Wed, 07 Oct 20267:52 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 7:52 AM IST
होम › बिहार

पूर्णिया में अवैध शराब और 650 बोरा यूरिया जब्त: मद्य निषेध अभियान के तहत 72 घंटे में 900 लीटर से ज्यादा शराब पकड़ी

WhatsAppFacebookX

वन्दे भारत न्यूज़, पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले में पुलिस ने शराबबंदी कानून के तहत चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस अधीक्षक के सीधे निर्देश पर गठित विशेष टीम और जिला खुफिया इकाई (डीआईयू) ने संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए मरंगा और मधुबनी क्षेत्रों में छापेमारी की। इस दौरान भारी मात्रा में अवैध शराब और 650 बोरा यूरिया जब्त किया गया है। मद्य निषेध अभियान के तहत बीते 72 घंटों में पुलिस ने 900 लीटर से अधिक अवैध शराब को पकड़ने में सफलता प्राप्त की है। यह कार्रवाई जिले में अवैध शराब के कारोबार और खाद की कालाबाजारी पर लगाम लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पूर्णिया पुलिस अधीक्षक ने जिले में बढ़ती अवैध शराब की तस्करी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। इस विशेष टीम को डीआईयू के साथ मिलकर काम करने का जिम्मा सौंपा गया था। दोनों इकाइयों ने अपनी सूचनाओं और तकनीकी निगरानी के आधार पर मरंगा और मधुबनी थाना क्षेत्रों में ठिकानों की पहचान की। इसके बाद एक सुनियोजित योजना के तहत इन स्थानों पर अचानक छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान पुलिस को वहां से बड़ी मात्रा में अवैध शराब और यूरिया का जखीरा मिला, जिसे मौके पर ही जब्त कर लिया गया।

पुलिस ने बताया कि मद्य निषेध अभियान के तहत पिछले 72 घंटों के भीतर कुल 900 लीटर से अधिक अवैध शराब जब्त की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि पुलिस लगातार शराब माफियाओं के खिलाफ सख्त रुख अपनाए हुए है। बिहार सरकार द्वारा लागू शराबबंदी कानून का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जिले भर में नियमित रूप से छापेमारी की जा रही है। विशेष टीम और डीआईयू की इस संयुक्त कार्रवाई ने उन तस्करों को बड़ा झटका दिया है, जो मरंगा और मधुबनी जैसे इलाकों को अवैध शराब की तस्करी का केंद्र बनाए हुए थे।

अवैध शराब के साथ-साथ 650 बोरा यूरिया की जब्ती भी इस अभियान का एक अहम हिस्सा रही। कृषि क्षेत्र में यूरिया एक अत्यंत आवश्यक उर्वरक है, लेकिन कई बार असामाजिक तत्व इसकी कालाबाजारी और अवैध भंडारण में लिप्त पाए जाते हैं। किसानों को समय पर और उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ऐसे भंडारों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई कर रहा है। 650 बोरा यूरिया की बरामदगी से यह स्पष्ट होता है कि कुछ लोग कृषि उत्पादों के अवैध व्यापार में भी संलिप्त थे, जिस पर अब पुलिस ने शिकंजा कस दिया है।

पूर्णिया पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में की गई इस कार्रवाई में शामिल सभी अधिकारियों और जवानों की सराहना की जा रही है। विशेष टीम और डीआईयू के समन्वय से यह साबित हुआ है कि सटीक सूचनाओं और त्वरित कार्रवाई के जरिए अपराधियों के मंसूबों को नाकाम किया जा सकता है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जब्त किए गए अवैध शराब और यूरिया की कीमत और इस धंधे में शामिल लोगों की पूरी कुंडली खंगाली जा रही है।

बता दें कि बिहार में वर्ष 2016 से पूर्ण शराबबंदी लागू है। इसके बावजूद सीमावर्ती राज्यों और अन्य माध्यमों से शराब की तस्करी की घटनाएं सामने आती रहती हैं। पूर्णिया जिला, जोकि नेपाल और पश्चिम बंगाल की सीमा से अपेक्षाकृत निकट है, यहां तस्करों के लिए हमेशा एक चुनौती बना रहता है। ऐसे में पुलिस का यह 72 घंटे का विशेष अभियान काफी प्रासंगिक हो जाता है। 900 लीटर से अधिक शराब की जब्ती ने तस्करों की कमर तोड़ दी है।

पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि वे अवैध शराब की बिक्री, निर्माण या तस्करी से जुड़ी कोई भी सूचना मिलने पर तुरंत पुलिस को अवगत कराएं। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी। मद्य निषेध विभाग और स्थानीय पुलिस मिलकर इस अभियान को और तेज करने की तैयारी में हैं, ताकि पूर्णिया जिले को अवैध शराब और कालाबाजारी से पूरी तरह मुक्त किया जा सके। फिलहाल, मरंगा और मधुबनी क्षेत्रों में जब्त किए गए माल के संबंध में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। दोषियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है।