मानसून के उत्तरी हिस्से के समाप्त होने के बाद अब देश के दक्षिण भाग में बारिश के मौसमीन परिदृश्य में स्पष्ट बदलाव आ गया है। मौसम विभाग ने शनिवार को आधिकृत आबंधक अनुमानन जारी करते हुए दक्षिण भारत के नौ राज्यों में बारिश का यलो अलर्ट लागू कर दिया है। इन नौ राज्यों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, कर्नाटक, केरल, पुडुचेरी, लक्ष्याधीपति, दामन और दीव, गोवा और महाराष्ट्र शामिल हैं। विभाग के अनुसार इन क्षेत्रों में अगले दो दिनों तक तीव्र से अधिक बारिश की संभावना बनी हुई है। इससे पहले के दिनों में उत्तर भारत में मानसून के प्रभाव देखे जा रहे थे, जहां यूपी और छत्तीसगढ़ में बारिश से जुड़ी गंभीर स्थितियां सामने आईं। अब ध्यान दक्षिण भारत की ओर मड़ गया है।
इस बारिश के मुख्य कारण घोषित सिस्टम के रूप में समुद्री क्षेत्र में स्थित एक कम दबाव वाला सिस्टम है। मौसम विभाग ने बताया कि अंडमान सागर के ऊपर इस सिस्टम का केंद्र रहा है और यह धीरे-धीरे उत्तर की ओर बढ़ रहा है। 23 सितंबर की सुबह ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में पहुंचने से पहले इसे ‘डीप डिप्रेशन’ में बदलने की संभावना व्यक्त की गई है। मौसम वैज्ञानिकों ने स्पष्ट किया कि डीप डिप्रेशन एक ऐसा सिस्टम है जो सामान्य कम दबाव वाले सिस्टम की तुलना में अधिक तेज़ गति और तीव्रता दर्शाता है। यह चक्रवाती तूफान बनने से पहले की अंतिम अवस्था माना जाता है। इसलिए इस सिस्टम की निगरानी पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
इस डीप डिप्रेशन के प्रभाव से ओडिशा के दस जिलों में तेज़ हवा चलने की संभावना है। मौसम विभाग ने यहां तक 40 से 50 किमी/घंटा की रफ्तार से हवा चलने की चेतावनी दी है। इन जिलों में भद्रक, बालासोर, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, ढेंकनाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ शामिल हैं। विभाग ने बताया कि इन क्षेत्रों में अत्यधिक तेज़ हवा और भारी बारिश के कारण रास्तों पर बालू और पानी जमा होने की आशंका है। स्थानीय प्रशासन ने इस संभावित प्रभाव को देखते हुए आपातकालीन योजनाएं तैयार कर ली हैं। नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर रहने और आवश्यक सामग्री सुरक्षित रखने की सल्लाह दी गई है।
दूसरी ओर, उत्तर भारत में भी मानसून के इसी चरण से जुड़ी कुछ घटनाएं सामने आईं। यूपी के एक क्षेत्र में बाढ़ के कारण करीब 12 एकड़ जमीन नदियों के कटाव में बह गई। इस क्षेत्र में पहुंची टीमों ने बताया कि प्रभावित क्षेत्र में अत्यधिक बारिश के कारण नदियों का पानी बढ़ गया था और उसके किनारे से जमीन कट गई। यह घटना मानसून की तीव्रता को दर्शाती है, जिससे नदी के किनारे स्थित भूमि क्षतिग्रस्त हो रही है।
छत्तीसगढ़ में भी शनिवार को बिजली गिरने की कई घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें से चार लोगों की मौत हो गई। प्रांत के अधिकारियों ने बताया कि इन घटनाओं का मुख्य कारण बिजली के कड़ाव और अत्यधिक मानसूनी बारिश थी। प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं ने मदद पहुंचाने के बाद बिजनेस और बिजली सेवाओं को बहाल करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। यह घटनाएं दर्शाती हैं कि मानसून के दौरान बिजली आपूर्ति में व्यवधान आने से न केवल दैनिक जीवन बल्कि जानमाल को भी खतरा होता है।
मौसम विभाग ने आगे के दिनों के लिए भारी बारिश के अलर्ट जारी करते हुए सल्लाह दी है कि नागरिक अपने-अपने क्षेत्रों की जानकारी प्राप्त करें और आवश्यक सावधानियां बरतें। विभाग ने कहा कि अगले दो दिनों में देश के प्रमुख शहरों का तापमान और बारिश की स्थिति का निरीक्षण जारी रहेगा। साथ ही सैटेलाइट आधारित मानसूनी बादलों की स्थिति के अनुसार भारी बारिश वाले क्षेत्रों की पहचान कर उन्हें अलग से सूचित किया जाएगा। विशेषज्ञों ने बताया कि मानसून के इस दौर में बारिश की तीव्रता और गति पर नजर रखना आवश्यक है।
मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी चेतावनियों के पीछे सबसे पहले सैटेलाइट डेटा और मौसम मॉडल के आधार पर ही निर्णय लिए गए हैं। भविष्य में अगर कोई अतिरिक्त सिस्टम विकसित होता है तो तुरंत अपडेट जारी किए जाएंगे। देशभर में मानसून के इस चरण को समझकर एवं सुरक्षित रहकर ही नागरिकों को आगे बढ़ना चाहिए। सैटेलाइट मैप और मौसम की तस्वीरों के माध्यम से देशभर से मौसम की स्थिति को निरंतर ट्रैक किया जा रहा है ताकि समय पर अलर्ट जारी किए जा सकें।
विशेषज्ञों ने साथ ही बताया कि मानसून के इस दौर में बारिश की तीव्रता और गति पर नजर रखना आवश्यक है। ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में डीप डिप्रेशन के संभावित प्रभाव को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आपातकालीन योजनाएं तैयार कर ली हैं। नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर रहने और आवश्यक सामग्री सुरक्षित रखने की सल्लाह दी गई है। मौसम विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि इन सभी चेतावनियों के पीछे सबसे पहले सैटेलाइट डेटा और मौसम मॉडल के आधार पर ही निर्णय लिए गए हैं। भविष्य में अगर कोई अतिरिक्त सिस्टम विकसित होता है तो तुरंत अपडेट जारी किए जाएंगे।













