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Thu, Oct 8, 2026Updated 9:59 AM IST
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उज्जैन: CMHO डॉ. विक्रम रघुवंशी ने चार्ज लेते ही जारी किए सख्त निर्देश, बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी

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उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में नवनियुक्त मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. विक्रम रघुवंशी ने अपने पद का कार्यभार ग्रहण करते ही स्वास्थ्य विभाग में बड़े बदलावों के संकेत दे दिए हैं। डॉ. रघुवंशी ने चार्ज लेने के तुरंत बाद अस्पताल प्रबंधन, निजी अस्पतालों, मरीजों और स्वास्थ्यकर्मियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि किसी भी स्तर पर होने वाली लापरवाही को बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस रुख से स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों में एक नई गंभीरता देखी जा रही है।

डॉ. विक्रम रघुवंशी ने यह सुनिश्चित करने का आदेश दिया है कि सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। उनका जोर इस बात पर है कि बाह्य रोगी विभाग (OPD), विभिन्न प्रकार की जांच, दवाइयों की उपलब्धता, मरीजों को भर्ती करने की प्रक्रिया और अन्य सभी स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं के लिए मरीजों को इधर-उधर भटकना न पड़े। अक्सर देखा जाता है कि मरीजों को छोटी-छोटी सुविधाओं के लिए भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है, लेकिन नए CMHO ने इस व्यवस्था में तत्काल सुधार लाने की बात कही है।

CMHO डॉ. रघुवंशी द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि उनके द्वारा जारी किए गए ये निर्देश केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेंगे। इनका जमीनी स्तर पर सख्ती से पालन कराया जाएगा। उन्होंने साफ तौर पर चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या संस्था नियमों का उल्लंघन करेगी, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता और पारदर्शिता बनाए रखना उनकी प्राथमिकता रहेगी।

इसके साथ ही, डॉ. विक्रम रघुवंशी ने अस्पतालों में मरीजों की शिकायतों के समाधान के लिए एक मजबूत और प्रभावी प्रणाली (कंप्लेंट रिड्रेसल सिस्टम) लागू करने के आदेश दिए हैं। उनका मानना है कि यदि कोई मरीज या उनके परिजन किसी प्रकार की असुविधा या शिकायत दर्ज कराते हैं, तो उसका निवारण समयबद्ध तरीके से होना चाहिए। शिकायतों को अनदेखा करना या उन्हें दबाने का प्रयास करना अब स्वीकार्य नहीं होगा। इसके लिए अस्पताल प्रबंधनों को जिम्मेदारी तय करनी होगी।

नए CMHO के निर्देशों का दायरा केवल सरकारी अस्पतालों तक ही सीमित नहीं है। उन्होंने निजी अस्पतालों को लेकर भी अपनी प्रतिबद्धता जताई है। सूत्रों के अनुसार, बिना उचित लाइसेंस के संचालित किए जा रहे अस्पतालों और नर्सिंग होम के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की तैयारी है। ऐसे अवैध रूप से चल रहे स्वास्थ्य केंद्रों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कदम उठाए जाएंगे, ताकि मरीजों की जान से खिलवाड़ न हो सके।

स्वास्थ्यकर्मियों को लेकर भी डॉ. रघुवंशी ने स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि अस्पतालों में कार्यरत सभी कर्मचारियों और चिकित्सकों को अपने कर्तव्यों का पूरी ईमानदारी और निष्ठा के साथ पालन करना होगा। ड्यूटी के दौरान किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, जो स्वास्थ्यकर्मी अच्छा काम करेंगे और मरीजों को बेहतर सेवा देंगे, उनके प्रयासों को भी सराहा जाएगा।

CMHO डॉ. विक्रम रघुवंशी के पदभार ग्रहण करते ही उठाए गए इन कड़े कदमों से जिले के स्वास्थ्य विभाग में हलचल तेज हो गई है। अस्पताल प्रबंधन और स्वास्थ्यकर्मी अब इन नए निर्देशों को लागू करने की तैयारी में जुट गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इन निर्देशों का वास्तविक रूप से पालन होता है, तो उज्जैन जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में काफी सुधार देखने को मिल सकता है। मरीजों को अब OPD, जांच, दवा और भर्ती जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा।

बता दें कि मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) का पद जिले की समग्र स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी और संचालन के लिए सबसे महत्वपूर्ण पदों में से एक होता है। इस पद पर बैठने वाले अधिकारी की कार्यप्रणाली और सख्ती का सीधा असर आम जनता को मिलने वाली स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है। डॉ. विक्रम रघुवंशी ने अपने कार्यकाल की शुरुआत ही एक सख्त और स्पष्ट संदेश के साथ की है, जिससे यह उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले समय में उज्जैन जिले के अस्पतालों में मरीजों को पहले से कहीं अधिक बेहतर और व्यवस्थित स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त हो सकेंगी। वंदे भारत न्यूज़ की ओर से इस पूरे मामले पर लगातार नजर रखी जा रही है और आगे की अपडेट्स समय-समय पर दी जाएंगी।