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3 घंटे पहले
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आमतौर पर स्किन पर कहीं हल्की खुजली को लोग सामान्य एलर्जी मानकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यह रिंगवर्म भी हो सकता है। रिंगवर्म एक तरह का फंगल इन्फेक्शन है, जो पूरे शरीर में कहीं भी हो सकता है।
यह संक्रमित व्यक्ति, जानवर या संक्रमित वस्तुओं के संपर्क से फैलता है। समय पर इलाज न किया जाए तो यह पूरे शरीर में फैल सकता है।
इसलिए जरूरत की खबर में आज रिंगवर्म की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- रिंगवर्म के लक्षण क्या हैं?
- रिंगवर्म हो तो क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए?
- क्या रिंगवर्म का कोई घरेलू इलाज भी है?
एक्सपर्ट: डॉ. प्रियंका अग्रवाल, कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम
सवाल- रिंगवर्म क्या है? क्या दाद को ही रिंगवर्म कहा जाता है?
जवाब- रिंगवर्म एक फंगल इन्फेक्शन है, जिसमें स्किन पर गोल या छल्ले जैसे दाने बन जाते हैं और खुजली होती है। इसे आमतौर पर ‘दाद’ भी कहा जाता है।
यह संक्रमण स्किन की सबसे ऊपरी लेयर में मौजूद ‘डर्मेटोफाइट’ फंगस के कारण होता है। यह फंगस हाथ, पैर, कमर या चेहरे पर ज्यादा होता है। इसलिए दाद भी अक्सर शरीर के इन्हीं हिस्सों पर होता है। अगर समय पर इसका इलाज न किया जाए तो यह धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल सकता है।
सवाल- वार्म का मतलब कीड़ा होता है तो क्या रिंगवर्म किसी कीड़े के कारण होता है?
जवाब- रिंगवर्म नाम से ऐसा लगता है कि यह किसी कीड़े के काटने से जुड़ी बीमारी है, लेकिन वास्तव में इसका कीड़े से कोई लेना–देना नहीं है। स्किन पर गोल–गोल दाग (रिंग के आकार के दाग) के कारण इसका नाम रिंगवर्म है। यह फंगस नमी और गर्म वातावरण में तेजी से बढ़ता है और संपर्क के जरिए फैल सकता है।

सवाल- शरीर के किन हिस्सों में रिंगवर्म हो सकता है?
जवाब- रिंगवर्म शरीर के सभी हिस्सों को प्रभावित कर सकता है। यह अक्सर स्किन के खुले रहने वाले हिस्सों (हाथ, पैर, गर्दन, चेहरा और पेट) पर दिखाई देता है। इसके अलावा यह जांघ के अंदरूनी हिस्से, बगल (आर्मपिट), दाढ़ी, सिर की स्किन (स्कैल्प) और नाखूनों में भी हो सकता है।
सवाल- रिंगवर्म कितनी तरह का होता है?
जवाब- रिंगवर्म को शरीर के प्रभावित हिस्से के आधार पर अलग-अलग प्रकारों में बांटा जा सकता है।
- जांघ और ग्रोइन एरिया (जेनिटल्स के पास के हिस्से) में होने वाले संक्रमण को जॉक इच कहते हैं।
- पैरों में होने वाले संक्रमण को ‘एथलीट फुट’ कहते हैं।
- स्कैल्प में होने वाले संक्रमण को ‘टिनिया कैपिटिस’ कहते हैं, जो बच्चों में अधिक होता है।
- नाखूनों के संक्रमण को ‘टिनिया अन्गुइयम’ कहते हैं।
- इसके अलावा दाढ़ी और हाथों में भी अलग-अलग प्रकार का रिंगवर्म हो सकता है।
सवाल- रिंगवर्म के संकेत क्या हैं?
जवाब- रिंगवर्म का सबसे कॉमन लक्षण स्किन पर गोल या छल्ले जैसा दाग है। ये दाने लाल या भूरे रंग के हो सकते हैं और इनमें खुजली होती है। दाग के किनारे हल्के उभरे हुए और बीच का हिस्सा साफ या सूखा दिख सकता है। रिंगवर्म के सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- रिंगवर्म किन कारणों से फैलता है?
जवाब- रिंगवर्म संक्रमित व्यक्ति की स्किन के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। इसके अलावा संक्रमित जानवर जैसे कुत्ते, बिल्ली या गाय को छूने से भी ये फंगस इंसानों में फैल सकता है। सभी कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या रिंगवर्म छूने से फैल सकता है?
जवाब- हां, रिंगवर्म बेहद संक्रामक होता है और संक्रमित स्किन को छूने से फैल सकता है। फंगस स्किन की ऊपरी परत में मौजूद रहता है और सीधे संपर्क से दूसरी जगह या दूसरे व्यक्ति तक पहुंच सकता है। इसके अलावा संक्रमित कपड़े, तौलिया, बिस्तर या जिम टूल्स इस्तेमाल करने से भी संक्रमण फैल सकता है।
सवाल- किन लोगों को रिंगवर्म का रिस्क ज्यादा होता है?
