Tue, 06 Oct 20269:28 AM
Tue, Oct 6, 2026Updated 9:28 AM IST
होम › राजस्थान

फलोदी के नए जिला पुलिस अधीक्षक आदित्य काकड़े ने संभाला कार्यभार, टोंक से हुए स्थानांतरित; कानून-व्यवस्था की ली विस्तृत जानकारी

WhatsAppFacebookX

फलोदी। राजस्थान के फलोदी जिले में पुलिस प्रशासन के शीर्ष स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी आदित्य काकड़े ने सोमवार को फलोदी के नए जिला पुलिस अधीक्षक (एसपी) के रूप में विधिवत कार्यभार संभाल लिया है। वे इससे पूर्व टोंक जिले में अपनी सेवाएं दे रहे थे, जहां से उनका तबादला करके फलोदी भेजा गया है। उनके पदभार ग्रहण करने के साथ ही जिले की कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी अब उनके कंधों पर आ गई है। कार्यभार संभालने के तुरंत बाद एसपी आदित्य काकड़े ने जिले की वर्तमान कानून-व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत जानकारी ली और पुलिस अधिकारियों के साथ आवश्यक बैठकें कीं।

बता दें कि फलोदी के पूर्व जिला पुलिस अधीक्षक सतनाम सिंह का जयपुर तबादला हो गया है। सतनाम सिंह के जयपुर स्थानांतरित होने के बाद फलोदी के एसपी पद पर रिक्ति उत्पन्न हो गई थी, जिसे अब आईपीएस आदित्य काकड़े के पदभार ग्रहण करने से पूरा कर दिया गया है। राज्य पुलिस मुख्यालय द्वारा जारी किए गए हालिया तबादला आदेशों के तहत यह बदलाव किया गया है, जिसमें कई जिलों के पुलिस अधीक्षकों के कार्यक्षेत्र में फेरबदल किया गया है। इसी क्रम में टोंक से आदित्य काकड़े को फलोदी का नया एसपी नियुक्त किया गया है।

सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचने पर नए एसपी आदित्य काकड़े का पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा स्वागत किया गया। पदभार ग्रहण करने के बाद उन्होंने सबसे पहले जिले की समग्र कानून-व्यवस्था, अपराध की स्थिति, लंबित मामलों और पुलिसिंग से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों को लेकर संबंधित अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने जिले की सुरक्षा व्यवस्था और आमजन की समस्याओं के समाधान को प्राथमिकता देने के संकेत दिए हैं। एक नए जिले की कमान संभालते समय कानून-व्यवस्था की मौजूदा स्थिति की समीक्षा करना पुलिस प्रशासन की मानक प्रक्रिया का हिस्सा होता है, जिसे एसपी काकड़े ने कार्यभार संभालते ही शुरू कर दिया।

फलोदी जिला राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में स्थित एक महत्वपूर्ण जिला है। रेगिस्तानी इलाके में स्थित होने के कारण यहां की भौगोलिक परिस्थितियां और सीमावर्ती क्षेत्रों की चुनौतियां पुलिस प्रशासन के लिए हमेशा से ध्यान का केंद्र रही हैं। ऐसे में नए एसपी के रूप में आदित्य काकड़े की नियुक्ति को जिले की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है। टोंक जैसे जिले में काम करने का अनुभव उनके लिए फलोदी की पुलिसिंग में निश्चित रूप से सहायक सिद्ध होगा।

पूर्व एसपी सतनाम सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान फलोदी जिले में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने और पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए थे। अब उनके जयपुर तबादले के बाद उनकी जिम्मेदारियों का निर्वाहन आईपीएस आदित्य काकड़े करेंगे। सतनाम सिंह के जयपुर जाने से पुलिस मुख्यालय में भी प्रशासनिक स्तर पर कुछ बदलाव देखने को मिलेंगे। वहीं, फलोदी के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की ओर से भी नए एसपी के आगमन पर स्वागत की तैयारियां और उन्हें शुभकामनाएं देने का सिलसिला शुरू हो गया है।

राजस्थान पुलिस में समय-समय पर प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और पुलिस अधिकारियों को नई जिम्मेदारियां सौंपने के उद्देश्य से तबादले किए जाते हैं। यह प्रक्रिया पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली को गतिशील और पारदर्शी बनाए रखने के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है। हाल ही में हुए इन तबादलों में फलोदी और टोंक सहित अन्य जिलों के अधिकारियों की पोस्टिंग में बदलाव शामिल है। आदित्य काकड़े के फलोदी आने से जिले के पुलिस महकमे में नई ऊर्जा का संचार हुआ है।

कार्यभार संभालने के बाद एसपी आदित्य काकड़े ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था की बारीकियों को समझने की प्रक्रिया तेज कर दी है। उन्होंने अधीनस्थ अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिले में शांति और कानून का राज बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। आमजन को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और अपराधियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, इस दिशा में पुलिस टीम को सक्रिय रहने के लिए कहा गया है।

उल्लेखनीय है कि फलोदी जिला जोधपुर संभाग का हिस्सा है और इसकी सीमाएं अन्य जिलों से भी लगती हैं। इसलिए यहां अंतर-जिला अपराधों पर नजर रखना और सीमावर्ती क्षेत्रों में गश्त को मजबूत करना पुलिस अधीक्षक की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल रहता है। नए एसपी आदित्य काकड़े के नेतृत्व में फलोदी पुलिस आने वाले दिनों में जिले की सुरक्षा व्यवस्था को किस तरह और अधिक प्रभावी बनाती है, इसे लेकर स्थानीय लोगों और प्रशासनिक अधिकारियों में उत्सुकता बनी हुई है। वंदे भारत न्यूज़ की यह रिपोर्ट फलोदी जिले में हुए इस महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव पर आधारित है।