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Mon, Oct 5, 2026Updated 8:47 PM IST
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टीकमगढ़ पीजी कॉलेज में ड्यूटी के समय प्रोफेसर मिले अनुपस्थित, NSUI ने किया विरोध; प्राचार्य ने दी FIR दर्ज कराने की धमकी

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टीकमगढ़। मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले स्थित पीजी कॉलेज में सोमवार को एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें कॉलेज के कई प्रोफेसर अपने निर्धारित ड्यूटी के समय परिसर में अनुपस्थित पाए गए। इस घटनाक्रम के बाद नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के पदाधिकारियों और छात्र कार्यकर्ताओं ने कॉलेज पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्र संगठन ने प्रोफेसरों की इस अनुपस्थिति पर गंभीर सवाल उठाते हुए कॉलेज प्रशासन से जवाब मांगा। हालांकि, जब छात्र प्रतिनिधि अपनी शिकायत लेकर कॉलेज के प्राचार्य के पास पहुंचे, तो प्राचार्य ने उनकी बात सुनने के बजाय उन पर एफआईआर (FIR) दर्ज कराने की धमकी दे दी। इस पूरे मामले ने जिले में उच्च शिक्षा की व्यवस्था और कॉलेज प्रशासन के रवैये पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

सोमवार का दिन टीकमगढ़ पीजी कॉलेज के लिए काफी हंगामेदार रहा। जानकारी के अनुसार, जब छात्र नियमित कक्षाओं के लिए कॉलेज पहुंचे, तो उन्हें पता चला कि कई महत्वपूर्ण विषयों के प्रोफेसर कॉलेज परिसर में मौजूद नहीं हैं। ड्यूटी के समय प्रोफेसरों के गायब होने से छात्रों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। छात्र बिना पढ़ाई के कॉलेज में इधर-उधर भटकते रहे। इस स्थिति को देखते हुए NSUI के कार्यकर्ताओं ने तुरंत मोर्चा संभाला और कॉलेज प्रशासन के खिलाफ विरोध का बिगुल फूंक दिया। NSUI का सीधा आरोप है कि कॉलेज में अनुशासनहीनता चरम पर है और प्रोफेसर अपने दायित्वों के प्रति गंभीर नहीं हैं। छात्र संगठन का कहना है कि जब शिक्षक ही निर्धारित समय पर कॉलेज नहीं आएंगे, तो छात्रों का भविष्य कैसे सुरक्षित हो सकता है।

NSUI के कार्यकर्ताओं ने कॉलेज परिसर में प्रदर्शन करते हुए प्रोफेसरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की। छात्र नेताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि वे अपनी शिक्षा के अधिकार के लिए लड़ रहे हैं और किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उनका आरोप था कि यह कोई पहली घटना नहीं है, बल्कि कॉलेज में अक्सर प्रोफेसर समय पर नहीं आते हैं या बिना पूर्व सूचना के अनुपस्थित रहते हैं, जिसका सीधा असर छात्रों की पढ़ाई और उनके शैक्षणिक परिणामों पर पड़ता है। NSUI ने इस मुद्दे को गंभीरता से उठाते हुए कॉलेज प्रबंधन से इसका समाधान निकालने की मांग की ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।

इस विरोध प्रदर्शन और शिकायत के बाद मामला कॉलेज के प्राचार्य तक पहुंचा। जब NSUI के प्रतिनिधिमंडल ने प्राचार्य से मुलाकात कर प्रोफेसरों की अनुपस्थिति का मुद्दा उठाया और जवाब मांगा, तो प्राचार्य का रवैया छात्रों के प्रति बेहद सख्त बताया जा रहा है। स्रोत के अनुसार, प्राचार्य ने छात्रों की समस्याओं को सुनने और उसका निराकरण करने के बजाय उन्हें पुलिस कार्रवाई की धमकी दे दी। प्राचार्य ने NSUI कार्यकर्ताओं को चेतावनी दी कि यदि उन्होंने कॉलेज परिसर में हंगामा किया या विरोध प्रदर्शन जारी रखा, तो उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। प्राचार्य की ओर से दी गई इस धमकी ने छात्रों के बीच रोष को और अधिक बढ़ा दिया है।

छात्र संगठन का मानना है कि प्राचार्य को छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए था और प्रोफेसरों की अनुपस्थिति के कारणों की जांच करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा करने के बजाय शिकायतकर्ताओं को ही डराने का प्रयास किया गया। प्राचार्य द्वारा एफआईआर की धमकी दिए जाने के बाद NSUI ने इसे छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास बताया है। छात्रों ने सवाल उठाया है कि क्या कॉलेज में अपनी समस्या बताना अब अपराध हो गया है? यदि प्रोफेसर ड्यूटी के समय गायब रहेंगे, तो छात्र किससे शिकायत करेंगे?

टीकमगढ़ पीजी कॉलेज जिले का एक प्रमुख उच्च शिक्षा संस्थान है, जहां आसपास के कई क्षेत्रों से बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं स्नातकोत्तर और अन्य उच्च शिक्षा प्राप्त करने आते हैं। ऐसे संस्थान में प्रोफेसरों की अनुपस्थिति और प्रशासन का असहयोगात्मक रवैया छात्रों के शैक्षणिक भविष्य के लिए खतरे की घंटी माना जा रहा है। उच्च शिक्षा विभाग के नियमों के अनुसार, सभी शिक्षकों को निर्धारित समय पर कॉलेज में उपस्थित होना अनिवार्य होता है, लेकिन इस मामले में नियमों की खुलेआम अनदेखी सामने आई है।

वहीं, प्राचार्य द्वारा एफआईआर की धमकी देने के मामले पर अभी तक पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि क्या वास्तव में प्राचार्य ने लिखित या मौखिक रूप से कोई औपचारिक शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई है या यह केवल छात्रों को डराने के लिए दी गई चेतावनी थी। इस संबंध में अनुपस्थित प्रोफेसरों का भी कोई पक्ष सामने नहीं आया है कि वे ड्यूटी के समय कॉलेज से क्यों गायब थे।

इस पूरे घटनाक्रम ने टीकमगढ़ में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और कॉलेज प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गहरी चिंता व्यक्त की है। NSUI ने साफ कर दिया है कि वे छात्रों के हितों से कोई समझौता नहीं करेंगे। छात्र संगठन ने मांग की है कि अनुपस्थित प्रोफेसरों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जानी चाहिए और प्राचार्य को छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा धमकी देने के लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और उच्च शिक्षा विभाग इस मामले पर क्या संज्ञान लेता है और छात्रों की समस्याओं का समाधान कैसे निकाला जाता है।