प्रतापगढ़ पंचायत चुनाव: धनतेरस पर नहीं होगी वोटिंग, 4 ब्लॉकों में सरपंच पदों के लिए 5 नवंबर को होगा मतदान, जानें पूरा शेड्यूल

प्रतापगढ़। राजस्थान में होने वाले पंचायती राज संस्थाओं के चुनावों के कार्यक्रम में राज्य निर्वाचन आयोग ने महत्वपूर्ण बदलाव किया है। आयोग द्वारा जारी किए गए नए शेड्यूल के अनुसार, तीसरे चरण का मतदान अब पहले तय की गई तारीख से एक दिन पहले आयोजित किया जाएगा। यह बदलाव मुख्य रूप से धनतेरस के त्योहार को ध्यान में रखते हुए किया गया है, ताकि मतदाताओं और चुनाव प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। इस संशोधित कार्यक्रम के तहत प्रतापगढ़ जिले के चार ब्लॉकों में सरपंच पदों के लिए मतदान अब 5 नवंबर को संपन्न कराया जाएगा।
राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पहले तीसरे चरण का मतदान 6 नवंबर को होना प्रस्तावित था। हालांकि, 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार होने के कारण आम जनजीवन और व्यापारिक गतिविधियों पर इसका सीधा असर पड़ता। ऐसे में मतदान प्रतिशत पर पड़ने वाले संभावित प्रतिकूल प्रभाव और त्योहार की व्यस्तता को देखते हुए आयोग ने मतदान की तारीख को खिसकाकर 5 नवंबर करने का निर्णय लिया है। यह फैसला निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और सुचारू चुनाव प्रक्रिया सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।
प्रतापगढ़ जिले की बात करें तो यहां के कुल चार पंचायत समिति ब्लॉकों में सरपंच पदों के लिए मतदान प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इन चारों ब्लॉकों में नए शेड्यूल के तहत 5 नवंबर को मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकेंगे। सरपंच पद ग्राम पंचायत स्तर पर सबसे महत्वपूर्ण पद माना जाता है और इस चुनाव में गांवों के विकास की दिशा तय करने वाली जनप्रतिनिधियों का चयन किया जाएगा। आयोग ने स्पष्ट किया है कि केवल मतदान की तारीख में ही बदलाव किया गया है, जबकि नामांकन, नाम वापसी और मतगणना सहित अन्य सभी चुनावी प्रक्रियाओं की तारीखों में यथासंभव आवश्यक समायोजन किया गया है ताकि पूरी प्रक्रिया समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके।
धनतेरस हिंदू धर्म का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार है, जो दीपावली से ठीक दो दिन पहले मनाया जाता है। इस दिन लोग सोना, चांदी, बर्तन और अन्य शुभ वस्तुओं की खरीदारी करते हैं। बाजारों में भारी भीड़ रहती है और व्यापारिक गतिविधियां अपने चरम पर होती हैं। ऐसे में यदि इस दिन मतदान रखा जाता, तो न केवल मतदाताओं को मतदान केंद्रों तक पहुंचने में कठिनाई होती, बल्कि दुकानदारों और व्यापारियों को भी अपने कारोबार और लोकतांत्रिक कर्तव्य के बीच तालमेल बिठाने में समस्या आती। राज्य निर्वाचन आयोग ने जनभावनाओं और सांस्कृतिक महत्व को प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है, जिसकी आमजन और राजनीतिक दलों द्वारा सराहना की जा रही है।
चुनाव प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और मतदान कर्मियों की तैनाती भी एक बड़ी चुनौती होती है। त्योहार के दिन बाजारों और सड़कों पर अत्यधिक भीड़भाड़ रहने से सुरक्षा बलों और मतदान कर्मियों की ड्यूटी लगाने में भी प्रशासनिक स्तर पर दिक्कतें आ सकती थीं। नई तारीख 5 नवंबर को मतदान कराने से प्रशासन को पर्याप्त समय और बेहतर व्यवस्था मिल सकेगी। इसके साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) की सुरक्षित ढुलाई, मतदान केंद्रों की स्थापना और पीठासीन अधिकारियों की तैनाती जैसे कार्य भी बिना किसी बाधा के पूरे किए जा सकेंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी संबंधित जिला निर्वाचन अधिकारियों, रिटर्निंग अधिकारियों और अन्य चुनावी अधिकारियों को इस नए शेड्यूल की जानकारी तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश जारी कर दिए हैं। प्रतापगढ़ जिला प्रशासन को भी निर्देशित किया गया है कि वे अपने क्षेत्र के चारों ब्लॉकों में मतदाताओं को नई तारीख के बारे में व्यापक रूप से जागरूक करें। इसके लिए माइक की घोषणाओं, स्थानीय समाचार पत्रों, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और ग्राम स्तर पर चौपालों के माध्यम से जानकारी प्रसारित करने की व्यवस्था की जा रही है, ताकि कोई भी मतदाता पुरानी तारीख के भ्रम में मतदान केंद्र न पहुंचे या अपने मताधिकार से वंचित न रहे।
राजस्थान में पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव राज्य की जमीनी लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम हैं। ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों के सदस्यों का चुनाव सीधे तौर पर ग्रामीण विकास, बुनियादी सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को प्रभावित करता है। इसलिए यह अनिवार्य है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी तरह से स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी हो। आयोग का यह निर्णय इसी दिशा में एक सकारात्मक कदम माना जा रहा है, जिसमें स्थानीय परिस्थितियों और जनआस्था का पूरा ध्यान रखा गया है।
मतदाताओं से अपील की गई है कि वे नए शेड्यूल को ध्यान में रखते हुए 5 नवंबर को अपने निर्धारित मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें। लोकतंत्र की मजबूती के लिए हर एक वोट का महत्व है और ग्राम पंचायत स्तर पर होने वाला चुनाव सीधे तौर पर गांव की दशा और दिशा तय करता है। प्रतापगढ़ के चारों ब्लॉकों के मतदाताओं को सलाह दी जाती है कि वे अपने मतदाता पहचान पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखें। आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि भविष्य में किसी अन्य चरण या क्षेत्र की तारीखों में कोई और बदलाव होता है, तो उसकी सूचना आधिकारिक वेबसाइट और प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से समय रहते जारी कर दी जाएगी। फिलहाल, केवल तीसरे चरण और प्रतापगढ़ के इन चार ब्लॉकों के लिए ही यह संशोधित कार्यक्रम लागू किया गया है।