जवाब- इन्हें रिंगवर्म का ज्यादा रिस्क होता है-
- जिन लोगों की इम्यूनिटी कमजोर होती है।
- जो रेगुलर स्पोर्ट्स खेलते हैं।
- जो लोग जिम जाते हैं।
- छोटे बच्चे, जो अपने बालों का ख्याल नहीं रख सकते हैं।
- जो पालतू जानवरों की देखरेख करते हैं।
- जो लोग डायबिटिक हैं।
सवाल- क्या पसीना, गंदगी या टाइट कपड़े पहनने से रिंगवर्म का जोखिम बढ़ सकता है?
जवाब- हां, ये सभी फंगस के पनपने-बढ़ने के लिए अनुकूल कंडीशंस हैं। लंबे समय तक गीले या टाइट कपड़े पहनने से स्किन में एयर फ्लो (हवा का प्रवाह) कम हो जाता है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। गंदगी या स्किन की साफ-सफाई न रखने से भी फंगस तेजी से पनप सकता है।
सवाल- रिंगवर्म का इलाज क्या है?
जवाब- इसका इलाज संक्रमण की गंभीरता और संक्रमित हिस्से के आधार पर किया जाता है। हल्के संक्रमण में एंटीफंगल क्रीम, लोशन या पाउडर का इस्तेमाल किया जाता है। यह कुछ हफ्तों में ठीक हो जाता है। अगर संक्रमण सिर, नाखून या किसी ऐसे हिस्से में है, जहां एयर फ्लो बहुत कम है तो डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें।
सवाल- रिंगवर्म होने पर कौन-सी गलतियां संक्रमण को बढ़ा सकती हैं?
जवाब- रिंगवर्म होने पर कुछ कॉमन गलतियां संक्रमण को बढ़ा सकती हैं। जैसे-
- डॉक्टर की सलाह के बिना स्टेरॉयड क्रीम लगाना।
- इलाज अधूरा छोड़ देना।
- स्किन की साफ-सफाई न रखना।
सभी कॉमन गलतियां ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या घरेलू नुस्खों से रिंगवर्म ठीक हो सकता है?
जवाब- कुछ घरेलू उपाय जैसे विनेगर या हर्बल तेल हल्के संक्रमण में खुजली कम करने में मदद कर सकते हैं। इनमें हल्के एंटीफंगल गुण होते हैं, जो ट्रीटमेंट में मदद कर सकते हैं, लेकिन ये इलाज का विकल्प नहीं हैं। इन कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करके दवा जरूर लें-
- अगर संक्रमण बढ़ रहा है।
- अगर लंबे समय से संक्रमण बना हुआ है।
- शरीर के संवेदनशील हिस्से में संक्रमण है।
रिंगवॉर्म के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
सवाल- रिंगवर्म आमतौर पर कितने दिनों में ठीक हो जाता है?
जवाब- सही इलाज और एंटीफंगल क्रीम के इस्तेमाल से यह आमतौर पर 2-4 हफ्तों में पूरी तरह ठीक हो जाता है। हालांकि, अगर संक्रमण शरीर के बड़े हिस्से में फैल गया है या बालों में है, तो इसे ठीक होने में कुछ महीने भी लग सकते हैं।
सवाल- क्या नमक से रिंगवॉर्म ठीक हो सकता है?
जवाब- नमक का पानी प्रभावित हिस्से को साफ रखने और खुजली कम करने में मदद तो कर सकता है, लेकिन यह फंगस को जड़ से खत्म नहीं करता। फंगल इंफेक्शन को पूरी तरह खत्म करने के लिए डॉक्टर की बताई एंटीफंगल दवाएं ही सबसे असरदार होती हैं।
सवाल- क्या नारियल तेल लगाने से रिंगवॉर्म ठीक होता है?
जवाब- नारियल तेल में हल्के एंटीफंगल और मॉइश्चराइजिंग गुण होते हैं, जो खुजली और इन्फेक्शन कम करने में मदद कर सकते हैं। हालांकि, यह अकेले रिंगवर्म को पूरी तरह ठीक नहीं कर सकता है।
सवाल- क्या रिंगवॉर्म से हमेशा के लिए निशान पड़ जाते हैं?
जवाब- अधिकतर मामलों में रिंगवर्म ठीक होने के बाद स्किन सामान्य हो जाती है और निशान नहीं पड़ते हैं। लेकिन लंबे समय तक संक्रमण रहने या खुजलाने से स्किन पर दाग पड़ सकते हैं या स्किन का रंग बदल सकता है।
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