बिलासपुर मस्तूरी थाने में पुलिसकर्मियों पर 5 हजार रुपये की अवैध वसूली और मारपीट का आरोप
11 सितंबर 2024 की सुबह लगभग 06:00 बजे, बिलासपुर के मस्तूरी थाने में एक युवक ने मोबाइल चोरी की शिकायत दर्ज कराई। उसी समय से पुलिसकर्मियों पर मारपीट और 5 हजार रुपये की अवैध वसूली का आरोप सामने आया। यह मामला बिलासपुर के बिल्हा थाना क्षेत्र के पत्थरखान निवासी नकुल प्रसाद मांडरे से जुड़ा है।
घटना का पृष्ठभूमि
नकुल प्रसाद मांडरे, जो गांव-गांव फेरी लगाकर साड़ी और कपड़े बेचता है, 11 सितंबर की सुबह 06:00 बजे मस्तूरी की ओर निकला था। मस्तूरी पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भराने के बाद उसने थोड़ी शराब पी। कुछ दूरी पर गाड़ी रोककर नीचे उतरा और पाया कि उसकी गाड़ी से मोबाइल चोरी हो गया है। मोबाइल चोरी की रिपोर्ट लिखाने के लिए वह मस्तूरी थाने पहुँचा।
पुलिस के साथ प्रारम्भिक संवाद
थाने में पहुंचकर उसने मुंशी शिवचरण मरावी को मोबाइल चोरी और शराब पीने की जानकारी दी। रिपोर्ट के अनुसार, मुंशी ने उसे फॉर्म की फोटोकॉपी लाने के लिए कहा। फॉर्म लेकर लौटने के बाद, पुलिसकर्मियों ने रिपोर्ट लिखने से मना कर दिया।
अभद्र व्यवहार और मारपीट के आरोप
रिपोर्ट के मुताबिक, दिनेश निराला, शिवचरण मरावी और नीतीश बंजारे ने मांडरे के साथ अभद्र व्यवहार किया। पीड़ित का दावा है कि पुलिसकर्मियों ने उसे थाने के अंदर ले जाकर मारपीट की। पुलिस के अनुसार, इस दौरान टीआई सलीम खाखा थाने में मौजूद थे, परंतु उन्होंने मारपीट को रोकने का प्रयास नहीं किया।
अवैध वसूली के दावे
मांडरे ने शिकायत में आरोप लगाया कि शराब के नशे में होने के कारण पुलिसकर्मियों ने उसकी तलाशी ली और उसकी जेब से 2,000 रुपये नकद व 3,000 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करवाए। इसके अलावा, पुलिसकर्मियों ने उसकी गाड़ी की चाबी भी छीन ली। कुल मिलाकर 5,000 रुपये की अवैध वसूली का आरोप है।
शिकायत और प्रशासनिक कार्रवाई
पीड़ित ने एसएसपी कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई। अधिकारियों ने बताया कि एसएसपी रजनेश सिंह ने टीआई सलीम खाखा को हटाकर निरीक्षक कपिलदेव चंद्रा को मस्तूरी थाने की जिम्मेदारी सौंप दी है। ट्रांसफर आदेश में सलीम खाखा को हटाने का कारण प्रशासनिक बताया गया है।
पूर्व शिकायतें और प्रशासनिक निर्णय
रिपोर्ट के अनुसार, सलीम खाखा के कामकाज को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई हैं। हालांकि, इन शिकायतों और उनके हटाने के बीच सीधे संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
वर्तमान स्थिति और आगे के कदम
अभी तक पुलिसकर्मियों पर किसी भी कानूनी कार्रवाई का निर्णय नहीं लिया गया है। शिकायत को पुलिस जांच विभाग में भेजा गया है और मामला चल रहा है। पीड़ित और उसके परिवार की आशा है कि इस घटना की पूरी जांच हो और जिम्मेदारों को जवाबदेह ठहराया जाए।
इस मामले में नवीनतम विकास यह है कि निरीक्षक कपिलदेव चंद्रा को मस्तूरी थाने का प्रभारी बनाया गया है, जबकि टीआई सलीम खाखा को हटाया गया है। पुलिस जांच जारी है और आगे के आदेश की प्रतीक्षा है।