सुपौल: नाबालिग लड़का-लड़की की शादी का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, पुलिस ने दोनों को किया रेस्क्यू; लड़की के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज

वन्दे भारत न्यूज़, सुपौल। बिहार के सुपौल जिले में बाल विवाह का एक सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है। जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एक गांव में नाबालिग लड़का और नाबालिग लड़की की शादी कराए जाने की घटना सामने आई है। इस शादी का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया, जिसके बाद यह मामला स्थानीय पुलिस और प्रशासन के संज्ञान में आया। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों नाबालिगों को रेस्क्यू कर लिया है। वहीं, लड़की के पिता द्वारा दिए गए आवेदन के आधार पर भपटियाही थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और विशेष रूप से उन लोगों की तलाश में जुट गई है जिन्होंने शादी का वीडियो बनाया और उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भपटियाही थाना क्षेत्र के एक ग्रामीण इलाके में कुछ दिन पूर्व एक नाबालिग लड़के और एक नाबालिग लड़की का विवाह संपन्न कराया गया था। इस दौरान मौजूद कुछ लोगों ने शादी की रस्मों का वीडियो अपने मोबाइल फोन में कैद कर लिया। इसके बाद उक्त वीडियो को सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया। सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ, यह तेजी से लोगों के बीच फैल गया और स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया। वायरल हो रहे इस वीडियो के माध्यम से ही जब पुलिस अधिकारियों को बाल विवाह की इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए तुरंत एक्शन लिया।
वीडियो वायरल होने और पुलिस तक सूचना पहुंचने के बाद भपटियाही थाने की पुलिस टीम ने संबंधित गांव में पहुंचकर तत्काल छापेमारी की। पुलिस ने अपनी कार्रवाई के दौरान दोनों नाबालिगों—लड़का और लड़की—को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया। रेस्क्यू किए गए दोनों नाबालिगों को पुलिस ने कानूनी प्रक्रियाओं के तहत उचित देखभाल और सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाए हैं। हालांकि, स्रोत में दोनों नाबालिगों की सटीक आयु या उनके परिवारों के सदस्यों के नामों का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है, लेकिन यह पुष्टि हुई है कि दोनों ही अभी नाबालिग हैं और उनकी शादी कानूनन मान्य नहीं है।
इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी सामने आया है कि लड़की के पिता ने स्वयं इस बाल विवाह के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। लड़की के पिता द्वारा भपटियाही थाने में दिए गए लिखित आवेदन के आधार पर पुलिस ने औपचारिक रूप से मामला दर्ज कर लिया है। लड़की के पिता की ओर से दी गई इस शिकायत ने मामले की जांच को एक ठोस कानूनी दिशा प्रदान की है। पुलिस अब इस आवेदन और सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो, दोनों को साक्ष्य के रूप में रखकर आगे की विधिक कार्रवाई कर रही है।
पुलिस की प्राथमिकताओं में अब उन व्यक्तियों की पहचान करना और उन्हें गिरफ्तार करना शामिल है जिन्होंने इस नाबालिग जोड़े की शादी का वीडियो बनाया था। साथ ही, उन लोगों की भी तलाश की जा रही है जिन्होंने इस वीडियो को जानबूझकर सोशल मीडिया पर वायरल किया। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि वीडियो बनाने और उसे ऑनलाइन प्रसारित करने वाले लोग भी इस कानूनी अपराध में सहभागी या उत्प्रेरक की भूमिका में हो सकते हैं। इसलिए, साइबर सेल और स्थानीय पुलिस की मदद से इन आरोपियों तक जल्द से जल्द पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, अभी तक किसी भी व्यक्ति की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है और तलाशी अभियान जारी है।
गौरतलब है कि भारत में बाल विवाह निरोधक अधिनियम, 2006 के तहत नाबालिगों की शादी कराना एक दंडनीय अपराध है। इस कानून के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति बाल विवाह का आयोजन करता है, उसमें शामिल होता है, या उसे बढ़ावा देता है, तो उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है। इसके अलावा, किसी नाबालिग का वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया पर वायरल करना भी कई अन्य कानूनों, जैसे पॉक्सो अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम के तहत गंभीर अपराध की श्रेणी में आ सकता है। सुपौल जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र में हुई इस घटना ने एक बार फिर समाज में व्याप्त बाल विवाह की कुप्रथा और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वन्दे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल भपटियाही पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस शादी का आयोजन किसने किया, इसमें किन-किन लोगों की भूमिका थी, और क्या ग्रामीण स्तर पर किसी पंचायत या बुजुर्गों की सहमति से यह कदम उठाया गया था। रेस्क्यू किए गए दोनों नाबालिगों को सुरक्षित रखा गया है और उनके भविष्य को लेकर बाल कल्याण समिति और संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित किया जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से भी अपील की है कि यदि किसी को बाल विवाह या इससे जुड़ी किसी भी गतिविधि की जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत स्थानीय थाने या चाइल्ड हेल्पलाइन को सूचित करें ताकि समय रहते ऐसे अपराधों को रोका जा सके। मामले की जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और आगे की कार्रवाई पुलिस द्वारा साक्ष्यों के आधार पर की जाएगी।

