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प्रधानमंत्री मोदी ने 20वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए, बोले- 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की निर्णायक भूमिका

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले को संबोधित करते हुए 51 हजार से अधिक नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश वर्तमान में एक बहुत बड़े लक्ष्य की ओर अग्रसर है और वह लक्ष्य है वर्ष 2047 […]
प्रधानमंत्री मोदी ने 20वें रोजगार मेले में 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए, बोले- 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की निर्णायक भूमिका
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नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 20वें रोजगार मेले को संबोधित करते हुए 51 हजार से अधिक नवनियुक्त अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि देश वर्तमान में एक बहुत बड़े लक्ष्य की ओर अग्रसर है और वह लक्ष्य है वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का। उन्होंने नवनियुक्त युवाओं से आह्वान किया कि सरकारी सेवा में रहते हुए उन्हें हर ऐसा निर्णय लेना है जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के अभियान को निरंतर सशक्त बनाए।

देशभर के 45 स्थानों पर आयोजित इस रोजगार मेले के माध्यम से केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। इनमें राजस्व विभाग, रेल मंत्रालय, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, वित्तीय सेवा विभाग और रक्षा मंत्रालय प्रमुख रूप से शामिल हैं। प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार अक्टूबर 2022 से प्रारंभ हुई इस श्रृंखला में अब तक विभिन्न विभागों और सरकारी संगठनों में लगभग 12.75 लाख युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए जा चुके हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने त्योहारों के मौसम का उल्लेख करते हुए कहा कि खुशियों के इस दौर में आज का दिन हजारों परिवारों के जीवन में नई खुशी लेकर आया है। उन्होंने नवनियुक्त युवाओं और उनके परिजनों को बधाई देते हुए कहा कि आज आप जिस मुकाम पर पहुंचे हैं, उसके पीछे आपकी मेहनत के साथ-साथ आपके माता-पिता और परिजनों की तपस्या भी शामिल है। युवा होने के नाते आपकी विशेष जिम्मेदारी अन्य युवाओं के प्रति भी बनती है।

भारत की स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की प्रगति का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम बन चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि भारत की स्टार्टअप कहानी अब केवल बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। आज लगभग आधे मान्यता प्राप्त स्टार्टअप टियर-2 और टियर-3 शहरों में कार्यरत हैं, जो देश के युवाओं के सामर्थ्य का प्रमाण है।

हाल ही में संपन्न ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया है कि ब्रिक्स का सहयोग केवल सरकारों तक सीमित न रहे, बल्कि हमारे उद्यमी, किसान, महिलाएं और युवा भी इस साझेदारी में सक्रिय रूप से शामिल हों। इसी सोच के साथ ‘ब्रिक्स कनेक्ट’ और ‘ब्रिक्स एमएसएमई कोऑपरेशन पोर्टल’ जैसी पहल प्रारंभ की गई हैं।

पिछले कुछ वर्षों में सरकार का लगातार ध्यान युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने पर केंद्रित रहा है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति, स्किल इंडिया मिशन, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना और अप्रेंटिसशिप को बढ़ावा देने के प्रयासों के माध्यम से सरकार की कोशिश यही रही है कि युवाओं की शिक्षा और उनके कौशल को बदलती अर्थव्यवस्था की आवश्यकताओं के अनुरूप ढाला जाए।

रोजगार मेले की पृष्ठभूमि पर प्रकाश डालते हुए अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री ने 22 अक्टूबर 2022 को रोजगार मेले के पहले चरण का शुभारंभ किया था। तब प्रधानमंत्री ने वर्ष 2023 के अंत तक देश के युवाओं को 10 लाख सरकारी नौकरियां देने का लक्ष्य रखा था। इस कड़ी में लोकसभा चुनाव से पूर्व 12 फरवरी 2024 को 12वां रोजगार मेला आयोजित हुआ था, जिसमें सर्वाधिक एक लाख नियुक्ति पत्र वितरित किए गए थे। 11 लाख नियुक्ति पत्रों का आंकड़ा वर्ष 2025 में पूरा हुआ था।

इससे पूर्व 19वें रोजगार मेले में भी प्रधानमंत्री ने 51 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी के लिए नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे। उस अवसर पर चयनित युवाओं को रेलवे, गृह मंत्रालय, स्वास्थ्य विभाग, वित्तीय सेवाएं और उच्च शिक्षा सहित विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति मिली थी। देश के 47 शहरों में आयोजित उस मेले में भी प्रधानमंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से शामिल हुए थे और युवाओं से संवाद किया था।

शनिवार को आयोजित 20वें रोजगार मेले में नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थी अब केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में अपनी सेवाएं प्रारंभ करेंगे। सरकार का दावा है कि यह पहल युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने के साथ-साथ सरकारी तंत्र में नई ऊर्जा और प्रतिभा का संचार करेगी, जो विकसित भारत के निर्माण में सहायक सिद्ध होगी।

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