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16 घंटे पहले
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चीन में समलैंगिक विवाह का अधिकार खत्म हो गया। चीनी विधना परिषद ने बुधवार को उस बिल को खारिज कर दिया, जो समलैंगिक विवाह के रजिस्ट्रेशन से जुड़ा था। इस फैसले पर LGBTQ लोगों ने दुख जताया।
उन्होंने कहा कि यह फैसला अदालत के फैसले के खिलाफ है। चीन की अदालत ने 2023 में समलैंगिक शादियों को सीमित कानूनी मान्यता दी थी और सरकार को 2 सालों में समलैंगिक जोड़ों को अधिकार देने के लिए फ्रेमवर्क तैयार करने को कहा था। इसके बाद इन्हें कुछ अधिकार मिलने शुरू हो गए थे।
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पोलैंड ने 3 रूसी ड्रोन मार गिराए, पीएम बोले- सेकेंड वर्ल्ड वॅार के बाद सबसे खतरनाक हालात

पोलैंड ने बुधवार को अपने हवाई क्षेत्र में घुसे 3 रूसी ड्रोन को मार गिराया। यह पहली बार है जब नाटो के किसी देश ने रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद इस तरह की कार्रवाई की।
पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने कहा कि रात में 19 बार हवाई क्षेत्र का उल्लंघन हुआ। उन्होंने नाटो के नियम 4 को लागू किया, जिसके तहत सहयोगी देशों से सलाह मांगी जा सकती है।
टस्क ने कहा, ‘हम युद्ध के कगार पर नहीं हैं, लेकिन स्थिति पहले से कहीं ज्यादा खतरनाक है। यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे खतरनाक स्थिति है।’
पोलैंड ने तीन ड्रोन मार गिराए, और चौथा भी नष्ट किया गया। पोलैंड के रक्षा मंत्री ने नाटो और नीदरलैंड की वायुसेना को F-35 विमानों से मदद के लिए धन्यवाद दिया।
नाटो ने पोलैंड की रक्षा में मदद की पुष्टि की। नाटो के प्रवक्ता ने कहा कि 32 देशों के दूत इस मामले पर चर्चा करेंगे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने कहा कि रूस ने 415 ड्रोन और 40 मिसाइलों से हमला किया, जिनमें से 8 ड्रोन पोलैंड की ओर भेजे गए। उन्होंने इसे यूरोप के लिए खतरनाक बताया और सभी सहयोगियों से एकजुट जवाब की मांग की।
रूस के एक राजनयिक ने कहा कि पोलैंड ने ड्रोन के रूसी होने का कोई सबूत नहीं दिया। रूस का दावा है कि उसने यूक्रेन के 122 ड्रोन नष्ट किए। वहीं, अमेरिकी सांसदों ने रूस के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
सीनेटर डिक डर्बिन ने कहा कि पुतिन नाटो की इच्छाशक्ति को परख रहा है। सांसद जो विल्सन ने इसे युद्ध की कार्रवाई बताया और राष्ट्रपति ट्रम्प से रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने को कहा। हालांकि, ट्रम्प ने अभी तक कोई नए प्रतिबंध नहीं लगाए।
स्वीडन की स्वास्थ्य मंत्री एलिजाबेथ लैन की तबीयत बिगड़ी, प्रेस कान्फ्रेंस के दौरान बेहोश

स्वीडन की नई स्वास्थ्य मंत्री एलिजाबेथ लैन प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बेहोश हुई और पोडियम पर गिर गई। इसके बाद उनका तुरंत इलाज किया गया और उन्होंने वापस कांफ्रेंस ज्वाइन किया। लैन ने बताया कि ब्लड शुगर कम होने की वजह उनकी तबीयत बिगड़ी थी।
पूर्व स्वास्थ्य मंत्री एको अंकरबर्ग जोहानसन के इस्तीफे के बाद मंगलवार को लैन नई स्वास्थ्य मंत्री बनी थी। यह प्रेस कांफ्रेस में लैन को मीडिया से मिलाने के लिए रखा गया था। इसमें प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन और अन्य मंत्री भी मौजूद थे।
पूर्वी कांगो में इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोहियों ने 60 लोगों का कत्ल किया, अंतिम संस्कार में शामिल होने आए थे ग्रामीण

