रांची, 25 अक्टूबर 2025: रिम्स के पीएसएम विभाग ने झारखंड में डेंगू वैक्सीन के तीसरे चरण का ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस चरण में 18 से 60 वर्ष की उम्र के 692 प्रतिभागियों को टीका लगाया गया, जिसमें ओरमांझी, कांके, धुर्वा और रिम्स के आसपास के लोग शामिल थे। सभी प्रतिभागियों का दो साल तक फॉलोअप किया जाएगा ताकि टीके की प्रभावकारिता की पुष्टि हो सके।
टीका पूरी तरह स्वदेशी है और इसे पैनेशिया बायोटेक के सहयोग से विकसित किया गया। रिम्स के पीएसएम विभाग ने पूरे ट्रायल की निगरानी और प्रबंधन संभाला। देश के 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश की 19 जगहों पर तीसरे चरण का ट्रायल चल रहा है। पिछले दो चरणों में किसी भी प्रतिभागी में कोई गंभीर साइड इफेक्ट नहीं देखा गया।
डॉ. देवेश कुमार, पीएसएम विभाग, रिम्स ने बताया कि अभी भारत में डेंगू का कोई वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। अप्रैल 2025 में WHO ने ‘क्यू डेंगा’ नामक वैक्सीन को अनुमति दी है, लेकिन यह भारत में फिलहाल उपलब्ध नहीं है। अगर तीसरे चरण का ट्रायल सफल रहता है, तो यह स्वदेशी टीका जल्द ही भारतीय बाजार में उपलब्ध कराया जाएगा।टीका लगने के बाद प्रतिभागियों को दो वर्षों तक निगरानी में रखा जाएगा। यदि इस अवधि में किसी प्रतिभागी को डेंगू नहीं होता, तो इसे पूरी तरह सफल माना जाएगा। इसके बाद शोध टीम केंद्र सरकार से इसे व्यावसायिक रूप से उपलब्ध कराने की सिफारिश करेगी।
यह उपलब्धि भारतीय वैज्ञानिक और स्वास्थ्य प्रणाली के लिए बड़ी सफलता मानी जा रही है और देश में डेंगू नियंत्रण में नए आयाम खोल सकती है।
















