धनबाद/रांची:-झारखंड में ओबीसी छात्रवृत्ति की लंबित राशि और विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक समस्याओं को लेकर एनएसयूआई झारखंड के प्रतिनिधियों ने मंगलवार को राज्यपाल महोदय से भेंट कर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में लगभग 4.50 लाख छात्र-छात्राओं के भविष्य को प्रभावित करने वाले मुद्दों को प्रमुखता से रखा गया।
एनएसयूआई के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विश्वविद्यालय प्रभारी गोपाल कृष्ण चौधरी ने राज्यपाल को अवगत कराया कि छात्रवृत्ति के भुगतान में हो रही देरी के कारण विद्यार्थी फीस जमा करने, परीक्षा फॉर्म भरने, हॉस्टल व्यवस्था और अध्ययन सामग्री में कठिनाइयों का सामना कर रहे हैं। उन्होंने त्वरित समाधान की मांग करते हुए कहा कि संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए जाएँ ताकि छात्रवृत्ति का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जा सके और विश्वविद्यालयों में उत्पन्न शैक्षणिक अस्थिरता को तुरंत दूर किया जा सके।
इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष विनय उरांव, संगठन प्रभारी संकेत सुमन और प्रदेश महासचिव मुशर्रफ हुसैन भी मौजूद थे। राज्यपाल ने प्रतिनिधियों की बातों को गंभीरता से सुना और अपने अतिरिक्त मुख्य सचिव नितिन मदन कुलकर्णी को निर्देश दिए कि ज्ञापन में उठाए गए बिंदुओं पर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें शामिल हैं:ओबीसी छात्रवृत्ति (सत्र 2023-24, 2024-25 और 2025-26) का भुगतान तुरंत सुनिश्चित किया जाए।राज्य के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में छात्रसंघ चुनाव शीघ्र कराए जाएँ।विश्वविद्यालयों में स्थायी नियुक्तियाँ (कुलपति, कुलसचिव, परीक्षा नियंत्रक आदि) तुरंत की जाएँ।शैक्षणिक कैलेंडर जारी कर सत्र को नियमित किया जाए।आउटसोर्सिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए और एक व्यक्ति–एक पद का पालन किया जाए।एनएसयूआई झारखंड ने स्पष्ट किया कि संगठन छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए हर स्तर पर आवाज उठाता रहेगा और छात्रहित के मुद्दों पर सतत प्रयास जारी रखेगा।















