सड़क हादसे में घायल मंजू राठी, जिसकी रोहतक पीजीआई में पहुंच उपचार के दौरान मौत हो गई।
जींद से होकर गुजर रहे नेशनल हाईवे नंबर 152-डी पर रविवार शाम को हुए सड़क हादसे में घायल तीसरी महिला की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। इसमें रामकिशोर और विधा की मौत मौके पर ही हो गई थी जबकि मंजू राठी की मौत पीजीआई रोहतक में उपचार के दौरान रात को हो गई। पि
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पुलिस को दी शिकायत में राजस्थान के नागोर जिले के मकराना के पास रादड भवन निवासी रूचि ने बताया कि 20 फरवरी को उसके दादा ससुर राजाराम लाहौरी का निधन हो गया था। उसकी अस्थियां लेकर वह अपने पति रामकिशोर, बुआ विधा देवी, मंजू राठी और बेटे सात साल के शिवांस के साथ हरिद्वार जा रहे थे।
रविवार सुबह वह घर से निकले और इसके बाद नारनौल के पास नेशनल हाईवे नंबर 152-डी पर चढ़ गए। गाड़ी को उसका पति रामकिशोर चला रहा था। जब हाईवे पर वह जींद की सीमा में पहुंचे तो उनके आगे चल रहे पिकअप गाड़ी ने अचानक से ब्रेक मार दिए। इससे पीछे चल रही उनकी बलेनो गाड़ी पिकअप में जा घुसी।
इसमें सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने प्राइवेट व्हीकल का इंतजाम कर उन्हें जींद के सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया। यहां डाक्टरों ने उसके पति रामकिशोर, बुआ विधा देवी को मृत घोषित कर दिया जबकि उसकी बुआ मंजू राठी की गंभीर हालत देखते हुए उसे रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया।
पीजीआई में उपचार के दौरान उसकी बुआ मंजू राठी की भी मौत हो गई। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। रूचि और शिवांस को भी चोटें आई हैं लेकिन उनकी हालत अब ठीक है।