जेल आईजी सुदर्शन मंडल ने शुक्रवार को धनबाद जेल का तीन घंटे निरीक्षण किया। वे सुबह 8 बजे जेल पहुंचे और 11 बजे तक रहे। उनके पहुंचने पर गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
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भोजन की गुणवत्ता व स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में जाना
आईजी ने जेल के संसाधनों और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने कर्मचारियों से काम के दौरान आने वाली समस्याओं की जानकारी ली। बंदियों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और भोजन की गुणवत्ता व स्वास्थ्य सुविधाओं के बारे में पूछताछ की।
जेल में अवांछित सामान की तस्करी का खतरा बना रहता है
निरीक्षण में कई महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आए। धनबाद जेल में स्थायी अधीक्षक, जेलर, सहायक जेलर और वार्डन के पद खाली हैं। सुरक्षा की दृष्टि से जेल की स्थिति चिंताजनक है। जेल आवासीय क्षेत्र से घिरी है और इसकी सीमा दीवार घरों से सटी हुई है। इससे जेल में अवांछित सामान की तस्करी का खतरा बना रहता है।
मॉडल जेल के मानकों के अनुसार धनबाद जेल का क्षेत्रफल बहुत कम है। वर्ष 2016 में गोविंदपुर में नई जेल के लिए जमीन देखी गई थी, जिस पर आगे कार्रवाई की जाएगी। आईजी ने चेन स्नैचिंग के मामलों पर भी चर्चा की और कहा कि संगठित गिरोहों के खिलाफ सीड (स्पेशल इंटेलिजेंस एंड इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट) की मदद ली जाएगी।
चास जेल के बाद धनबाद जेल की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। आईजी ने बताया कि यह निरीक्षण जेल की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है।