तेल अवीव/तेहरान/वॉशिंगटन डीसी13 मिनट पहले
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अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध का आज 24वां दिन हैं। अमेरिका में इजराइल के राजदूत येचिएल लीटर ने कहा है कि उनका देश तब तक मिलिट्री ऑपरेशन जारी रखेगा, जब तक ईरान को घुटनों पर नहीं ला दिया जाता।
उन्होंने साफ कहा कि इजराइल अब ऐसे देश के साथ नहीं रह सकता, जो लगातार उसे खत्म करने की बात करता है और मिसाइल हमले कर रहा है।
दूसरी तरफ ईरानी राष्ट्रपति मसूद पजशकियान ने कहा है कि किसी भी हमले का जवाब मैदान में दिया जाएगा। अगर ईरान के परमाणु ठिकानों को निशाना बनाया गया, तो वह होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर सकता है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई पर बड़ा असर पड़ेगा।

रिपोर्ट- ईरान से सीजफायर पर बात करना चाहते हैं ट्रम्प
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टीम ईरान के साथ सीजफायर पर बात करना चाहती है। इस काम में ट्रम्प के सलाहकार जेरेड कुशनर और स्टीव विटकॉफ भी लगे हुए हैं। यह जानकारी एक्सियोस न्यूज ने दी है।
हालांकि ईरान ने बातचीत के लिए शर्त रखी है कि पहले जंग रोकी जाए और उसे हुए नुकसान का मुआवजा दिया जाए। ईरान का यह भी कहना है कि भविष्य में उस पर फिर से हमला नहीं होगा, इसकी पक्की गारंटी मिले।
दूसरी तरफ, ट्रम्प ने साफ कर दिया है कि वे अभी ईरान की सभी शर्तें मानने के लिए तैयार नहीं हैं, खासकर मुआवजे की मांग को। अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत फिलहाल नहीं हो रही है। लेकिन मिस्र, कतर और ब्रिटेन जैसे देश मध्यस्थ का रोल निभा रहे हैं।
अमेरिका चाहता है कि ईरान अपना मिसाइल प्रोग्राम कुछ समय के लिए बंद करे, यूरेनियम एनरिचमेंट रोक दे और अपने परमाणु ठिकानों को भी बंद करे। इसके अलावा, ईरान हिजबुल्लाह और हमास को पैसे देना भी बंद करे।

ईरान जंग से जुड़ी 3 तस्वीरें…

ईरान ने रविवार रात इजराइल पर कई क्लस्टर बम दागे।

अमेरिका ने रविवार को एयरस्ट्राइक कर कई ईरानी ड्रोन्स को तबाह किया।

इजराइल ने रविवार लेबनान के लितानी नदी पर मौजूद अल-कासमिया ब्रिज को उड़ा दिया।
अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
लाइव अपडेट्स
13 मिनट पहले
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ईरान कई शहरों में अमेरिका के खिलाफ मार्च निकाला गया
ईरान के कई शहरों में लोग सड़कों पर उतरकर अमेरिका और इजराइल के खिलाफ विरोध कर रहे हैं। यह जानकारी फार्स न्यूज एजेंसी ने दी है।
रविवार को कर्मन शहर में लोगों ने देश के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की तस्वीरें लेकर प्रदर्शन किया। इसी तरह के प्रदर्शन साउथ खोरासान, उर्मिया और अर्दबिल में भी प्रदर्शन हुए।

