मानसून की विदाई का दौर शुरू हो गया है। दक्षिण भारत के 9 राज्यों में रविवार को बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार अंडमान सागर के ऊपर एक कम दबाव वाला सिस्टम बना है, जो 23 सितंबर की सुबह ओडिशा-आंध्र प्रदेश तट पर पहुंचने से पहले ‘डीप डिप्रेशन’ में बदलने की संभावना रखता है। इसके असर से ओडिशा में भारी बारिश होने की संभावना है।
मौसम विभाग के मुताबिक, यह कम दबाव वाला सिस्टम अंडमान सागर के ऊपर गठित हुआ है और यह धीरे-धीरे बढ़ती तीव्रता की ओर बढ़ रहा है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस सिस्टम को डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना है, जो कम दबाव वाले सिस्टम की तुलना में काफी अधिक तेज़ होता है। आमतौर पर यह स्थिति चक्रवाती तूफान बनने से पहले की होती है, जिससे इस पर निगरानी बढ़ाई गई है।
इसी मानसूनी सिस्टम के कारण ओडिशा में कई जिलों में भारी हवाले बनने की संभावना है। मौसम विभाग की जानकारी के अनुसार, ओडिशा के बालासोर, भद्रक, जाजपुर, केंद्रपाड़ा, जगतसिंहपुर, कटक, ढेंकनाल, पुरी, खुर्दा और नयागढ़ जिलों में 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की उम्मीद है। इन जिलों में स्थानीय लोगों से सावधानी बरतने की सलाह दी गई है और उन्हें अतिरिक्त सावधानीपूर्वक कार्य करने की सिफारिश की गई है।
ओडिशा के तटीय क्षेत्रों में मछुआरों और स्थानीय जनसंख्या से अपील की गई है कि वे समुद्र में निकलने से बचें और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोग अपने घरों की तस्करी और आसपास की संरचनाओं की जांच कर लें। यदि यह डीप डिप्रेशन और तीव्रता से बढ़कर चक्रवाती तूफान का रूप लेता है, तो तटीय क्षेत्रों को और अधिक प्रभावित होने की संभावना है।
इस बीच, उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति में और बदतरी हुई है। बारिश के कारण नदियों के कटाव में लगभग 12 एकड़ जमीन बह गई है। इसमें कई गांव और आवासीय क्षेत्र प्रभावित हुए हैं। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री की वितरण कार्य शुरू किया है और प्रभावित लोगों को आश्रय स्थलों पर रखा गया है।
छत्तीसगढ़ में भी शनिवार को बारिश के कारण बिजली गिरने की घटनाएं दर्ज की गईं। इनमें 4 लोगों की मौत हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिजली गिरने से लोगों को संबंधित क्षेत्रों में त्रासदी हुई है। प्रशासन ने घटना की जांच शुरू की है और पीड़ितों के परिवारों को राहत उपलब्ध कराई जा रही है।
मौसम विभाग के सैटेलाइट मैप के अनुसार, मानसूनी बादलों की स्थिति देशभर में विभिन्न रूपों में देखी जा रही है। कई राज्यों में अचानक आई बारिश और तेज़ हवालों ने सामान्य जीवन यात्रा पर प्रभाव डाला है। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि मानसून की विदाई के इस चरण में ऐसी मौसमी अस्थिरता सामान्य है और नागरिकों को मौसम अपडेट के लिए नियमित रूप से मौसम विभाग की घोषणाओं से अवगत रहना चाहिए।
देश के प्रमुख शहरों का तापमान भी इस मौसमी चक्र के असर से प्रभावित हो रहा है। 21 और 22 सितंबर को देशभर में तापमान में उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग स्तर पर बारिश और तूफान की घटनाएं हुई हैं, जिससे यातायात और दैनिक जीवन यात्रा पर प्रभाव पड़ा है।
मौसम विभाग ने सभी प्रभावित राज्यों के लिए उचित चेतावनी जारी की है और स्थानीय प्रशासनों से तैयारी की अपील की है। विशेष रूप से ओडिशा और आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्रों में आपातकालीन प्रबंधन की तैयारी बढ़ाई गई है। मानसून की विदाई के इस महत्वपूर्ण चरण में सभी नागरिकों से सावधानी बरतने और मौसम संबंधी घोषणाओं का समय-समय पर ध्यान रखने की सलाह दी जा रही है।













