बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव शुरू होने के साथ-साथ देशभर के कई राज्यों में मौसम में तेजी से बदलाव देखने को मिल रहे हैं। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, बिहार और गुजरात में रविवार दोपहर से ही मौसम बदल गया है और इन क्षेत्रों में भारी वर्षा हो रही है। यह मौसमी बदलाव बंगाल खाड़ी में गठित कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से आने वाली मानसूनी गतिविधियों के कारण दर्ज किया गया है, जिससे देशभर में विभिन्न राज्यों में अचानक बारिश की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मौसम विभाग ने इस कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव को लेकर चेतावनी जारी की है कि इसका प्रभाव आगामी कुछ दिनों तक बना रह सकता है।
गुजरात के जूनागढ़ जिले के गिरनार वन क्षेत्र में आई भारी बारिश के चलते आत्मेश्वर महादेव मंदिर जाने वाली सड़क पर अचानक पानी का बहाव तेज़ हो गया। मंदिर में दर्शन करने गए बच्चों समेत लगभग 40 लोग इस बहाव में फंस गए। बारिश के कारण गिरनार पर्वत से गिरने वाले झरने में भी बाढ़ आ गई, जिससे स्थानीय लोगों और पर्यटकों को संकट का सामना करना पड़ा। फिर भी, खुशखबरी यह है कि फंसे सभी 40 लोगों का रेस्क्यू हो गया है। जूनागढ़ के प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू टीमें तैनात थीं और सभी फंसे लोगों को सुरक्षित ढंग से बाहर निकाला गया। गिरनार वन क्षेत्र में भारी वर्षा के कारण पानी का बहाव अचानक तेज हो गया था, जिससे मंदिर की ओर जाने वाली सड़क पर खतरनाक स्थिति उत्पन्न हो गई थी।
इस बीच, केरल राज्य में भी बारिश के कारण बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हुई है। केरलम के पूक्कोट्टुम्पडम क्षेत्र में कोट्टाप्पुझा नदी में अचानक बाढ़ आ गई। इस बाढ़ में पांच लोगों का एक समूह बह गया, जिसमें दो लोगों की दुर्भाग्यवश मौत हो गई और दो अन्य लोग अभी लापता हैं। बचाव कार्य जारी है और लापता लोगों की खोज के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं। केरलम में बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की वितरण कार्य जारी हैं और प्रशासन घरेलू पशुओं की रक्षा के लिए भी विशेष कोशिश कर रहा है। नदी में अचानक बाढ़ आने से पांच लोगों का समूह बह गया था, जिसमें से दो लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और दो लोगों की खोज अभी जारी है।
मौसम विभाग ने आगामी समय के लिए विभिन्न राज्यों में अलर्ट जारी किए हैं। सोमवार के लिए झारखंड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जिससे वहाँ विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। इसके साथ ही, मध्य महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, ओडिशा, तेलंगाना, मराठवाड़ा, कोंकण-गोवा, आंध्र प्रदेश, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कर्नाटक और केरलम में यलो अलर्ट जारी किया गया है। यलो अलर्ट के तहत इन राज्यों में नागरिकों से सावधान रहने, भारी बारिश के समय बाहर न जाने और आवश्यक तौर पर घर में रहने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग ने सभी राज्यों को विस्तृत मौसम रिपोर्ट के साथ अलर्ट जारी किया है ताकि प्रशासन और नागरिक दोनों ही तैयार रह सकें। ऑरेंज अलर्ट के तहत झारखंड में भारी बारिश की संभावना बनी रहने के कारण वहाँ की जनसंख्या को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि बंगाल खाड़ी में बने इस कम दबाव के क्षेत्र का पूरा प्रभाव आगामी कुछ दिनों में और बढ़ सकता है, जिससे दक्षिण और पूर्वी भारत में वर्षा और बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो सकती है। देशभर के प्रमुख शहरों में आज और अगले दो दिनों का अनुमानित तापमान भी मौसम विभाग द्वारा जारी किया गया है। सैटेलाइट मैप के अनुसार मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर में विभिन्न रूपों में दिखाई दे रही है। मौसम विभाग ने सभी राज्यों की मौसम से संबंधित जानकारी नियमित रूप से अपडेट कर रखी है और नागरिकों से ताज़ा मौसम अपडेट के लिए आधिकारिक स्रोतों से जुड़े रहने की सलाह दी है। सैटेलाइट छवियों से पता चलता है कि मानसूनी बादल दक्षिण और पूर्वी भारत में सक्रिय हैं। मौसम विभाग ने 22 सितंबर और 23 सितंबर के लिए मौसम का हाल और देशभर के प्रमुख शहरों का अनुमानित तापमान जारी किया है।
वर्तमान में पूरे दक्षिण और पूर्वी भारत में बारिश की गर्मी जारी है और विभिन्न राज्यों की आपातकालीन प्रबंधन विभाग अपने तैयारी में वृद्धि कर रहे हैं। रविवार दोपहर से मौसम में आए बदलाव के बाद अब सोमवार को विभिन्न राज्यों में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों के लिए विस्तृत पूर्वानुमान जारी किया है जिसमें विभिन्न क्षेत्रों में बारिश की संभावना और तापमान की जानकारी शामिल है। नागरिकों को मौसम अपडेट के लिए आधिकारिक चैनलों से जुड़े रहने और अलर्ट के निर्देशों का पालन करने की अनुरोध किया गया है। सैटेलाइट मैप और मौसम डेटा के अनुसार मानसूनी बादलों की स्थिति देखते हुए अगले दिनों के मौसम का पूर्वानुमान लिया गया है। राहत अभियान और बचाव परिचालन जारी रखे हुए हैं।


















