Wed, 07 Oct 202611:35 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 11:35 AM IST
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रीवा चिता सत्याग्रह: अनशन के 10वें दिन अमित भटनागर की तबीयत बिगड़ी, ICU में भर्ती, इलाज से इनकार; आदिवासियों का आंदोलन 25वें दिन भी जारी

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वंदे भारत न्यूज़, रीवा। मध्य प्रदेश के रीवा जिले में मझगाये बांध सहित अन्य विकास परियोजनाओं से विस्थापित और प्रभावित हुए आदिवासियों को उचित मुआवजा और पुनर्वास देने की मांग को लेकर चलाया जा रहा ‘चिता सत्याग्रह’ मंगलवार को अपने 25वें दिन भी पूरी दृढ़ता के साथ जारी रहा। इस जन-आंदोलन का नेतृत्व कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता अमित भटनागर पिछले 10 दिनों से लगातार अनशन पर बैठे हैं। अनशन के दसवें दिन उनकी शारीरिक स्थिति गंभीर रूप से बिगड़ गई है, जिसके बाद उन्हें रीवा के संजय गांधी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू (गहन चिकित्सा कक्ष) में भर्ती कराया गया है। हालांकि, स्वास्थ्य में भारी गिरावट के बावजूद अमित भटनागर ने अपनी मांगें पूरी होने तक किसी भी प्रकार का चिकित्सकीय उपचार कराने से साफ मना कर दिया है।

अमित भटनागर की तबीयत में हो रही निरंतर गिरावट से आंदोलनकारी और उनके समर्थकों में भारी चिंता का माहौल व्याप्त है। संजय गांधी मेडिकल कॉलेज के आईसीयू में भर्ती होने के बाद डॉक्टरों की टीम ने उन्हें इलाज और जीवन रक्षक दवाइयां देने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने आदिवासियों के अधिकारों की लड़ाई को प्राथमिकता देते हुए चिकित्सा लेने से स्पष्ट इनकार कर दिया। उनका यह रुख दर्शाता है कि वे सरकार और प्रशासन पर अपना दबाव बनाए रखने के लिए अपनी जान की परवाह किए बिना अंतिम सांस तक संघर्ष करने को प्रतिबद्ध हैं। अनशन के कारण उनके शरीर ने साथ देना लगभग बंद कर दिया है और उनकी हालत नाजुक बनी हुई है।

ज्ञात हो कि यह ‘चिता सत्याग्रह’ मुख्य रूप से मझगाये बांध और क्षेत्र की अन्य विकास परियोजनाओं के कारण विस्थापित हुए आदिवासी परिवारों की समस्याओं को लेकर शुरू किया गया था। इन परियोजनाओं के निर्माण के दौरान बड़ी संख्या में आदिवासियों को अपनी पैतृक जमीनों, खेतों और घरों से बेदखल होना पड़ा था। विस्थापन के समय इन आदिवासी परिवारों को उचित मुआवजा और वैकल्पिक पुनर्वास सुनिश्चित कराने के वादे किए गए थे, लेकिन वर्षों बीत जाने के बाद भी ये वादे आज तक पूरे नहीं हो सके हैं। यही वजह है कि पीड़ित आदिवासियों ने अपने अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए इस चिता सत्याग्रह का रास्ता चुना है, जो अब 25वें दिन में प्रवेश कर चुका है।

मंगलवार को आंदोलन के 25वें दिन भी सत्याग्रह स्थल पर आदिवासियों और समर्थकों की भीड़ मौजूद रही। सभी ने एक स्वर में सरकार और प्रशासन से मांग की है कि विस्थापित आदिवासियों को तत्काल उचित मुआवजा दिया जाए और उनके सम्मानजनक पुनर्वास की ठोस व्यवस्था की जाए। आंदोलनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और अमित भटनागर के अनशन का समाधान नहीं होता, तब तक यह चिता सत्याग्रह उसी तीव्रता के साथ जारी रहेगा। आदिवासी समुदाय के लोग अपने नेता की गिरती सेहत को लेकर काफी आक्रोशित हैं और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल न किए जाने पर गहरी नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं।

विस्थापित आदिवासियों की मांगें बेहद स्पष्ट हैं। वे चाहते हैं कि मझगाये बांध परियोजना से प्रभावित हर उस परिवार को मुआवजे का लाभ मिले जिसे योजना के तहत पात्र माना गया था, लेकिन अब तक उन्हें कुछ नहीं मिला है। इसके अलावा, पुनर्वास नीति के तहत आदिवासियों को जमीन, आवास और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं ताकि वे अपना जीवन सम्मानपूर्वक गुजार सकें। विकास परियोजनाओं के नाम पर आदिवासियों का शोषण और उनका विस्थापन देश भर में एक संवेदनशील मुद्दा रहा है, और रीवा का यह चिता सत्याग्रह उसी संघर्ष की एक कड़ी है।

प्रशासनिक स्तर पर अभी तक इस मामले में कोई ठोस या निर्णायक कार्रवाई की सूचना सामने नहीं आई है। अमित भटनागर के आईसीयू में भर्ती होने और इलाज से इनकार करने की खबर के बाद स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों पर दबाव बढ़ गया है। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि सरकार की ओर से आंदोलनकारियों से बातचीत के लिए कोई उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल भेजा गया है या नहीं। अनिश्चितता का यह माहौल आंदोलन को और अधिक उग्र बनाने की संभावना को जन्म दे रहा है।

रीवा का यह चिता सत्याग्रह अब केवल एक स्थानीय आंदोलन नहीं रह गया है, बल्कि यह आदिवासी अधिकारों और विस्थापन के खिलाफ एक बड़े जन-संघर्ष का रूप ले चुका है। अमित भटनागर का स्वास्थ्य संकट में है, लेकिन उनका हौसला और आदिवासियों का समर्थन कम नहीं हुआ है। 25 दिनों से चल रहे इस ऐतिहासिक आंदोलन ने यह साबित कर दिया है कि जब तक आदिवासियों को उनका न्यायसंगत अधिकार, उचित मुआवजा और पुनर्वास नहीं मिलता, तब तक वे शांत बैठने वाले नहीं हैं। वंदे भारत न्यूज़ इस पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए हुए है और आगे की जानकारी जैसे ही मिलेगी, उसे तत्काल अपडेट किया जाएगा।