18 मिनट पहले
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उग्रवादी ग्रुप की धमकी- अमेरिका 5 दिन में बगदाद दूतावास खाली करे
इराक की राजधानी बगदाद में अमेरिका ने अपने ठिकानों पर हुए हमलों के बाद जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। अमेरिकी सेना ने अपने डिफेंस सिस्टम C-RAM की मदद से ड्रोन हमले को रोक दिया। इसके बाद अमेरिका ने इराक में ईरान समर्थित हथियारबंद समूहों पर हवाई हमले किए।
खतरे को देखते हुए अमेरिका और NATO ने बिक्ट्री बेस से अपने कुछ सैनिकों को थोड़े समय के लिए हटा लिया है। यह बेस बगदाद से करीब 20 किलोमीटर दूर है। हालांकि, इराक के उत्तर में अभी भी अमेरिकी सैनिक मौजूद हैं।
इस बीच, खतीब हिजबुल्लाह नाम के एक उग्रवादी ग्रुप ने अमेरिका को चेतावनी दी है। उसने कहा है कि अगर 5 दिनों के अंदर बगदाद में अमेरिकी दूतावास खाली नहीं किया गया, तो उस पर हमला किया जाएगा। यह दूतावास शहर के सबसे सुरक्षित इलाके ग्रीन जोन में है।
30 मिनट पहले
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युद्ध के बीच तेल-गैस से ईरान की रिकॉर्ड कमाई
अमेरिका-इजराइल के साथ जंग को ईरान ने एक मौके में बदल दिया है। अमेरिका ने खार्ग आइलैंड के पास सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया, लेकिन ग्लोबल ऑयल संकट के डर से तेल टर्मिनल को सीधे निशाना नहीं बनाया। इसी का फायदा उठाते हुए ईरान ने खार्ग टर्मिनल चालू रखा और ‘घोस्ट फ्लीट’ के जरिए चीन को सप्लाई जारी रखी है।
इंटरनेशनलएनर्जी एजेंसी और S&P ग्लोबल के मुताबिक, ईरान रोजाना 1.7 से 2 मिलियन (17 से 20 लाख) बैरल तेल एक्सपोर्ट कर रहा है। देश के करीब 90% तेल का एक्सपोर्ट अभी भी खार्ग टर्मिनल से हो रहा है।
साउथ पार्स गैस फील्ड पर हमले से एक्सपोर्ट प्रभावित हुआ, लेकिन गैस सप्लाई पूरी तरह बंद नहीं हुई। रिपोर्ट है कि होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले विदेशी जहाजों से ईरान करीब 16.5 करोड़ रुपए प्रति जहाज ‘वॉर टैक्स’ भी वसूल रहा है। पढ़ें पूरी खबर…

37 मिनट पहले
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एक्सपर्ट ने एनर्जी बचाने के उपाय बताए
दुनिया में बढ़ रहे ऊर्जा संकट को लेकर इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा है कि हालात संभालने के लिए लोगों को कुछ समय के लिए अपनी आदतें बदलनी पड़ सकती हैं।
उन्होंने कहा कि अगर लोग कुछ समय तक घर से काम करें, कम सफर करें और गाड़ियों की रफ्तार कम रखें, तो इससे काफी ईंधन बचाया जा सकता है। उनका मानना है कि ऐसे छोटे-छोटे कदम मिलकर बड़ी मदद कर सकते हैं।
उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा में उन्होंने कहा कि ये सुझाव अचानक नहीं दिए गए हैं, बल्कि कई सालों के अनुभव पर आधारित हैं। यूक्रेन वॉर के बाद यूरोप में ऊर्जा संकट आया था, तब ऐसे ही उपाय अपनाए गए थे और उनसे फायदा भी हुआ था।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा कि एनर्जी बचाने के छोटे-छोटे उपाय बड़ी मदद कर सकते हैं।
48 मिनट पहले
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दावा-ईरान ने हीट ट्रैकिंग मिसाइल से अमेरिकी F-35 को गिराया
ईरान ने 19 मार्च को दुनिया के सबसे एडवांस अमेरिकी फाइटर जेट F-35 को गिराने का दावा किया। ईरानी मीडिया प्रेस टीवी के मुताबिक ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अपने स्वदेशी ‘मजीद’ एयर डिफेंस सिस्टम के जरिए इसे मार गिराया।
अगर यह सच है तो ईरान पहला ऐसा देश होगा जो ऐसा कर पाया है। F-35 फाइटर जेट को करीब दो दशकों से अमेरिकी सैन्य ताकत का सबसे बड़ा प्रतीक माना जाता रहा है। यह सबसे प्रीमियम फाइटर जेट है, जिसे खास तौर पर इस तरह बनाया गया है कि वह दुनिया के सबसे मजबूत एयर डिफेंस सिस्टम में भी बिना पकड़े घुसकर हमला कर सके।
ईरान का दावा है कि उसने इस ‘अदृश्य’ माने जाने वाले जेट की कमजोरी पकड़ ली है। मजीद डिफेंस सिस्टम ने F-35 से निकली इंफ्रारेड यानी गर्मी को पकड़कर उसे निशाना बनाया गया। ईरान का कहना है कि F-35 भले ही रडार से बचने में सक्षम हो, लेकिन उसके इंजन से निकलने वाली गर्मी को पूरी तरह छिपाया नहीं जा सकता। पढ़ें पूरी खबर…

