उदयपुर: किन्नर समाज ने सूरजपोल थाने के बाहर किया प्रदर्शन, धर्म परिवर्तन के दबाव और 50 लाख रुपये की ब्लैकमेलिंग का गंभीर आरोप

उदयपुर। राजस्थान के उदयपुर शहर में किन्नर समाज की महिलाओं ने सूरजपोल थाने के बाहर एकत्र होकर जोरदार प्रदर्शन किया। इस प्रदर्शन के दौरान समाज की महिलाओं ने एक समाज विशेष के व्यक्ति पर अत्यंत गंभीर आरोप लगाए हैं। किन्नर समाज का आरोप है कि उक्त व्यक्ति द्वारा उन्हें जबरन धर्म परिवर्तन करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है और साथ ही उनसे 50 लाख रुपये की मांग करते हुए ब्लैकमेलिंग की जा रही है। इस घटनाक्रम ने शहर में सामाजिक तनाव और कानून व्यवस्था को लेकर चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, किन्नर समाज की बड़ी संख्या में महिलाएं सूरजपोल थाने के परिसर के बाहर पहुंचीं और उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपने साथ हो रहे कथित उत्पीड़न के विरुद्ध आवाज बुलंद की। प्रदर्शनकारी महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई करने और उन्हें न्याय दिलाने की मांग की। समाज का कहना है कि वे पिछले काफी समय से मानसिक और सामाजिक रूप से प्रताड़ित हो रही हैं, जिसके बाद उन्हें सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
इस पूरे मामले में किन्नर समाज उदयपुर की गादीपति पायल बुआ ने विस्तार से अपनी व्यथा सुनाई। पायल बुआ ने स्पष्ट रूप से बताया कि सद्दाम पठान नाम का एक व्यक्ति पिछले तीन सालों से लगातार उन्हें परेशान कर रहा है। उनके मुताबिक, यह उत्पीड़न कोई नया नहीं है, बल्कि तीन वर्षों से जारी एक लंबी प्रक्रिया है जिसमें समाज की महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। गादीपति ने आरोप लगाया कि सद्दाम पठान द्वारा उन्हें लगातार ब्लैकमेल किया जा रहा है और इस ब्लैकमेलिंग के तहत उनसे 50 लाख रुपये की भारी रकम की मांग की गई है। इतनी बड़ी रकम की मांग ने समाज की महिलाओं को गहरे मानसिक दबाव और भय के साये में जीने को मजबूर कर दिया है।
पायल बुआ ने प्रदर्शन के दौरान एक और बेहद गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि रुपये की मांग के साथ-साथ आरोपी सद्दाम पठान उन पर जबरन धर्म परिवर्तन करने का भी दबाव बना रहा है। धर्म परिवर्तन का यह दबाव किन्नर समाज की महिलाओं के लिए किसी बड़े खतरे से कम नहीं माना जा रहा है। समाज का कहना है कि धार्मिक आस्था और पहचान को बदलने के लिए किया जा रहा यह दबाव पूरी तरह से असंवैधानिक और गैरकानूनी है। इसी कारणवश समाज की महिलाओं ने सामूहिक रूप से थाने के बाहर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज कराया है।
प्रदर्शन के दौरान किन्नर समाज की महिलाओं ने पुलिस प्रशासन से गुहार लगाई कि वे इस मामले को गंभीरता से लें। समाज की ओर से यह मांग की गई है कि आरोपी सद्दाम पठान के खिलाफ भारतीय दंड संहिता और अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त मामला दर्ज किया जाए। उनका कहना है कि यदि पुलिस प्रशासन द्वारा समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई, तो समाज की महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान दोनों खतरे में पड़ सकते हैं। तीन साल से चल रहे इस कथित उत्पीड़न ने समाज में गहरा रोष पैदा कर दिया है।
सूरजपोल थाने के बाहर हुए इस प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। हालांकि, अभी तक इस मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या पुष्टि सामने नहीं आई है कि आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है या नहीं। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को क्या आश्वासन दिया है। वंदे भारत न्यूज़ इस बात की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है कि आरोपी सद्दाम पठान को पुलिस ने हिरासत में लिया है या वह अभी भी फरार है।
गौरतलब है कि उदयपुर शहर में पहले भी सामाजिक और सांप्रदायिक संवेदनशीलता से जुड़े कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे में धर्म परिवर्तन के दबाव और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोपों को लेकर किन्नर समाज का सड़कों पर उतरना शहर की कानून व्यवस्था और सामाजिक सद्भाव के लिए एक महत्वपूर्ण विषय बन गया है। किन्नर समाज, जो आम तौर पर समाज के हाशिए पर जीवन यापन करता है, जब इस तरह के गंभीर आरोपों के साथ थाने के बाहर प्रदर्शन करता है, तो यह दर्शाता है कि उनकी समस्याएं कितनी विकराल हो चुकी हैं।
समाज की गादीपति पायल बुआ और अन्य महिलाओं ने यह स्पष्ट किया है कि वे न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगी। उनका कहना है कि तीन साल की लंबी अवधि तक चुप रहने के बाद अब उनके पास सड़कों पर आने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा था। 50 लाख रुपये की रंगदारी और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे संगीन आरोपों ने उन्हें इस कदम के लिए बाध्य किया है।
अब सभी की निगाहें उदयपुर पुलिस प्रशासन और सूरजपोल थाने की पुलिस पर टिकी हुई हैं। यह देखना होगा कि पुलिस इन गंभीर आरोपों की जांच किस प्रकार करती है और आरोपी के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई अमल में लाई जाती है। समाज की महिलाओं ने पुलिस से निष्पक्ष और तेजी से जांच पूरी करने की अपील की है ताकि उन्हें न्याय मिल सके और भविष्य में किसी अन्य व्यक्ति को इस तरह के उत्पीड़न का सामना न करना पड़े। फिलहाल, इस पूरे मामले में आरोपी सद्दाम पठान का पक्ष या उसकी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है और यह मामला पुलिस जांच के दायरे में बताया जा रहा है।

