पठानकोट: AK-47 राइफल साफ करते समय ASI राम सिंह को सीने में लगी गोली, थाने में हुई दर्दनाक मौत

पंजाब के पठानकोट जिले से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक पुलिस थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) राम सिंह की AK-47 राइफल से अचानक चली गोली लगने से मौत हो गई। यह दर्दनाक हादसा सुबह करीब पांच बजे उस वक्त हुआ, जब एएसआई राम सिंह अपने सर्विस हथियार यानी AK-47 राइफल की नियमित सफाई कर रहे थे। इसी दौरान अचानक राइफल से फायर हो गया और गोली सीधे उनके सीने में जा लगी। गंभीर रूप से घायल होने के बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
मृतक एएसआई राम सिंह पठानकोट में नाइट मुंशी के पद पर तैनात थे। नाइट मुंशी का काम पुलिस थाने में रात के समय होने वाले सभी कार्यों, दस्तावेजों और रिकॉर्ड का रखरखाव करना होता है। वे अपनी ड्यूटी के दौरान ही थाना परिसर में मौजूद थे। सुबह करीब पांच बजे, जब उन्होंने अपनी AK-47 राइफल की सफाई शुरू की, तो यह भयंकर हादसा हो गया। पुलिस विभाग में हथियारों की सफाई एक नियमित प्रक्रिया होती है, जिसे बेहद सावधानी और निर्धारित सुरक्षा मानकों के तहत किया जाता है। हालांकि, इस मामले में किस तरह से अचानक फायर हुआ, यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है।
घटना की जानकारी मिलते ही थाने में हड़कंप मच गया। साथी पुलिसकर्मी तुरंत एएसआई राम सिंह की मदद के लिए दौड़े। उन्हें गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। सीने में गोली लगने के कारण शरीर में भारी खून बह गया था, जिसके चलते उन्हें बचाया नहीं जा सका।
इस घटना के बाद पठानकोट पुलिस विभाग में शोक की लहर दौड़ गई है। एएसआई राम सिंह के निधन से उनके परिवार और सहकर्मियों में गहरा दुख व्याप्त है। पुलिस महकमे में हथियारों की हैंडलिंग को लेकर हमेशा कड़े नियम होते हैं, लेकिन इसके बावजूद ऐसे हादसे हो जाना विभाग के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
फिलहाल, पठानकोट पुलिस ने इस मामले में प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि क्या हथियार की सफाई के दौरान मैगजीन निकाली गई थी या नहीं, और क्या चैंबर में पहले से कोई कारतूस फंसा हुआ था। सुरक्षा प्रोटोकॉल में किसी प्रकार की लापरवाही हुई है या यह पूरी तरह से एक तकनीकी खराबी के कारण हुआ दुर्घटनात्मक फायरिंग (एक्सीडेंटल फायरिंग) का मामला है, इसकी बारीकी से जांच की जा रही है।
पुलिस विभाग में AK-47 जैसे स्वचालित और शक्तिशाली हथियारों की सफाई के दौरान हर बार सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने होते हैं। सफाई से पहले यह सुनिश्चित करना अनिवार्य होता है कि हथियार पूरी तरह से अनलोड हो और उसमें कोई कारतूस न हो। अगर इन नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो ऐसे जानलेवा हादसे होने का खतरा बना रहता है। इस घटना ने एक बार फिर हथियारों की सुरक्षित हैंडलिंग और प्रशिक्षण की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
एएसआई राम सिंह की मौत की खबर से उनके परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस विभाग की ओर से उनके परिवार को हर संभव मदद और मुआवजा देने की बात कही जा रही है। मृतक पुलिसकर्मी के अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं, जिसमें पुलिस विभाग की ओर से उन्हें सम्मान के साथ विदाई दी जाएगी।
पठानकोट जिला पुलिस के उच्च अधिकारियों ने इस घटना का संज्ञान लिया है और संबंधित थाने से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। यह भी जांचा जाएगा कि उस समय थाने में और कौन-कौन से कर्मचारी मौजूद थे और क्या हथियार की सफाई के दौरान कोई अन्य अधिकारी या कर्मचारी निगरानी कर रहा था।
यह पहली बार नहीं है जब किसी पुलिसकर्मी की अपने ही सर्विस हथियार से अचानक चली गोली लगने से मौत हुई हो। देशभर में समय-समय पर ऐसे मामले सामने आते रहते हैं, जिनमें हथियारों की सफाई या रखरखाव के दौरान दुर्घटनाएं होती हैं। इस घटना के बाद पंजाब पुलिस के सभी जिलों में हथियारों की सफाई के दौरान अतिरिक्त सावधानी बरतने के निर्देश दिए जाने की संभावना है।
फिलहाल, पठानकोट पुलिस इस पूरे मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि गोली किस तरह से चली और इसमें किसी प्रकार की मानवीय चूक थी या यह शुद्ध रूप से एक हादसा था। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले पर आगे की अपडेट्स पर नजर बनाए हुए है।

