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Mon, Oct 5, 2026Updated 8:45 PM IST
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पटना: पुलिस पर हमले के तीन दिन बाद बहरावा चक में बड़ी कार्रवाई, 1000 लीटर महुआ शराब और अवैध हथियार बरामद, 39 गिरफ्तार

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वन्दे भारत न्यूज़, पटना। बिहार की राजधानी पटना से करीब 20 किलोमीटर दूर स्थित पिपरा थाना क्षेत्र के बहरावा चक गांव में पुलिस ने अवैध महुआ शराब के बड़े कारोबार का खुलासा किया है। रविवार देर शाम भारी संख्या में पुलिस बल के साथ गांव में की गई इस व्यापक छापेमारी में 1000 लीटर महुआ शराब और अवैध हथियार बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 39 महिलाओं और पुरुषों को गिरफ्तार किया है। यह बड़ी कार्रवाई उस घटना के ठीक तीन दिन बाद की गई है, जिसमें पुलिस टीम पर हमला किया गया था।

बिहार में पूर्ण शराबबंदी लागू होने के बावजूद अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए पुलिस प्रशासन लगातार अभियान चला रहा है। इसी क्रम में पिपरा थाना क्षेत्र के बहरावा चक गांव में रविवार देर शाम एक बड़ा पुलिस ऑपरेशन चलाया गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस छापेमारी में भारी मात्रा में पुलिस बल को तैनात किया गया था ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना या विरोध से निपटा जा सके। पुलिस ने गांव में दबिश देकर वहां चल रहे अवैध महुआ शराब के निर्माण और बिक्री के धंधे का पर्दाफाश किया। मौके से करीब 1000 लीटर महुआ शराब जब्त की गई है, जो इस बात का स्पष्ट संकेत है कि इस इलाके में अवैध शराब का कारोबार किस स्तर पर संचालित हो रहा था।

इस छापेमारी की सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पुलिस ने शराब के अलावा अवैध हथियार भी बरामद किए हैं। अवैध हथियारों की बरामदगी से यह साफ होता है कि शराब माफिया पुलिस और प्रशासन के खिलाफ हिंसा पर उतरने के लिए पूरी तरह से तैयार रहते हैं। इस कार्रवाई में कुल 39 लोगों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल हैं। इतनी बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों की गिरफ्तारी यह दर्शाती है कि अवैध शराब के इस कारोबार में पूरे गांव या कई परिवारों की संलिप्तता थी। गिरफ्तार सभी आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

पुलिस की यह बड़ी कार्रवाई पिछले दिनों हुई एक घटना के संदर्भ में बेहद अहम मानी जा रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस छापेमारी से ठीक तीन दिन पहले पुलिस टीम पर हमला किया गया था। पुलिस पर हुए इस हमले के बाद प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया और बदले की कार्रवाई के तौर पर नहीं, बल्कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और अपराधियों को सख्त संदेश देने के मकसद से इस बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। पुलिस पर हमले की घटना ने प्रशासन को यह समझा दिया था कि बहरावा चक और इसके आसपास के इलाकों में अवैध गतिविधियों में शामिल तत्व कितने खतरनाक हो सकते हैं, इसलिए रविवार की कार्रवाई में विशेष रूप से भारी पुलिस बल की तैनाती की गई।

बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। राज्य सरकार ने शराब के उत्पादन, बिक्री, भंडारण और सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है। इसके बावजूद राज्य के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर ग्रामीण और सीमावर्ती इलाकों में अवैध शराब का निर्माण और तस्करी का धंधा बदस्तूर जारी है। महुआ शराब का अवैध उत्पादन ग्रामीण क्षेत्रों में एक बड़ी समस्या बना हुआ है। स्थानीय स्तर पर कुछ लोग इसे अपना प्रमुख व्यवसाय बना चुके हैं और इसके लिए वे पुलिस से भी भिड़ने से पीछे नहीं हटते। बहरावा चक में मिली 1000 लीटर महुआ शराब इसी कड़वी सच्चाई को बयां करती है कि शराबबंदी कानून के सख्त प्रावधानों के बीच भी अवैध कारोबारी सक्रिय हैं।

पुलिस प्रशासन की ओर से की गई इस कार्रवाई को स्थानीय स्तर पर कानून व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। 39 लोगों की गिरफ्तारी और अवैध हथियारों की बरामदगी से इलाके के अन्य अपराधियों और शराब माफियाओं में भी खौफ पैदा होने की संभावना है। पुलिस का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। जिन इलाकों से शराब तस्करी या अवैध निर्माण की सूचनाएं मिलेंगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पर हमले की घटना के बाद प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और कर्मियों के साथ किसी भी प्रकार की बदसलूकी या हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बहरावा चक गांव पटना से करीब 20 किलोमीटर की दूरी पर पिपरा थाना क्षेत्र में आता है। राजधानी से इतनी कम दूरी पर इस तरह का बड़ा अवैध कारोबार चलना प्रशासन के लिए भी एक चुनौती है। पुलिस अब गिरफ्तार किए गए 39 आरोपियों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस अवैध शराब की सप्लाई किन-किन इलाकों में की जाती थी और इस पूरे नेटवर्क के पीछे कोई बड़ा सरगना तो नहीं है। अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इन हथियारों का इस्तेमाल पहले किसी अन्य आपराधिक वारदात में किया गया था। फिलहाल, पिपरा थाना पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी कर ली है और मामले की विस्तृत जांच जारी रखी है।