Mon, 05 Oct 20268:47 PM
Mon, Oct 5, 2026Updated 8:47 PM IST
होम › मध्य प्रदेश

सतना: आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त करने पर भड़के विधायक, सैकड़ों ग्रामीणों के साथ वन विभाग कार्यालय में दिया धरना

WhatsAppFacebookX

मध्य प्रदेश के सतना जिले के मझगवां क्षेत्र में एक आदिवासी किसान का ट्रैक्टर वन विभाग द्वारा जब्त किए जाने को लेकर सोमवार को भारी हंगामा हुआ। इस मामले में स्थानीय विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने वन विभाग की कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और सैकड़ों ग्रामीणों के साथ वन विभाग के कार्यालय पहुंचकर धरने पर बैठ गए। विधायक और उनके समर्थकों ने वन विभाग पर किसानों को बेवजह परेशान करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों ने अपनी कार्रवाई को नियमानुसार बताते हुए अपना बचाव किया है। यह पूरा मामला अब राजनीतिक और प्रशासनिक चर्चा का विषय बन गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतना जिले के मझगवां इलाके में वन विभाग की टीम ने हाल ही में एक आदिवासी किसान का ट्रैक्टर जब्त कर लिया था। वन विभाग ने जिस आधार पर यह कार्रवाई की, उसको लेकर स्थानीय स्तर पर असंतोष व्याप्त हो गया। जैसे ही इस घटना की जानकारी क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार को मिली, उन्होंने तत्काल इसका संज्ञान लिया। सोमवार को विधायक गहरवार ने अपने समर्थकों और क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों के साथ मिलकर वन विभाग के कार्यालय का रुख किया। भारी संख्या में ग्रामीणों को देखकर कार्यालय परिसर में कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।

वन विभाग कार्यालय पहुंचने के बाद विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार ने सीधे तौर पर विभागीय अधिकारियों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। उन्होंने कार्यालय परिसर में ही धरना शुरू कर दिया और स्पष्ट शब्दों में मांग रखी कि जब्त किए गए आदिवासी किसान का ट्रैक्टर बिना किसी शर्त के तुरंत वापस किया जाए। विधायक ने वन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि विभाग के अधिकारी क्षेत्र के आदिवासी किसानों को बेवजह परेशान कर रहे हैं। उनका कहना था कि गरीब और मेहनतकश आदिवासी किसान अपनी छोटी-छोटी जरूरतों और कृषि कार्यों के लिए इन वाहनों का उपयोग करते हैं, लेकिन वन विभाग की इस तरह की कार्रवाई से उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है। विधायक ने इसे किसानों के प्रति विभाग की उदासीनता और उत्पीड़न की नीति करार दिया।

विधायक के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों के धरने पर बैठने से मझगवां में वन विभाग कार्यालय के बाहर काफी भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों ने भी विधायक के सुर में सुर मिलाते हुए वन विभाग के खिलाफ नारेबाजी की और अपनी नाराजगी जाहिर की। ग्रामीणों का कहना था कि वन विभाग अक्सर स्थानीय आदिवासियों और किसानों के साथ सख्ती से पेश आता है, जिससे उन्हें अपने दैनिक कार्यों में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ट्रैक्टर जब्त होने से संबंधित किसान की आजीविका पर संकट आ गया है, जिसे देखते हुए ग्रामीणों ने ट्रैक्टर वापस दिलाने की मांग को लेकर विधायक के धरने का पूरा समर्थन किया।

दूसरी ओर, इस पूरे मामले में वन विभाग के अधिकारियों ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है। विधायक और ग्रामीणों द्वारा लगाए गए बेवजह परेशान करने के आरोपों का जवाब देते हुए वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि ट्रैक्टर जब्त करने की कार्रवाई पूरी तरह से नियमानुसार की गई है। अधिकारियों का दावा है कि विभागीय दिशा-निर्देशों और कानूनी प्रावधानों के तहत ही यह कदम उठाया गया है और इसमें किसी भी व्यक्ति विशेष को टार्गेट नहीं किया गया है। वन विभाग ने अपनी कार्यप्रणाली को सही ठहराते हुए कहा कि यदि किसी भी प्रकार का उल्लंघन पाया जाता है, तो विभाग नियमों के मुताबिक कार्रवाई करने के लिए बाध्य है।

मझगवां में हुई इस घटना ने एक बार फिर वन विभाग और स्थानीय आदिवासी किसानों के बीच चल रहे तनाव को सार्वजनिक कर दिया है। वन क्षेत्रों से लगे गांवों में अक्सर वन विभाग की कार्रवाइयों को लेकर स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों द्वारा विरोध दर्ज कराया जाता रहता है। विधायक सुरेंद्र सिंह गहरवार के धरने और सैकड़ों ग्रामीणों के समर्थन ने इस मामले को एक बड़े जनआंदोलन का रूप दे दिया है। फिलहाल, वन विभाग के अधिकारियों और विधायक के बीच इस मुद्दे पर कोई सहमति बनने की सूचना नहीं है। विधायक ने ट्रैक्टर वापस न होने तक अपना विरोध जारी रखने का संकेत दिया है, जिससे आने वाले दिनों में इस विवाद के और तूल पकड़ने की संभावना बनी हुई है।