59 मिनट पहले
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अमेरिका की एडवाइजरी- दुनियाभर में अमेरिकी नागरिक सतर्क रहें
अमेरिकी विदेश विभाग ने दुनियाभर में अपने नागरिकों के लिए चेतावनी जारी की है। इसमें खास तौर पर मिडिल ईस्ट में ज्यादा सतर्क रहने को कहा गया है।
एडवाइजरी में कहा गया है कि विदेश में रह रहे अमेरिकी नागरिक अपने नजदीकी दूतावास या कॉन्सुलेट की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
अमेरिका ने यह भी चेतावनी दी है कि उसके राजनयिक ठिकानों को निशाना बनाया जा चुका है और ईरान समर्थक समूह दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में अमेरिकी नागरिकों से जुड़ी जगहों को निशाना बना सकते हैं।
02:57 AM23 मार्च 2026
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ईरान के खोर्रमाबाद में हवाई हमला, इलाके में ब्लैकआउट
ईरान के खोर्रमाबाद शहर में हवाई हमले के बाद एक इमारत पूरी तरह से ढह गई और आसपास के इलाके में ब्लैक आउट हो गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंधेरे के बीच लोकल लोग टॉर्च की मदद से मलबे में फंसे लोगों को खोज रहे हैं।
02:32 AM23 मार्च 2026
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डॉलर के मुकाबले कोरियन करेंसी 17 साल के सबसे निचले स्तर पर
दक्षिण कोरिया की मुद्रा वॉन अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 साल के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, वॉन की कीमत लगभग 1,510 वॉन प्रति डॉलर तक गिर गई, जो 2009 के बाद सबसे कमजोर स्तर है।
ईरान जंग को इस गिरावट की बड़ी वजह माना जा रहा है। जंग के वक्त इन्वेस्टर सुरक्षित माने जाने वाले अमेरिकी डॉलर की ओर भागते हैं, जिससे बाकी देशों की करेंसी कमजोर हो जाती है।
इसी वजह से सिर्फ कोरियन वॉन ही नहीं, बल्कि जापान की करेंसी येन भी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। येन की कीमत लगभग 160 येन प्रति डॉलर तक गिर गई, जो कुछ समय पहले 100-120 येन थी।
02:02 AM23 मार्च 2026
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रिपोर्ट- दक्षिणी लेबनान में 7 इजराइली सैनिक घायल
इजराइल की वल्ला न्यूज के मुताबिक, दक्षिणी लेबनान में ऑपरेशन के दौरान चार इजराइली सैनिक घायल हो गए। इसके अलावा, इसी इलाके में एक सैन्य यूनिट के पास ड्रोन हमले में एक और सैनिक घायल हुआ है।
वहीं, एक अलग घटना में उत्तरी इजराइल में वर्क एक्सीडेंट के दौरान दो और सैनिकों को चोटें आई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, सभी सातों घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है।
01:50 AM23 मार्च 2026
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ईरानी फिल्ममेकर बोले- इस्लामी स्कॉलर्स की चुप्पी समझ से परे
ईरान के फिल्ममेकर माजिद माजिदी इस्लामी स्कॉलर्स से नाराज हैं। उन्होंने खासकर मिस्र की अल-अजहर यूनिवर्सिटी में इन पर सवाल उठाए।
मजीदी ने कहा कि जब गाजा और ईरान में मुसलमानों पर हमले हो रहे हैं, तब बड़े इस्लामी स्कॉलर्स चुप हैं। उन्हें इन मुद्दों पर बोलना चाहिए, लेकिन वे कुछ नहीं कह रहे।
उन्होंने कहा कि अल-अजहर पहले इस्लाम की बड़ी और सम्मानित संस्था मानी जाती थी, जो हमेशा मुस्लिम एकता की बात करती थी। लेकिन अब उसकी चुप्पी समझ में नहीं आती।