पूर्वी कांगो में मंगलवार रात को इस्लामिक स्टेट से जुड़े विद्रोही समूह एलाइड डेमोक्रेटिक फोर्स (ADF) ने हमला किया, जिसमें कम से कम 60 लोगों की मौत हो गई।
यह हमला उस समय हुआ जब लोग एक अंतिम संस्कार में इकट्ठा हुए थे। एक प्रत्यक्षदर्शी ने मीडिया को बताया, ‘लगभग 10 हमलावर थे। उनके पास माचेट (बड़ा चाकू) थे। उन्होंने लोगों को एक जगह इकट्ठा होने को कहा और फिर उन्हें मारना शुरू कर दिया। मैंने लोगों को चीखते सुना और बेहोश हो गई।’
लुबेरो क्षेत्र के प्रशासक कर्नल एलन किवेवा ने बताया कि मरने वालों की संख्या 60 के आसपास है, लेकिन अंतिम आंकड़ा अभी साफ नहीं है। उन्होंने कहा, ‘हमने क्षेत्र में सेवाएं भेजी हैं ताकि लोगों की गिनती की जा सके।’
मंगलवार को ही बेनी क्षेत्र में ADF ने एक और हमला किया था, जिसमें 18 लोग मारे गए थे। कांगो-युगांडा सीमा पर सक्रिय ADF ने 2019 में इस्लामिक स्टेट के प्रति निष्ठा जताई थी। कांगो और युगांडा की कार्रवाइयों के बावजूद यह समूह नागरिकों पर हमले कर रहा है।
जुलाई में इतुरी प्रांत में ADF ने दो बड़े हमले किए थे, जिनमें 34 और 66 लोग मारे गए थे। क्षेत्र में कई समूह सक्रिय हैं, जिनमें रवांडा समर्थित एम23 विद्रोही और कांगो सरकार के बीच बड़ा संघर्ष शामिल है।
संयुक्त राष्ट्र के मानवाधिकार आयुक्त वोल्कर तुर्क ने कहा कि सुरक्षा की कमी का फायदा उठाकर ADF हमले कर रहा है। स्थानीय लोग डर और अनिश्चितता में जी रहे हैं, और स्थिति लगातार बिगड़ रही है।
फ्रांस में 1 साल में चार PM बने, राष्ट्रपति मैक्रों ने रक्षा मंत्री लेकोर्नू को नया प्रधानमंत्री बनाया

फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने रक्षा मंत्री लेकोर्नू को नया प्रधानमंत्री बनाया है। सेबेस्टियन लेकोर्नू राष्ट्रपित मैक्रों के करीब माने जाते हैं। मैक्रों के कई मिशनों को इन्होंने सफल बनाया है।
फ्रांस में एक साल में चौथी बार प्रधानमंत्री की नियुक्ति हुई है। इससे पहले सोमवार को विश्वास मत न मिलने की वजह से पीएम फ्रांस्वा बायरू ने इस्तीफा दिया था।
पिछले साल सितंबर में गैब्रियल अटल के इस्तीफे के बाद माइकल बर्नियर पीएम बने थे। दिसंबर में उनके इस्तीफे के बाद बायरू ने पद संभाला था। लेकिन फ्रांस का वित्तीय घाटा कम न कर पाने की वजह से उनकी सरकार गिर गई।
मैक्रों ने नए पीएम लेकोर्नू को साल 2026 के लिए बजट पेश करने और संसद को सहमत करने की जिम्मेदारी सौंपी है। राष्ट्रपति मैक्रों कहा कि पीएम लेकोर्नू बजट के लिए संसद में सभी पार्टियों से सलाह लेंगे।
अमेरिकी वित्त मंत्री ने कहा-रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाने को तैयार

अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने मंगलवार को यूरोपीय देशों के साथ बातचीत में रूस पर कड़े प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि अमेरिका यूक्रेन युद्ध को रोकने के लिए रूस के खिलाफ कड़े कदम उठाने को तैयार है।
बेसेंट ने कहा कि रूस पर प्रतिबंध तभी सफल होगा, जब यूरोपीय देश अमेरिका का साथ देंगे। बेसेंट ने यूरोपीय देशों के दूत को राष्ट्रपति ट्रम्प की रणनीति के बार में बताया।
ओली के बाद नेपाल की सत्ता पर किसका कब्जा:रैपर बालेन शाह और पूर्व जज सुशीला कार्की बड़े दावेदार; राजा ज्ञानेंद्र की वापसी भी मुमकिन

