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Mon, Oct 5, 2026Updated 8:47 PM IST
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पूर्णिया: नेशनल हाईवे पर सड़क पार करते समय 5 साल के बच्चे की दर्दनाक मौत, 9 साल से किनारे खड़ी जली हुई गाड़ी बनी हादसे का कारण

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पूर्णिया। बिहार के पूर्णिया जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक बेहद दर्दनाक और दिल दहला देने वाला सड़क हादसा सामने आया है। बायसी थाना क्षेत्र अंतर्गत चरैया चौक के पास नेशनल हाईवे पर सड़क पार करने के दौरान एक तेज रफ्तार वाहन ने पांच वर्षीय मासूम बच्चे को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयंकर टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुए बच्चे को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मृतक बच्चे की पहचान बालूगंज निवासी हनीफ आलम के पांच साल के पुत्र सैफ अली के रूप में हुई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह हादसा पूर्णिया जिले के बायसी थाना क्षेत्र के चरैया चौक के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुआ। पांच वर्षीय सैफ अली अपने घर के पास ही नेशनल हाईवे को पार कर रहा था। इसी दौरान वहां से गुजर रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भयंकर था कि बच्चा सड़क पर दूर जा गिरा और उसे गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद स्थानीय लोगों ने तुरंत बच्चे को सड़क से उठाया और उसे इलाज के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, चिकित्सकों की तमाम कोशिशों के बावजूद सैफ अली को बचाया नहीं जा सका और इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही उसके परिवार में कोहराम मच गया। पिता हनीफ आलम और अन्य परिजन अस्पताल पहुंचे तो उनके पैरों तले जमीन खिसक गई।

इस सड़क हादसे में सबसे चौंकाने वाली और चिंताजनक बात यह सामने आई है कि दुर्घटना का एक प्रमुख कारण नेशनल हाईवे के किनारे पिछले नौ वर्षों से खड़ी एक जली हुई गाड़ी बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चरैया चौक के पास सड़क के किनारे एक जली हुई गाड़ी बहुत लंबे समय से लावारिस हालत में खड़ी है। यह गाड़ी पिछले नौ सालों से उसी स्थान पर पड़ी हुई है, जिसे हटाने की दिशा में अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस जली हुई गाड़ी के सड़क किनारे खड़े होने के कारण वहां से गुजरने वाले पैदल यात्रियों, विशेषकर छोटे बच्चों और राहगीरों की दृश्यता (विजिबिलिटी) काफी प्रभावित होती है। सड़क पार करने वाले लोगों को आती-जाती गाड़ियों का सही अनुमान लगाने में भारी परेशानी होती है, क्योंकि यह खंडित वाहन दृष्टि में बाधा उत्पन्न करता है।

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस जली हुई गाड़ी के कारण पहले भी कई बार छोटी-बड़ी दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन प्रशासन और संबंधित विभागों ने इसे हटाने की कोई पहल नहीं की। नेशनल हाईवे जैसे व्यस्त मार्ग पर, जहां दिन-रात भारी वाहनों का आवागमन रहता है, वहां नौ साल से एक क्षतिग्रस्त और जली हुई गाड़ी का खड़ा रहना प्रशासनिक उदासीनता का स्पष्ट उदाहरण है। यदि समय रहते इस गाड़ी को वहां से हटा दिया गया होता, तो शायद सैफ अली को सड़क पार करते समय आने वाले वाहनों का स्पष्ट दिखाई दे जाता और यह जानलेवा हादसा टल सकता था। लेकिन लापरवाही के चलते एक मासूम बच्चे को अपनी जान गंवानी पड़ी।

बायसी थाना क्षेत्र के चरैया चौक के पास राष्ट्रीय राजमार्ग पर आए दिन ऐसी दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस हिस्से में ट्रैफिक का प्रबंधन और गति नियंत्रण के पुख्ता इंतजाम नहीं हैं। तेज रफ्तार वाहन बेखौफ होकर सड़क पर दौड़ते हैं, जिससे स्थानीय लोगों के लिए सड़क पार करना किसी खतरे से कम नहीं है। खासतौर पर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह मार्ग अत्यंत असुरक्षित बन चुका है। बालूगंज निवासी हनीफ आलम के पांच वर्षीय बेटे सैफ अली की मौत ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा मानकों और स्थानीय स्तर पर प्रशासनिक सतर्कता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे की सूचना मिलने के बाद बायसी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल, जिस तेज रफ्तार वाहन ने बच्चे को टक्कर मारी, उसके चालक और वाहन की पहचान की जा रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दुर्घटना के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच की जा रही है, जिसमें सड़क किनारे खड़ी जली हुई गाड़ी की भूमिका को भी शामिल किया जाएगा। मृतक बच्चे के परिजनों की ओर से अभी औपचारिक शिकायत दर्ज कराए जाने की प्रक्रिया चल रही है।

इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नेशनल हाईवे के किनारे वर्षों से खड़ी ऐसी सभी लावारिस और जली हुई गाड़ियों को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए। इसके साथ ही, चरैया चौक जैसे संवेदनशील स्थानों पर स्पीड ब्रेकर, साइन बोर्ड और ट्रैफिक नियंत्रण के अन्य उपाय किए जाएं ताकि भविष्य में ऐसे दर्दनाक हादसों की पुनरावृत्ति न हो सके। पांच वर्षीय सैफ अली की अकाल मौत ने पूरे बालूगंज और बायसी क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।