते हैं कि Gen Z प्रोटेस्ट के बाद कारोबार में बहुत सुधार नहीं दिखा, लेकिन करप्शन, हेल्थ और एजुकेशन पर युवाओं की मांगें ठीक हैं।

शंकर Gen Z प्रोटेस्ट का चेहरा बने बालेन शाह का नाम नहीं लेते, लेकिन मानते हैं कि नेपाल में अब Gen Z की सरकार आने वाली है। वे कहते हैं-

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उम्मीद है कि चुनाव के बाद चीजें बदलेंगी। अगर नई सरकार युवाओं की मांगों को समझकर काम करेगी, भ्रष्टाचार रोकेगी, शिक्षा और स्वास्थ्य में सुधार करेगी, तो सब ठीक हो सकता है।

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‘पुराने लोग हटें, सरकार में नए लोग आएं’ 24 साल के कविराज थामेल में रिटेल शॉप चलाते हैं। वे कहते हैं कि अभी बिजनेस ठीक नहीं है। इलेक्शन की वजह से बहुत लोग गांव चले गए हैं। कविराज बताते हैं कि प्रोटेस्ट की वजह से टूरिज्म पर असर पड़ा था। वे कहते हैं, ‘प्रोटेस्ट के बाद टूरिस्ट आधे रह गए थे। अभी होली है, लेकिन पहले जैसी भीड़ नहीं है। पहले यहां पैर रखने की जगह नहीं होती थी। कॉन्सर्ट होते थे। अब वैसा माहौल नहीं है।’

बालेन शाह पर भी राय बंटी, लोग बोले- हल्ला मचाने से देश नहीं चलता ऐसा नहीं है कि थामेल के मार्केट में सिर्फ बालेन शाह के सपोर्टर हैं। ऐसे भी लोग हैं, जो मानते हैं कि सिस्टम बदलने की जरूरत है, लेकिन स्थिरता न हो, तो सभी का नुकसान है।

30 साल से थामेल में दुकान चला रहे अग्नि ढकाल चुनाव में पॉलिटिकल स्टेबिलिटी को जरूरी मानते हैं। वे कहते हैं कि पॉलिटिकल करप्शन को रोकना होगा। अगर करप्शन बंद नहीं होगा, तो कोई भी पार्टी आ जाए, खास फर्क नहीं पड़ेगा। अग्नि बिना नाम लिए बालेन शाह से असहमति जताते हैं।

वे कहते हैं, ‘युवाओं के आंदोलन का फायदा लेने के लिए अब कई लोग आगे आ रहे हैं। कुछ पार्टियां उस समय आंदोलन का हिस्सा नहीं थीं, लेकिन अब फायदा लेने की कोशिश कर रही हैं। लोग कई बार झूठी बातें करते हैं।’

टूरिज्म का सीजन, लेकिन इजराइल-ईरान युद्ध का असर शॉल बनाने वाली फैक्ट्री के मालिक बोयेसरा सिटोला भी मानते हैं कि अभी बिजनेस अच्छा नहीं चल रहा। वे कहते हैं कि चुनाव का माहौल है। इजराइल-ईरान-अमेरिका के बीच युद्ध चल रहा है। इसका असर भी पड़ा है। इस समय सीजन होता है और टूरिस्ट आने चाहिए, लेकिन टूरिस्ट कम हो गए हैं।

बोयेसरा कहते हैं, ‘प्रोटेस्ट की शुरुआत में बिजनेस बहुत कमजोर था। बाद में हालात थोड़े ठीक हुए। काम बेहतर चलने लगा। अभी काम कम है, लेकिन चुनाव के बाद बिजनेस ठीक होने की उम्मीद है। यहां के लोग शांति चाहते हैं। अगर देश में शांति और राजनीतिक स्थिरता होगी, तो टूरिस्ट बढ़ेंगे और बिजनेस अच्छा होगा। नई पीढ़ी और सरकार से उम्मीद है कि देश में शांति लाएंगे और करप्शन कम करेंगे।’

लोकेंद्र बहादुर 26 साल से आर्ट का बिजनेस करते हैं। वे युवाओं के आंदोलन से खुश हैं। कहते हैं कि युवा आगे आएंगे और करप्शन नहीं होगा तो अच्छा रहेगा। दुनिया देख रही है कि नई पीढ़ी सामने आई है। लगता है कि चुनाव के बाद स्थिति बेहतर होगी। पढ़े-लिखे लोग आएंगे तो अच्छे नीति-नियम बनाएंगे। अच्छे नियम होंगे तो बिजनेस भी अपने-आप सुधरेगा।

चुनाव पर टूरिज्म और होटल वाले क्या बोले कुमार गौतम 16 साल से थामेल में हॉस्टल और ट्रैकिंग कंपनी चलाते हैं। वे बताते हैं कि पिछले कुछ साल में बिजनेस में उतार-चढ़ाव रहा है। प्रोटेस्ट के वक्त हालत बहुत खराब थी। अब बेहतर है। चुनाव के बाद जो भी पार्टी आए, टूरिज्म के लिए काम करे।

कुमार आगे कहते हैं, ‘नेपाल की सबसे बड़ी ताकत टूरिज्म है। यहां हिमालय है, राफ्टिंग है, बहुत सारी एडवेंचर एक्टिविटीज हैं। हिंदुओं के लिए सबसे बड़ा मंदिर पशुपतिनाथ है। बुद्ध का जन्मस्थान भी यहीं है। अगर सरकार इन रिसोर्सेज की अच्छी मार्केटिंग करे, तो और ज्यादा टूरिस्ट आएंगे। लोग नई पार्टी के लिए सोच रहे हैं। बहुत साल से पुरानी पार्टियां मिलकर काम कर रही हैं। अगर पढ़े-लिखे नए लोग राजनीति में आएंगे, तो कुछ अच्छा बदलाव जरूर होगा।’

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चुनाव में कहां गायब हैं सरकार गिराने वाले GenZ लीडर

नेपाल में हुए Gen Z प्रोटेस्ट के बड़े चेहरों में से एक टंका धामी आने वाले चुनाव को लेकर उत्साहित हैं। वे मानते हैं कि प्रोटेस्ट ने चुनाव में पॉलिटिकल पार्टियों की प्राथमिकताएं बदल दी हैं। हालांकि एक और Gen Z लीडर तनुजा पांडे की राय इससे अलग है। वे कहती हैं, ‘सियासी दलों ने हमारे आंदोलन का जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया और फिर नजरअंदाज कर दिया।‘ पढ़ें पूरी खबर…



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