धनबाद, 11 नवंबर 2025हीरापुर स्थित झारखंड मैदान में चल रही सात दिवसीय धारावाहिक प्रवचन श्रृंखला के दूसरे दिवस आज श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रवचन के मुख्य वक्ता जगदगुरुत्तम पौत्र नीलमणि जी महाराज ने अपने आध्यात्मिक विचारों से उपस्थित भक्तों को जीवन के परम लक्ष्य का ज्ञान कराया और मानव जीवन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा कि “हम भगवान के अंश हैं, और वेदों के अनुसार ईश्वर ही आनंद स्वरूप हैं — ‘रसो वै सः’। अतः वास्तविक आनंद केवल ईश्वर की प्राप्ति से ही संभव है।”महाराज श्री ने आगे कहा कि शास्त्रों के अनुसार भगवान इन्द्रिय, मन और बुद्धि से परे हैं — वे प्रकाशक, प्रेरक और ज्ञाता हैं। उन्होंने समझाया कि यद्यपि ईश्वर को प्रत्यक्ष रूप से जानना असंभव प्रतीत होता है, लेकिन उनकी कृपा से ही साधारण जीव भी उस परम तत्व को जान सकता है।
उन्होंने कहा,> “भगवतकृपा बिना किसी को परम तत्व का ज्ञान नहीं हो सकता — न सरस्वती, न बृहस्पति, न इंद्र और न ही ब्रह्मा। केवल जो जीव भगवान की शरण में आता है, वही उनकी कृपा का अधिकारी बनता है।”प्रवचन के दौरान उन्होंने ‘शरणागति’ को ईश्वर की कृपा प्राप्त करने का एकमात्र माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि भगवान केवल उन्हीं पर कृपा करते हैं जो पूर्ण समर्पण भाव से उनकी शरण में आते हैं।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और भक्ति संगीत के बीच वातावरण भक्तिमय बन गया। प्रवचन श्रृंखला के आयोजकों ने बताया कि आने वाले दिनों में भी प्रतिदिन संध्या के समय प्रवचन का आयोजन होगा, जिसमें वेदांत, भक्ति और कर्मयोग से जुड़े विषयों पर चर्चा की जाएगी।#Dhanbad #JharkhandMaidan #Pravachan #Jagadguru #NeelmaniJi #SpiritualDiscourse #Bhakti #Sharanagati #HinduDharma
