नेपाल इस समय अपने सबसे बड़े नागरिक आंदोलन से गुजर रहा है। भ्रष्टाचार और शासन से नाराज जनता ने सरकार का तख्तापलट कर दिया। नतीजा यह हुआ कि प्रधानमंत्री ओली को इस्तीफा देकर भागना पड़ा।
राजनीतिक संकट गहराने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि देश की बागडोर किसके हाथ में होगी। इस आंदोलन में 5 चेहरों की चर्चा हो रही है, जिनके बारे में माना जा रहा है कि वे अंतरिम प्रधानमंत्री हो सकते हैं… यहां पढ़ें पूरी खबर…
नेपाल के बाद फ्रांस में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन:बजट कटौती के विरोध में 1 लाख लोग सड़क पर; 80 हजार पुलिसकर्मी तैनात, 300 उपद्रवी गिरफ्तार

नेपाल के बाद अब फ्रांस में भी सरकार के विरोध में प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। बजट में कटौती के खिलाफ और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के इस्तीफे की मांग को लेकर 1 लाख से ज्यादा लोग बुधवार को सड़क पर आ गए।
गृह मंत्री ब्रूनो रेतेयो ने बताया- प्रदर्शनकारियों ने रेन शहर में एक बस को आग लगा दी। दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में एक बिजली लाइन को नुकसान पहुंचने के बाद ट्रेन सेवाएं रोक दी गईं।
गृह मंत्री ने प्रदर्शनकारियों पर विद्रोह का माहौल बनाने की कोशिश करने का आरोप लगाया। फ्रांस बंद का आह्वान लेफ्ट पार्टियों ने किया है। इस प्रदर्शन को ‘ब्लॉक एवरीथिंग’ नाम दिया गया।
सरकार ने 80 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात कर दिया है। अब तक 200 से ज्यादा उपद्रवी गिरफ्तार किए जा चुके हैं। यहां पढ़ें पूरी खबर…
नेपाल में 13,500 कैदी फरार:पुलिस से झड़प में 5 नाबालिग कैदी मारे गए; अब तक 30 की मौत, 1000 घायल

नेपाल में सोशल मीडिया बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ छिड़े हिंसक प्रदर्शन का फायदा उठाकर 13,500 से ज्यादा कैदी भाग निकले। जबकि हिरासत में लिए गए 560 आरोपी भी फरार हो गए।
इसके अलावा पश्चिमी नेपाल की एक जेल में सुरक्षाकर्मियों और कैदियों के बीच झड़प हो गई। इसमें पुलिस की गोलीबारी से पांच नाबालिग कैदियों की मौत हो गई और चार गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस ने बताया कि एक सुधार गृह में कैदियों ने सुरक्षाकर्मियों के हथियार छीनने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस को गोली चलानी पड़ी। इस प्रदर्शन में अबतक 1000 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं और 30 मारे जा चुके हैं।
वहीं, लोकल मीडिया में दावा किया गया है कि देश की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की नेपाल की अंतरिम प्रधानमंत्री बन सकती हैं। इन्हें Gen-Z का समर्थन मिला है। यहां पढ़ें पूरी खबर…
नेपाल में युवाओं के विरोध की कहानी, VIDEO:सड़कों पर उतरे GEN-Z; 24 घंटे में ओली सरकार का तख्तापलट

नेपाल में 8 सिंतबर की सुबह आक्रोशित युवाओं ने काठमांडू की सड़कों पर हंगामा किया। प्रदर्शन पिछले 48 घंटे से जारी है।
हिंसक झड़पें और आगजनी में अबतक 22 लोग मारे गए हैं और 400 से ज्यादा घायल हैं। हिंसा के बाद हालात इतने बिगड़े कि 24 घंटे के अंदर ही ओली सरकार का तख्तापलट हो गया।
पीएम ओली पद से इस्तीफा देकर काठमांडू छोड़कर भाग गए। वहीं, बढ़ते हंगामे को रोकने के लिए सेना ने पूरे देश का कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है। नेपाल हिंसा में अबतक क्या हुआ जानने के लिए वीडियो देखें।
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