मजीदी ने यह भी कहा कि जब आम लोग, बच्चे और महिलाएं मारे जा रहे हैं, तब चुप रहना गलत है। मजीदी वही डायरेक्टर हैं जिन्होंने ऑस्कर नॉमिनेटेड मशहूर फिल्म ‘चिल्ड्रन ऑफ हैवन’ बनाई थी।
01:30 AM23 मार्च 2026
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हॉर्मुज स्ट्रेट खोलने पर ट्रम्प-स्टार्मर की बातचीत
डोनाल्ड ट्रम्प और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के बीच हॉर्मुज स्ट्रेट को फिर से खोलने को लेकर बातचीत हुई है। ब्रिटिश पीएम ऑफिस के मुताबिक, दोनों नेताओं ने वैश्विक शिपिंग और ऊर्जा सप्लाई को सामान्य करने के लिए इसे जरूरी बताया।
अमेरिका ने बयान जारी कर कहा कि हॉर्मुज को खोलना ग्लोबल एनर्जी मार्केट में स्थिरता के लिए अहम है।
हालांकि, ईरान पर कार्रवाई शुरू होने के बाद ट्रम्प कई बार स्टार्मर की आलोचना भी कर चुके हैं। उन्होंने स्टार्मर को ‘विंस्टन चर्चिल जैसा नहीं’ बताया था। यह भी कहा था कि उन्हें युद्ध में मदद के लिए ब्रिटेन के एयरक्राफ्ट कैरियर की जरूरत नहीं है।
01:29 AM23 मार्च 2026
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ईरान युद्ध को लेकर UK अलर्ट, PM स्टार्मर ने इमरजेंसी बैठक बुलाई
ईरान को लेकर बढ़ते युद्ध के बीच आर्थिक असर को देखते हुए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने सोमवार को इमरजेंसी बैठक बुलाई है।
सरकार के मुताबिक, इस बैठक में वित्त मंत्री रेचल रीव्स, बैंक ऑफ इंग्लैंड के गवर्नर एंड्रयू बेली, विदेश मंत्री और ऊर्जा मंत्री भी शामिल होंगे।
बैठक में परिवारों और कारोबार पर पड़ रहे असर, ऊर्जा सुरक्षा, इंडस्ट्री और सप्लाई चेन की स्थिति, साथ ही अंतरराष्ट्रीय हालात पर चर्चा की जाएगी। यह बैठक ‘COBRA’ फॉर्मेट में हो रही है, जो संकट के समय बुलाई जाती है।
ब्रिटेन अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर इंपोर्टेड गैस पर निर्भर है। ऐसे में अमेरिका-इजराइल के हमले जारी रहने के बीच ऊर्जा कीमतों में और बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।
01:28 AM23 मार्च 2026
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सऊदी अरब ने उत्तरी सीमा पर ड्रोन मार गिराया
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने बताया है कि देश की उत्तरी सीमा पर एयर डिफेंस सिस्टम ने एक ड्रोन को मार गिराया है। इससे पहले भी सऊदी अरब के पूर्वी प्रांत में कई ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया जा चुका है।
01:28 AM23 मार्च 2026
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ट्रम्प की धमकियों के बाद ऑयल मार्केट में उतार-चढ़ाव, कीमतें 100 डॉलर पार
ईरान को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनियों के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में तेज उतार-चढ़ाव देखा गया।
ट्रेडिंग शुरू होते ही अमेरिकी बेंचमार्क WTI क्रूड करीब 1.8% चढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल (करीब ₹8,300) के पार पहुंच गया, हालांकि बाद में इसमें हल्की गिरावट आई।
वहीं, ब्रेंट क्रूड भी इसी रफ्तार से बढ़कर 113.44 डॉलर प्रति बैरल (करीब ₹9,400) तक गया, लेकिन करीब 45 मिनट बाद यह फिसलकर लगभग 111 डॉलर (करीब ₹9,200) के आसपास आ गया।
27 फरवरी को जब अमेरिका-इजराइल की ओर से ईरान पर हमले शुरू होने से एक दिन पहले, WTI 67.02 डॉलर (करीब ₹5,600) और ब्रेंट 72.48 डॉलर (करीब ₹6,000) प्रति बैरल पर था।
















