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Thu, Oct 8, 2026Updated 9:59 AM IST
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ट्रंप ने फिर नोबेल शांति पुरस्कार पर जताया दावा, कहा- मैंने 8 युद्ध खत्म कराए, सिर्फ तथ्य बता रहा हूं

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वाशिंगटन। वंदे भारत न्यूज डेस्क। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर नोबेल शांति पुरस्कार पर अपना दावा जताया है। वाशिंगटन में दिए गए अपने बयान में उन्होंने कहा कि उन्होंने आठ वैश्विक संघर्षों को खत्म कराया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि वह कोई अतिरंजित बात नहीं कर रहे हैं, बल्कि सिर्फ तथ्य बता रहे हैं। यह पहली बार नहीं है जब अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की मांग की है। इससे पहले वर्ष 2025 में भी उन्होंने नोबेल शांति पुरस्कार मिलने का दावा किया था और अपनी उपलब्धियों को इसके योग्य बताया था।

वाशिंगटन में जारी किए गए अपने बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन के प्रयासों से दुनिया भर में चल रहे आठ युद्ध समाप्त हुए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह कोई राजनीतिक बयानबाजी नहीं है, बल्कि उनके कार्यकाल के दौरान हुई ठोस उपलब्धियां हैं। ट्रंप ने कहा, “मैंने 8 युद्ध खत्म कराए हैं, मैं सिर्फ तथ्य बता रहा हूं।” उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर शांति और सुरक्षा को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने अपनी विदेश नीति को सफल बताते हुए कहा कि उनके द्वारा उठाए गए कदमों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तनाव कम हुआ है और कई देशों के बीच चल रहे टकराव को समाप्त करने में मदद मिली है।

गौरतलब है कि डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर लगातार अपनी दावेदारी पेश करते रहे हैं। वर्ष 2025 में भी उन्होंने इसी तरह का रुख अपनाया था। उस दौरान भी उन्होंने यह दावा किया था कि उनके द्वारा किए गए शांति प्रयासों को देखते हुए उन्हें नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया जाना चाहिए। 2025 में की गई उनकी मांग के बाद अब 2026 में एक बार फिर उन्होंने इस मुद्दे को उठाया है और सीधे तौर पर आठ युद्धों को खत्म कराने का हवाला दिया है। ट्रंप के इन बयानों से यह स्पष्ट होता है कि वह अपनी विदेश नीति की सफलताओं को लेकर बेहद आश्वस्त हैं और चाहते हैं कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय इसे मान्यता दे।

हालांकि, ट्रंप द्वारा किए गए इस दावे को लेकर अभी तक नोबेल समिति की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। नोबेल शांति पुरस्कार की चयन प्रक्रिया पूरी तरह से गोपनीय होती है। नॉर्वे की नोबेल समिति हर साल इस पुरस्कार के लिए नामांकन आमंत्रित करती है। दुनिया भर के सांसद, विश्वविद्यालय के प्रोफेसर, पूर्व नोबेल पुरस्कार विजेता और कुछ अन्य निर्धारित योग्यता रखने वाले लोग ही किसी व्यक्ति या संगठन को इस पुरस्कार के लिए नामांकित कर सकते हैं। नामांकन की प्रक्रिया और विजेता के चयन को लेकर सख्त नियम होते हैं और समिति कभी भी चयन प्रक्रिया के दौरान सार्वजनिक रूप से किसी दावेदार पर टिप्पणी नहीं करती है। इसलिए यह कहना निश्चित नहीं है कि ट्रंप को औपचारिक रूप से नामांकित किया गया है या नहीं।

अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में डोनाल्ड ट्रंप की विदेश नीति हमेशा से चर्चा में रही है। उन्होंने कई द्विपक्षीय और बहुपक्षीय मंचों पर अमेरिका की भूमिका को नए तरीके से परिभाषित करने का प्रयास किया है। उनके समर्थकों का मानना है कि ट्रंप की कूटनीतिक शैली पारंपरिक दृष्टिकोण से अलग है और यही कारण है कि वे उन क्षेत्रों में भी सफलता प्राप्त करने में सक्षम रहे हैं जहां दशकों से गतिरोध बना हुआ था। वहीं, आलोचक अक्सर उनके दावों पर सवाल उठाते रहे हैं और तथ्यों की पुष्टि की मांग करते हैं। लेकिन वाशिंगटन में दिए गए ताजा बयान में ट्रंप ने स्पष्ट रूप से ‘तथ्य’ शब्द का इस्तेमाल किया है, जिससे लगता है कि वह अपने दावों को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हैं।

नोबेल शांति पुरस्कार दुनिया के सबसे प्रतिष्ठित पुरस्कारों में से एक है। इसकी शुरुआत अल्फ्रेड नोबेल की वसीयत के आधार पर हुई थी और यह उन व्यक्तियों या संगठनों को दिया जाता है जिन्होंने शांति, निरस्त्रीकरण या भाईचारे की दिशा में उत्कृष्ट कार्य किया हो। अतीत में कई अमेरिकी राष्ट्रपतियों को यह पुरस्कार मिल चुका है, जिसमें थियोडोर रूजवेल्ट, वुड्रो विल्सन, जिमी कार्टर और बराक ओबामा शामिल हैं। ऐसे में डोनाल्ड ट्रंप का इस पुरस्कार पर दावा जताना राजनीतिक और कूटनीतिक दोनों ही दृष्टिकोणों से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति के जानकारों का मानना है कि ट्रंप का यह बयान उनकी घरेलू और वैश्विक छवि को मजबूत करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। आठ युद्धों को खत्म कराने का दावा अपने आप में एक बहुत बड़ा कथन है, और यदि इसकी पुष्टि होती है तो यह निश्चित रूप से ऐतिहासिक होगा। हालांकि, वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ट्रंप ने वाशिंगटन में दिए गए अपने बयान में उन आठ विशिष्ट संघर्षों या युद्धों के नामों का खुलासा नहीं किया है जिन्हें उन्होंने खत्म कराने का दावा किया है। उन्होंने केवल इतना कहा है कि उन्होंने आठ युद्ध खत्म कराए हैं और वह सिर्फ तथ्य बता रहे हैं।

वंदे भारत न्यूज के पाठकों को बता दें कि नोबेल शांति पुरस्कार की घोषणा आमतौर पर हर साल अक्टूबर के महीने में नॉर्वे की राजधानी ओस्लो में की जाती है और पुरस्कार वितरण समारोह दिसंबर में आयोजित होता है। ऐसे में देखना यह होगा कि क्या डोनाल्ड ट्रंप का यह दावा आगामी नोबेल शांति पुरस्कार की चर्चाओं में कोई भूमिका निभाता है या यह केवल एक राजनीतिक बयान बनकर रह जाएगा। फिलहाल, नोबेल समिति की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी या पुष्टि नहीं दी गई है, इसलिए इस दावे को लेकर अनिश्चितता बरकरार है।