सीतामढ़ी में त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई: 80 किलो नकली पनीर जब्त कर किया गया नष्ट, मिठाई गोदाम में भी मिली अनियमितता

सीतामढ़ी। बिहार के सीतामढ़ी जिले में आगामी त्योहारों को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और नकली खाद्य पदार्थों के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। इसी कड़ी में विभाग की टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शहर के ‘जय मां शीतला पनीर भंडार’ से लगभग 80 किलोग्राम संदिग्ध और नकली पनीर बरामद किया है। मौके पर जांच के दौरान यह पनीर मानकों पर खरा नहीं पाया गया, जिसके बाद खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने नियमानुसार इसे तत्काल प्रभाव से नष्ट करा दिया। इसके अलावा, छापेमारी के दौरान एक मिठाई गोदाम में भी गड़बड़ियां पाई गई हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि प्रशासन त्योहारी सीजन में उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दास्त करने के मूड में नहीं है।
खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा चलाए गए इस विशेष अभियान का उद्देश्य बाजार में मिल रही मिलावटी वस्तुओं पर अंकुश लगाना और आम जनता को शुद्ध खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, विभाग की टीम को गुप्त सूचना या नियमित निरीक्षण के आधार पर ‘जय मां शीतला पनीर भंडार’ में संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। जब टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया, तो वहां मौजूद पनीर की गुणवत्ता बेहद संदेहास्पद पाई गई। प्रारंभिक जांच में यह अनुमान लगाया गया कि उक्त पनीर असली दूध से निर्मित न होकर सिंथेटिक दूध या अन्य रसायनों से बनाया गया था, जो मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है।
कार्रवाई के दौरान बरामद किए गए करीब 80 किलोग्राम संदिग्ध पनीर को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। अधिकारियों ने यह सुनिश्चित किया कि यह नकली पनीर दोबारा बाजार में न पहुंच सके। हालांकि, विधि सम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए, नष्ट करने से पहले पनीर के कुछ नमूने (सैंपल) जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं। इन सैंपलों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह पुष्टि हो सकेगी कि पनीर में किस प्रकार की मिलावट की गई थी और उसमें कौन-कौन से हानिकारक तत्व मौजूद थे। यदि लैब रिपोर्ट में मिलावट की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यापारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
पनीर भंडार के अलावा, खाद्य सुरक्षा टीम ने क्षेत्र के एक मिठाई गोदाम का भी निरीक्षण किया। यहां भी टीम को कई अनियमितताएं मिलीं। मिठाई बनाने में इस्तेमाल होने वाली सामग्रियों के भंडारण और स्वच्छता मानकों में कमियां पाई गईं। त्योहारों के दौरान मिठाइयों की मांग अचानक बढ़ जाती है, ऐसे में कुछ व्यवसायी मुनाफा कमाने के चक्कर में घटिया सामग्री और अवैध रंगों का उपयोग करने लगते हैं। सीतामढ़ी प्रशासन की यह कार्रवाई इन्हीं संभावित खतरों को समय रहते रोकने का एक प्रयास है। मिठाई गोदाम में मिली खामियों को लेकर संबंधित प्रतिष्ठान को नोटिस जारी कर सुधार के निर्देश दिए गए हैं और आवश्यकतानुसार आगे की कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि त्योहारी सीजन में मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं, इसलिए विभाग ने अपनी निगरानी बढ़ा दी है। टीम लगातार बाजारों, गोदामों और निर्माण इकाइयों पर छापेमारी कर रही है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि खाद्य पदार्थों में मिलावट करना एक संगीन अपराध है और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि वे त्योहारों पर खुले या बिना पैकिंग वाले खाद्य पदार्थ खरीदते समय सतर्क रहें और यदि उन्हें किसी दुकान या गोदाम पर मिलावट या अस्वच्छता की शिकायत हो, तो वे तुरंत खाद्य सुरक्षा विभाग को सूचित करें।
सीतामढ़ी में हुई इस कार्रवाई से स्थानीय व्यापारियों और मिलावटखोरों में हड़कंप मचा हुआ है। 80 किलो नकली पनीर का नष्ट किया जाना और मिठाई गोदाम में गड़बड़ी पकड़े जाने से यह संदेश साफ हो गया है कि प्रशासन खाद्य सुरक्षा को लेकर पूरी तरह सजग है। लैब रिपोर्ट आने के बाद इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू होगी। विभाग का मानना है कि ऐसी कार्रवाइयों से बाजार में शुद्धता बनी रहेगी और उपभोक्ताओं का विश्वास बना रहेगा। आने वाले दिनों में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे ताकि त्योहारों के दौरान कोई भी व्यक्ति मिलावटी खाद्य पदार्थों का शिकार न हो।

