Wednesday, September 16, 2026
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दावा-मोदी ने भारत में चीन-विरोधी गतिविधियां रोकने का भरोसा दिया:चीन बोला- दोनों देश साझेदार रहें, प्रतिद्वंद्वी नहीं; सीमा पर शांति पर भी सहमति

चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान भारत की स्वतंत्र विदेश नीति की बात कही। चीन के मुताबिक, PM मोदी ने कहा कि भारत अपनी जमीन का इस्तेमाल चीन विरोधी गतिविधियों के लिए नहीं होने देगा। चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने सोमवार को कहा कि जिनपिंग और मोदी के बीच दिल्ली में हुई बैठक में सबसे अहम सहमति यह बनी कि चीन और भारत को प्रतिद्वंद्वी नहीं, बल्कि साझेदार बने रहना चाहिए। वांग के मुताबिक, दोनों नेताओं ने सीमा से लगे इलाकों में शांति बनाए रखने पर भी सहमति जताई। दोनों नेताओं की यह बैठक 12-13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स सम्मेलन से इतर हुई थी। वांग बोले- दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ रहा है वांग ने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है और लोगों के बीच संपर्क भी पहले से ज्यादा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि चीन और भारत की 2.8 अरब से ज्यादा आबादी के लिए दोनों देशों के रिश्तों में सुधार अच्छी खबर है। साथ ही, यह ग्लोबल साउथ के देशों के बीच सहयोग मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाएगा। दोनों देशों के नेताओं की रणनीतिक दिशा में चीन-भारत संबंध धीरे-धीरे खराब दौर से बाहर निकले हैं। अब दोनों देशों के रिश्ते फिर से शुरू होने के बाद एक नए स्तर पर पहुंच रहे हैं। ‘सीमा विवाद को पूरे रिश्ते के संदर्भ में देखना चाहिए’ वांग ने कहा कि सीमा विवाद को चीन-भारत के पूरे रिश्ते के बड़े संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि बातचीत और सहयोग दोनों देशों के रिश्तों की मुख्य दिशा बनी रहनी चाहिए। उन्होंने दोनों देशों से अपने विकास और राष्ट्रीय प्रगति को तेज करने की अपील की। साथ ही कहा कि चीन और भारत को मिलकर क्षेत्रीय और वैश्विक शांति और साझा समृद्धि में योगदान देना चाहिए। मोदी बोले- मतभेद विवाद न बनें भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, PM मोदी ने जिनपिंग से मुलाकात में रिश्तों को लंबे समय के नजरिए से आगे बढ़ाने पर जोर दिया। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच मतभेदों को विवाद में नहीं बदलना चाहिए। उन्होंने रिश्तों को आपसी सम्मान, संवेदनशीलता और आपसी हित के तीन सिद्धांतों के आधार पर आगे बढ़ाने की बात कही। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मोदी ने कहा कि दोनों देशों के रिश्तों को संभालने के लिए रणनीतिक और लंबे समय का नजरिया जरूरी है। एयर कनेक्टिविटी और दूसरे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ेगा अरुणाचल में तनाव के बीच हुई बैठक PM मोदी और जिनपिंग की बैठक ऐसे समय हुई, जब अरुणाचल प्रदेश के दूरदराज के तासिंग इलाके में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच तनाव की खबरें सामने आई हैं। हिंदुस्तान टाइम्स के मुताबिक, जुलाई और अगस्त में दोनों देशों के सैनिकों के बीच कई बार आमना-सामना हुआ था। तासिंग इलाका भारत-चीन सीमा के पास स्थित है और यहां दोनों देशों के सैनिकों की मौजूदगी को लेकर पहले भी तनाव रहा है। भारत और चीन पिछले कुछ समय से सीमा पर तनाव कम करने और आपसी रिश्तों को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं। रक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट के मुताबिक, चीन ने LAC पर अपनी सेना की तैनाती में कमी की है और कुछ इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाया गया है। लेकिन तासिंग में नए तनाव की खबरें दोनों देशों के बीच भरोसा बढ़ाने की कोशिशों के लिए चुनौती मानी जा सकती हैं। ——————– यह खबर भी पढ़ें… वर्ल्ड मीडिया बोला- ब्रिक्स में भारत के लिए बड़ी कामयाबी BRICS समिट के दौरान जारी हुए नई दिल्ली घोषणापत्र पर वर्ल्ड मीडिया के रिएक्शन आ रहे हैं। रॉयटर्स ने इस समिट को भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता बताया। पूरी खबर पढ़ें…
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