Tue, 06 Oct 20267:43 AM
Tue, Oct 6, 2026Updated 7:43 AM IST
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फूलवड़िया में दशहरा को लेकर शांति समिति की बैठक: विसर्जन जुलूस में हथियार प्रदर्शन और विवादित झांकियों पर लगा प्रतिबंध, तेघड़ा एसडीएम ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

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बेगूसराय। बिहार के बेगूसराय जिले के फूलवड़िया थाना क्षेत्र में आगामी शारदीय नवरात्र पर्व और दशहरा उत्सव को शांतिपूर्ण, सुरक्षित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से सोमवार शाम को एक महत्वपूर्ण शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। फूलवड़िया थाना परिसर में हुई इस बैठक की अध्यक्षता तेघड़ा अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीएम) नीरज कुमार सिन्हा ने की। बैठक में त्योहार के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने, सामुदायिक सौहार्द सुनिश्चित करने और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने के लिए विस्तृत चर्चा की गई तथा सभी संबंधित पक्षों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए।

तेघड़ा एसडीएम नीरज कुमार सिन्हा ने बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, पूजा समितियों के प्रतिनिधियों और पुलिस पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि नवरात्रि और दशहरा का पर्व आपसी भाईचारे और धार्मिक आस्था का प्रतीक है, इसलिए इसे पूर्णतः शांतिपूर्वक मनाना प्रशासन और समाज दोनों की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने विशेष रूप से यह निर्देश दिया कि विसर्जन जुलूस के दौरान किसी भी प्रकार के हथियारों के प्रदर्शन पर पूर्णतः प्रतिबंध रहेगा। जुलूस में तलवार, भाला, लाठी या अन्य कोई भी घातक या प्रतीकात्मक हथियार ले जाना सख्त वर्जित होगा। यदि कोई व्यक्ति या समूह इस नियम का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत तत्काल कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह सुनिश्चित करने पर बल दिया कि जुलूस का स्वरूप पूरी तरह से धार्मिक और सांस्कृतिक होना चाहिए, न कि शक्ति प्रदर्शन का माध्यम।

बैठक में एक अन्य अत्यंत संवेदनशील मुद्दे पर भी स्पष्ट फैसला लिया गया। एसडीएम ने निर्देश दिया कि नवरात्रि या दशहरा के अवसर पर निकाली जाने वाली झांकियों में किसी भी प्रकार की विवादित सामग्री, आपत्तिजनक नारे, भड़काऊ चित्रण या ऐसे किसी भी तत्व का उपयोग नहीं किया जाएगा जो दो समुदायों या व्यक्तियों के बीच तनाव पैदा कर सकता हो। विवादित झांकियों पर पूर्ण प्रतिबंध लागू रहेगा। पूजा समितियों और आयोजकों को पूर्व में ही अपनी झांकियों की थीम और सामग्री की जानकारी स्थानीय थाना या अनुमंडल कार्यालय को देनी होगी ताकि उसकी जांच की जा सके। यदि बाद में कोई विवादित सामग्री पाई जाती है, तो आयोजकों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की जाएगी और झांकी को जब्त कर लिया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि धार्मिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का सम्मान किया जाएगा, लेकिन वह सार्वजनिक शांति और साम्प्रदायिक सौहार्द की कीमत पर नहीं हो सकती।

शांति समिति की बैठक में विसर्जन जुलूस के मार्ग, समय सीमा और यातायात व्यवस्था पर भी विस्तार से चर्चा हुई। जुलूस पूर्व निर्धारित मार्गों से ही गुजरेगा और इसके लिए पुलिस प्रशासन द्वारा पर्याप्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जाएगी। संवेदनशील और अति-संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी। डीजे और साउंड सिस्टम के उपयोग के संबंध में भी मानदंड तय किए गए, जिसके अनुसार निर्धारित डेसिबल सीमा और समय सारणी का सख्ती से पालन करना अनिवार्य होगा। रात्रि में निर्धारित समय के बाद तेज आवाज वाले उपकरणों के उपयोग पर रोक रहेगी ताकि आम जनजीवन और मरीजों को असुविधा न हो।

बैठक में उपस्थित शांति समिति के सदस्यों और समाज के गणमान्य व्यक्तियों ने प्रशासन के दिशा-निर्देशों का स्वागत किया और पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए जागरूक करेंगे और किसी भी प्रकार की अफवाह या भड़काऊ सामग्री को फैलने से रोकेंगे। सोशल मीडिया पर भी निगरानी रखी जाएगी और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के विरुद्ध साइबर सेल द्वारा कार्रवाई की जाएगी।

तेघड़ा एसडीएम नीरज कुमार सिन्हा ने बैठक के समापन पर पुनः दोहराया कि प्रशासन त्योहार को सकुशल संपन्न कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, लेकिन इसमें जनसहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील की कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें। फूलवड़िया थानाध्यक्ष और अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने भी सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों की जानकारी दी और आश्वस्त किया कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए हर संभव उपाय किए जा रहे हैं। इस बैठक में तेघड़ा अनुमंडल के अन्य पदाधिकारी, फूलवड़िया थाना के पुलिसकर्मी, विभिन्न पूजा समितियों के अध्यक्ष और सचिव, तथा स्थानीय बुद्धिजीवी और सामाजिक कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित थे।