मुंबई के इंटी बॉम्बे (IIT बॉम्बे) में शुक्रवार शाम को सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने अपने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। छात्र महाराष्ट्र के यवतमाल के रहने वाले थे और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। घटना के कुछ घंटे पहले ही IIT बॉम्बे ने बताया कि साहिल ने परीक्षा के दौरान मोबाइल फोन का उपयोग करते हुए पकड़ा गया था। घटना के तुरंत बाद कैंपस में प्रदर्शन के बाद 400 से अधिक छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
IIT बॉम्बे ने स्पष्ट किया कि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। छात्र के खिलाफ किसी कानूनी कार्रवाई या प्रतिबंध की बात नहीं की गई। संस्थान ने बताया कि इस मामले में उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई थी। इंस्ट्रक्टर और डिपार्टमेंट हेड ने छात्र के साथ बातचीत की थी और उसे भरोसा दिलाया था। छात्रों के विरोध के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई हैं।
इस घटना के बाद IIT बॉम्बे ने छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने के लिए स्टूडेंट वेलनेस सेंटर (SWC) की स्थापना की है। यह केंद्र छात्रों के लिए पर्सनल काउंसलिंग और तनाव से निपटने में मदद प्रदान करता है। छात्र पर्सनल काउंसलिंग और तनाव से निपटने में मदद के लिए wellness@iitb.ac.in पर ईमेल भेजा जा सकता है या 022-2576-9070 पर फोन करके समय लिया जा सकता है। संस्थान ने कहा कि संस्थिति ने इस मामले पर गहरा दुख जताया है और मामले की जांच की जा रही है।
यह घटना IIT बॉम्बे में सुसाइड का तीसरा मामला है जो पिछले 7 महीनों में दर्ज है। इससे पहले जुलाई में नए सेमेस्टर के आरंभ होने के बाद उसी हॉस्टल में 20 साल के बीटेक सेकेंड ईयर के छात्र ने जान दिया था। फरवरी में हॉस्टल-4 में सेकेंड ईयर के एक छात्र ने भी सुसाइड किया था। इस तरह पिछले 7 महीनों में IIIT बॉम्बे कैंपस पर इस तरह की घटनाओं की संख्या बढ़ गई है।
RTI डेटा के अनुसार 2021 से 2025 के बीच देश के सभी IITs में कुल 65 छात्रों ने आत्महत्या की है। 2025 में अकेले 15 मामले दर्ज हुए। इन पांच वर्षों के आंकड़ों में IIT कारागुड़ में सबसे अधिक 11 मामले दर्ज हुए। यह आंकड़ा राष्ट्रीय स्तर पर छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य और शैक्षणिक दबाव की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
IIT बॉम्बे ने इस घटना के बाद कई कदम उठाए हैं। छात्रों के विरोध के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई हैं, जिससे शैक्षणिक प्रणाली में सुधार का प्रयास किया गया है। संस्थान ने छात्रों से मुलाकात की और उनकी स्थिति का समाधान करने का प्रयास किया है। प्रशासन ने यह भी बताया कि छात्रों के मानसिक तनाव को पहचानना और सही से संबोधित करना आवश्यक है।
IIT बॉम्बे में स्टूडेंट वेलनेस सेंटर (SWC) का उद्देश्य छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को बनाए रखना और उन्हें सहायता प्रदान करना है। यह केंद्र छात्रों के लिए एक सुरक्षित स्थान है जहाँ वे अपने तनाव को व्यक्त कर सकें। संस्थान ने कहा कि मानसिक तनाव के संकेतों का पता लगाना महत्वपूर्ण है, जैसे- छात्र बात-बात पर चिड़चिड़ा हों, पढ़ाई छोड़ रहे हों, कमरे में बंद रहते हों, कम खाता-सोते हों या हमेशा निराशा भरी बातें करें। ऐसे लक्षणों को पहचानना और समय पर सहायता लेना आवश्यक है।
IIT बॉम्बे के साथ-साथ देश के अन्य IITs में भी इस तरह की समस्याएं देखी जा रही हैं। उदाहरण के लिए, IIT दिल्ली में भी एक छात्र के सुसिध के बारे में बवाल उठा। 22 अगस्त को IIT दिल्ली के कैंपस पर 22 वर्षीय छात्र ऋषिकेश कुमार ने लेक्चरर हाल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। छात्र ने अपनी परेशानियों को व्यक्त किया था। इस घटना के बाद भी IIT बॉम्बे ने अपनी स्थिति को गंभीरता से लिया है।
छात्रों के मानसिक तनाव को दूर करने और उन्हें सहायता प्रदान करने के लिए IIT बॉम्बे ने विभिन्न कार्यक्रम और सेवाओं को संचालित किया है। संस्थान का लक्ष्य यह है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और छात्रों के कल्याण को प्राथमिकता दी जाए। मीडिया और जनता को यह जानकारी देना जरूरी है कि IIT बॉम्बे ने इस दुखद घटना के बाद अपनी स्थिति को गंभीरता से संबोधित किया है और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।













