झारखंड सरकार में मंत्री दीपक बिरुआ ने संज्ञान लेते हुए धनबाद पुलिस और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं।

धनबाद:धनबाद की बहुचर्चित 8 लेन सड़क एक बार फिर खतरनाक स्टंट और रफ्तार के कारण सुर्खियों में है। तेतुलमारी के शक्ति चौक से बड़की बौआ तक रविवार और सोमवार को लगातार दो दिनों तक करीब 20 बाइकों ने हाईस्पीड रेस और जानलेवा स्टंट किए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक घंटों तक यह हुड़दंग चलता रहा, जिससे आम लोग दहशत में आ गए और सड़क किनारे खड़े होकर अपनी जान बचाने को मजबूर हो गए।
बताया जा रहा है कि इन बाइकों पर पश्चिम बंगाल का नंबर दर्ज था। हैरानी की बात यह रही कि इतनी बड़ी और खतरनाक गतिविधि के बावजूद धनबाद पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। यह वही सड़क है, जहां बीते एक साल में तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण 22 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। ऐसे में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान इस तरह की घटनाएं प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं।
जब इस मामले पर ट्रैफिक डीएसपी अरविंद कुमार सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि उन्हें बाइक रेस की जानकारी नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस हर जगह मौजूद नहीं रह सकती, लेकिन सूचना मिलने पर कार्रवाई की जाती है और अब नंबर के आधार पर संबंधित बाइकों की पहचान की जाएगी।
वहीं सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। इस पर झारखंड सरकार में मंत्री दीपक बिरुआ ने संज्ञान लेते हुए धनबाद पुलिस और जिला प्रशासन को सख्त निर्देश दिए हैं। मंत्री ने कहा कि सड़क पर इस तरह की स्टंटबाजी न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी गंभीर खतरा है। उन्होंने दोषियों के खिलाफ नियमों के तहत कठोर कार्रवाई करने और इसकी जानकारी देने को कहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस की गश्त और निगरानी होती, तो इस तरह का हुड़दंग रोका जा सकता था। अब सवाल यह है कि क्या प्रशासन सिर्फ वीडियो वायरल होने के बाद ही हरकत में आएगा, या भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।














