Wed, 07 Oct 20269:24 AM
Wed, Oct 7, 2026Updated 9:24 AM IST
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सुपौल: NH-27 पर कपड़ा व्यवसायी की इनोवा कार पर अपराधियों ने चलाई तीन गोलियां, तीन थानों की पुलिस जांच में जुटी

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बिहार के सुपौल जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर मंगलवार रात एक कपड़ा व्यवसायी की इनोवा कार पर अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। इस घटना में अपराधियों ने कुल तीन राउंड गोली चलाई। हालांकि, इस हमले में व्यवसायी बाल-बाल बच गए। गोली चलने की आवाज सुनकर घबराए हुए व्यवसायी ने अपनी गाड़ी नहीं रोकी और सीधे सिमराही बाजार पहुंचकर राघोपुर पुलिस को पूरी घटना की सूचना दी। इस सनसनीखेज वारदात के बाद से इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, इस पूरे मामले की जांच के लिए तीन अलग-अलग थानों की पुलिस टीमों को लगाया गया है, जो संयुक्त रूप से छानबीन में जुटी हुई हैं।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, यह पूरी घटना सुपौल जिले के भपटियाही थाना क्षेत्र की बताई जा रही है। मंगलवार की रात एक कपड़ा व्यवसायी अपनी इनोवा कार से राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर यात्रा कर रहे थे। इसी दौरान रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए अज्ञात अपराधियों ने उनकी इनोवा कार को निशाना बनाया। अपराधियों ने चलती कार पर ताबड़तोड़ तीन राउंड फायरिंग की। गोलियों की गूंज से राष्ट्रीय राजमार्ग पर अफरातफरी का माहौल बन गया। अपराधियों की मंशा क्या थी और उन्होंने किस कारणवश कपड़ा व्यवसायी की गाड़ी पर हमला किया, यह अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। पुलिस इस बात का पता लगाने में जुटी है कि क्या यह घटना किसी पुरानी रंजिश, रंगदारी या लूटपाट के इरादे से अंजाम दी गई थी।

फायरिंग होते ही कार में सवार कपड़ा व्यवसायी बुरी तरह घबरा गए। ऐसे खतरनाक हालात में उन्होंने समझदारी का परिचय देते हुए अपनी इनोवा कार को बिल्कुल नहीं रोका। अगर वह गाड़ी रोकते तो अपराधी उनके साथ कोई बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे। व्यवसायी ने तेजी से गाड़ी भगाते हुए सीधे सिमराही बाजार का रुख किया। सिमराही बाजार पहुंचने के बाद उन्होंने राहत की सांस ली और तुरंत राघोपुर पुलिस को फोन करके पूरी घटना की विस्तृत जानकारी दी। व्यवसायी द्वारा दी गई सूचना के आधार पर पुलिस हरकत में आई और घटनास्थल की तरफ रवाना हुई।

इस घटना की सूचना मिलते ही सुपौल जिला पुलिस प्रशासन के आला अधिकारी भी सक्रिय हो गए। चूंकि यह वारदात राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर हुई है और अपराधी भागने में कामयाब हो गए, इसलिए पुलिस ने जांच का दायरा काफी व्यापक कर दिया है। बताया जा रहा है कि इस मामले की जांच के लिए भपटियाही थाना, राघोपुर थाना और अन्य संबंधित थाने की पुलिस को शामिल करते हुए कुल तीन थानों की पुलिस टीमों को लगाया गया है। ये तीनों टीमें आपस में समन्वय स्थापित करके अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही हैं। पुलिस की टीमें राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही हैं ताकि अपराधियों की पहचान की जा सके और उनके भागने की दिशा का पता लगाया जा सके।

बिहार में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सुरक्षा को लेकर यह घटना एक बार फिर सवाल खड़े करती है। एनएच-27 सुपौल जिले सहित उत्तर बिहार का एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यस्त मार्ग है, जहां दिन-रात भारी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है। रात के समय इस मार्ग पर व्यापारियों और आम लोगों का आना-जाना लगा रहता है। ऐसे में मंगलवार रात हुई इस फायरिंग की घटना ने व्यापारियों और राहगीरों की सुरक्षा पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। स्थानीय लोगों और व्यापारिक संगठनों में इस घटना को लेकर काफी रोष और भय का माहौल देखा जा रहा है। लोगों की मांग है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात्रि गश्ती को और अधिक सख्त किया जाए ताकि इस तरह की आपराधिक घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

पुलिस सूत्रों का कहना है कि फिलहाल कपड़ा व्यवसायी के बयानों के आधार पर प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया और जांच दोनों साथ-साथ चल रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या अपराधियों ने पहले से ही व्यवसायी का पीछा किया था या फिर यह एक मौके पर की गई अचानक वारदात थी। इनोवा कार की भी जांच की जा रही है कि क्या उनमें से कोई गोली कार के किसी हिस्से में धंसी है या तीनों गोलियां कार को क्रॉस करके निकल गईं। फॉरेंसिक टीम को भी सबूत जुटाने के लिए लगाया गया है।

वहीं, दूसरी ओर पुलिस अधिकारियों ने आम लोगों और विशेषकर रात के समय राष्ट्रीय राजमार्ग पर सफर करने वाले व्यापारियों से अपील की है कि वे सतर्कता बरतें। यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि नजर आए तो तुरंत स्थानीय पुलिस या डायल 112 पर सूचना दें। सुपौल पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में तीन थानों की पुलिस की संयुक्त टीम लगातार छापेमारी कर रही है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस फायरिंग की घटना में शामिल किसी भी अपराधी की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो पाई है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द इस मामले का खुलासा कर दिया जाएगा और आरोपियों को सलाखों के पीछे लाया जाएगा। यह घटना सुपौल जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।