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Mon, Oct 5, 2026Updated 8:45 PM IST
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सिंगरौली: एसपी षियाज के.एम. ने खुद सड़क पर उतरकर बाइक सवारों को बांटे हेलमेट, 75 चालकों को ट्रैफिक नियमों की दी समझ

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वन्दे भारत न्यूज़, सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में बढ़ते सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक अनूठी पहल की है। सोमवार को सिंगरौली के पुलिस अधीक्षक (एसपी) षियाज के.एम. खुद सड़क पर उतरे और बिना हेलमेट यातायात कर रहे दोपहिया वाहन चालकों को मुफ्त में हेलमेट वितरित किए। इस दौरान उन्होंने चालकों से अपील की कि यातायात नियमों का पालन पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए नहीं, बल्कि अपनी सुरक्षा के लिए किया जाना चाहिए। यह अभियान शहर के प्रमुख चून कुमारी स्टेडियम तिराहा पर चलाया गया, जहां ट्रैफिक पुलिस के जवान भी एसपी के साथ मौजूद रहे।

सिंगरौली जिले में आए दिन होने वाले सड़क हादसों को लेकर पुलिस प्रशासन लगातार चिंतित रहा है। इन दुर्घटनाओं में सबसे अधिक नुकसान उन दोपहिया वाहन चालकों को होता है जो हेलमेट का उपयोग नहीं करते हैं। इसी समस्या के समाधान के लिए एसपी षियाज के.एम. ने सोमवार को एक विशेष चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाने का निर्णय लिया। चून कुमारी स्टेडियम तिराहा पर आयोजित इस अभियान में एसपी ने स्वयं वाहनों की जांच की। उन्होंने देखा कि कई बाइक सवार बिना हेलमेट के सड़क पर निकले हुए हैं। ऐसे चालकों को रोककर उन्हें दंडित करने के बजाय, एसपी ने उन्हें मुफ्त हेलमेट दिए और भविष्य में हमेशा हेलमेट पहनकर वाहन चलाने की शपथ दिलाई।

इस विशेष अभियान के दौरान कुल 75 वाहन चालकों को रोका गया और उन्हें यातायात नियमों के प्रति जागरूक किया गया। एसपी षियाज के.एम. ने इन सभी 75 चालकों को व्यक्तिगत रूप से समझाया कि सड़क सुरक्षा नियमों का अनुपालन क्यों आवश्यक है। उन्होंने चालकों से कहा कि यातायात नियमों का पालन केवल पुलिस के चालान या कार्रवाई से बचने के लिए नहीं किया जाना चाहिए। नियमों का असली उद्देश्य चालक और उसके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। एक छोटी सी लापरवाही या हेलमेट न पहनने की आदत किसी की भी जान ले सकती है और पूरे परिवार को गहरे संकट में डाल सकती है। एसपी की इस समझाइश का चालकों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा और उन्होंने भविष्य में नियमों का कड़ाई से पालन करने का आश्वासन दिया।

आमतौर पर पुलिस द्वारा यातायात नियम तोड़ने वालों पर जुर्माना लगाने या चालान काटने की कार्रवाई की जाती है, लेकिन सिंगरौली एसपी की यह पहल आम जनता के बीच चर्चा का विषय बन गई है। लोगों का मानना है कि जब जिले का सर्वोच्च पुलिस अधिकारी खुद सड़क पर उतरकर नागरिकों को हेलमेट दे रहा है और प्यार से समझा रहा है, तो इसे नजरअंदाज करना उचित नहीं होगा। पुलिस विभाग का उद्देश्य केवल राजस्व वसूलना या लोगों को परेशान करना नहीं है, बल्कि उनकी जान बचाना प्राथमिकता है। चून कुमारी स्टेडियम तिराहा शहर का एक व्यस्त क्षेत्र है, जहां हर समय भारी यातायात रहता है। ऐसे में यहां इस प्रकार का अभियान चलाने से बड़ी संख्या में लोगों तक सुरक्षा का संदेश पहुंचा।

सिंगरौली एक औद्योगिक जिला है, जहां खदानों और ऊर्जा संयंत्रों के कारण सड़कों पर भारी वाहनों के साथ-साथ दोपहिया वाहनों का भी बहुत अधिक आवागमन रहता है। इस व्यस्तता के कारण सड़क दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। पिछले कुछ समय में जिले में हुई कई सड़क दुर्घटनाओं में बाइक सवारों की मौत या गंभीर चोट लगने के मामले सामने आए हैं, जिनमें पीड़ितों ने हेलमेट नहीं पहना हुआ था। इन्हीं घटनाओं को ध्यान में रखते हुए पुलिस अधीक्षक षियाज के.एम. ने यह निर्णय लिया कि अब केवल सख्ती से काम नहीं चलेगा, बल्कि जनता को जागरूक करना और उन्हें सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराना भी जरूरी है।

ट्रैफिक पुलिस के जवानों ने भी इस अभियान में पूरी सक्रियता दिखाई। उन्होंने वाहनों को व्यवस्थित तरीके से रोका और एसपी के निर्देशन में चालकों को जागरूकता संबंधी जानकारी दी। पुलिस प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि आने वाले दिनों में शहर के अन्य प्रमुख चौराहों और तिराहों पर भी इस तरह के जागरूकता और हेलमेट वितरण अभियान चलाए जा सकते हैं। हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि जागरूकता अभियान के बाद भी यदि कोई चालक बार-बार नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसपी षियाज के.एम. की इस पहल ने सिंगरौली जिले में सड़क सुरक्षा को लेकर एक नई बहस और जागरूकता का माहौल तैयार किया है। स्थानीय निवासियों और सामाजिक संगठनों ने पुलिस अधीक्षक के इस कदम की सराहना की है। उनका कहना है कि इस तरह के अभियानों से पुलिस और जनता के बीच का अंतर कम होता है और लोग कानून का सम्मान करने के लिए अधिक प्रेरित होते हैं। सिंगरौली पुलिस का यह प्रयास साबित करता है कि संवेदनशील पुलिसिंग और जन-जागरूकता के माध्यम से सड़क हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है। जिले के नागरिकों से अपेक्षा की जा रही है कि वे पुलिस की इस मुहिम को सफल बनाने में सहयोग करें और स्वयं भी यातायात नियमों का पूर्ण रूप से पालन करें।