Wed, 07 Oct 20267:54 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 7:54 AM IST
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पूर्णिया नगर निगम के जनशिकायत निवारण शिविर में 95 फीसदी मामले हुए निपट, 515 में से 491 आवेदनों का त्वरित निष्पादन

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पूर्णिया। वंदे भारत न्यूज। बिहार के पूर्णिया जिले में नगर निगम प्रशासन द्वारा नागरिकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के उद्देश्य से चलाए जा रहे विशेष अभियान को बड़ी सफलता मिली है। मरंगा स्थित आदर्श मध्य विद्यालय परिसर में आयोजित जनशिकायत निवारण शिविर में प्राप्त कुल 515 आवेदनों में से 491 मामलों का निष्पादन कर दिया गया है। यह उपलब्धि कुल प्राप्त आवेदनों का लगभग 95 प्रतिशत हिस्सा है, जो नगर निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली और जनसमस्याओं के प्रति उसकी सक्रियता को दर्शाती है। नगर निगम क्षेत्र में रहने वाले आम नागरिकों की रोजमर्रा की समस्याओं को प्राथमिकता के आधार पर हल करने के लिए इस प्रकार के शिविरों का आयोजन किया जा रहा है।

पूर्णिया नगर निगम क्षेत्र में जनसमस्याओं को जल्दी और पारदर्शी तरीके से हल करने के लिए एक खास अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अधिकारी और कर्मचारी सीधे जनता के बीच पहुंचकर उनकी शिकायतें सुन रहे हैं और मौके पर ही उनके निराकरण की दिशा में आवश्यक कदम उठा रहे हैं। मरंगा के आदर्श मध्य विद्यालय में लगाए गए इस विशेष शिविर में बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया और अपनी-अपनी समस्याओं से संबंधित आवेदन पत्र प्रस्तुत किए। शिविर में उपस्थित नगर निगम के अधिकारियों ने हर एक आवेदन को गंभीरता से लिया और विभागीय प्रक्रियाओं का पालन करते हुए उनका तेजी से निपटारा किया। नगर निगम प्रशासन की तेजी से काम करने की वजह से इनमें से 491 मामलों को समय पर निपटा दिया गया है, जबकि शेष बचे मामलों पर भी कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।

जनशिकायत निवारण शिविर का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को नगर निगम कार्यालय के चक्कर लगाने से मुक्ति दिलाना और उन्हें उनके ही क्षेत्र में सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। अक्सर देखा जाता है कि छोटी-छोटी शिकायतों के लिए भी लोगों को दफ्तरों में लंबी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है, जिससे उनका समय और ऊर्जा दोनों व्यर्थ होती है। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए पूर्णिया नगर निगम ने अपने क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में शिविर आयोजित करने की पहल की है। मरंगा क्षेत्र में आयोजित इस शिविर में सड़क, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता और अन्य बुनियादी सुविधाओं से जुड़ी शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। अधिकारियों ने इन शिकायतों को सुनने के बाद संबंधित विभागों को तत्काल निर्देश दिए, जिसके परिणामस्वरूप इतनी बड़ी संख्या में आवेदनों का निष्पादन संभव हो सका।

इस शिविर की सफलता से स्थानीय नागरिकों में काफी उत्साह देखा गया। जिन 491 लोगों के आवेदनों का निपटारा किया गया, उन्होंने नगर निगम प्रशासन की इस पहल की सराहना की। 95 प्रतिशत मामलों का समाधान एक ही शिविर में हो जाना यह साबित करता है कि यदि प्रशासनिक इच्छाशक्ति और उचित योजना हो, तो जनता की समस्याओं को बहुत कम समय में हल किया जा सकता है। शिविर में आए नागरिकों ने बताया कि पहले उन्हें अपनी छोटी-छोटी समस्याओं के लिए कई दिनों तक कार्यालयों के चक्कर काटने पड़ते थे, लेकिन अब उनके मोहल्ले में ही अधिकारी आकर उनकी बात सुन रहे हैं और समाधान भी निकाल रहे हैं। इससे प्रशासन और जनता के बीच का अंतर कम हुआ है और विश्वास का माहौल बना है।

हालांकि, 515 में से 24 आवेदन ऐसे भी रहे हैं जिनका निष्पादन इस शिविर में पूरी तरह से नहीं हो सका। सूत्रों के अनुसार, ये मामले अपेक्षाकृत जटिल प्रकृति के हैं या फिर इनके समाधान के लिए अन्य विभागों से समन्वय और तकनीकी जांच की आवश्यकता है। नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इन बचे हुए मामलों को भी अनदेखा नहीं किया जाएगा। इन्हें प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर लिया गया है और जल्द ही इनका भी समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। किसी भी आवेदक को निराश नहीं होने दिया जाएगा, यह प्रशासन का स्पष्ट रुख है।

पूर्णिया नगर निगम के अधिकारियों का मानना है कि यह शिविर केवल एक बार की घटना नहीं है, बल्कि यह जनता की समस्याओं तक सीधे पहुंचने की एक निरंतर प्रक्रिया का हिस्सा है। भविष्य में भी नगर निगम क्षेत्र के अन्य वार्डों और इलाकों में इसी प्रकार के जनशिकायत निवारण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। इसका लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि नगर निगम की सेवाओं का लाभ हर नागरिक तक बिना किसी बाधा के पहुंच सके। मरंगा के आदर्श मध्य विद्यालय में मिली इस सफलता ने प्रशासन को और अधिक बेहतर ढंग से कार्य करने के लिए प्रेरित किया है।

बता दें कि शहरी विकास और नगर प्रशासन के क्षेत्र में जनशिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत बनाना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। पूर्णिया नगर निगम द्वारा अपनाई गई यह विकेंद्रीकृत और जन-केंद्रित कार्यप्रणाली अन्य निकायों के लिए भी एक उदाहरण प्रस्तुत करती है। जब अधिकारी खुद जनता के द्वार पर जाकर उनकी समस्याएं सुनते हैं, तो शासन व्यवस्था के प्रति आम लोगों का भरोसा बढ़ता है। 95 प्रतिशत मामलों का सफल निष्पादन इस बात का प्रमाण है कि त्वरित निर्णय और पारदर्शी कार्यशैली से जनता को वास्तविक राहत मिल सकती है। पूर्णिया नगर निगम का यह अभियान आने वाले दिनों में शहर के विकास और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।