अयोध्या। राम मंदिर में दैनिक सेवा संबंधी नई गाइडलाइन जारी की गई है, जिसके तहत पुजारियों से बाल, दाढ़ी, मूंछ और शिखा को लेकर निर्धारित रूप बनाए रखने की अपील की गई है। नई गाइडलाइन में बताया गया है कि पुजारियों को बाल, दाढ़ी, मूंछ और शिखा रखनी होंगी या फिर पूरी तरह क्लीन शेव रहना होगा। साथ ही तिलक लगाना अनिवार्य है और पुजारियों को रोज़ाना पीले रंग के कपड़े पहनने होंगे।
राम मंदिर धार्मिक समिति के सदस्य और श्रीरामवल्लभाकुंज के प्रमुख स्वामी राजकुमार दास ने दैनिक भास्कर को नई गाइडलाइन की जानकारी दी। उनके अनुसार 12 सितंबर को राम मंदिर ट्रस्ट की धार्मिक समिति की बैठक हुई, जिसमें सभी की सहमति से ये नियम तय किए गए। पुजारियों को इन नियमों की जानकारी दे दी गई है और सभी से निर्धारित नियमों का पालन करने की अपील की गई है।
गाइडलाइन के तहत शौच के बाद स्नान किए बिना पुजारी मंदिर में प्रवेश नहीं कर सकेंगे। यदि कोई पुजारी निर्धारित नियमों का उल्लंघन करता है, तो गाय के दूध, घी और दही से उसके शुद्धिकरण की व्यवस्था की गई है। इन नियमों का उद्देश्य मंदिर की सेवा और व्यवस्था को अधिक कठोर तथा व्यवस्थित बनाने का बताया गया है।
गाइडलाइन का एक अहम हिस्सा पुजारियों के व्यवहार से जुड़ा है। पुजारियों को अपनी सेवा के दौरान निर्धारित स्थान पर ही रहना होगा। यदि कोई आवश्यक काम है और सेवा स्थान छोड़ना पड़े, तो पहले पाली प्रमुख यानी शिफ्ट इंचार्ज को कारण बताकर जानकारी देनी होगी। उसी के बाद ही पुजारी अपने स्थान से हट सकेंगे। सेवा के दौरान अनावश्यक बातचीत, समूह बनाकर चर्चा करना और हंसी-मजाक करना मना किया गया है।
किसी भी घटना की स्थिति में पुजारियों से शांत व्यवहार अपनाने और उसे संभालने की कोशिश करने की हिदायत दी गई है। आवश्यकता पड़ने पर जिम्मेदार व्यक्तियों से सहयोग और मार्गदर्शन लिया जा सकता है। श्रद्धालुओं से भी अच्छे व्यवहार की अपेक्षा की गई है। सेवा के दौरान श्रद्धालुओं से अनावश्यक बातचीत न की जाए, ताकि उनके मन में अर्चकों या राम मंदिर को लेकर गलत धारणा न बने।
पुजारियों को मंदिर से जुड़ी बातों पर सोशल मीडिया पर बयानबाजी से भी बचने की हिदायत दी गई है। गाइडलाइन में कहा गया है कि वॉट्सएप या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर ऐसी कोई बात न की जाए, जिससे राम मंदिर को लेकर लोगों में गलत संदेश पहुंचे। मंदिर की छवि को लेकर ऐसे बयानों से परहेज़ करने की अपील की गई है।
गार्भगृह में पुजारी मोबाइल फोन ले जाने से रोका गया है। मंदिर की ओर से मिले भोग-प्रसाद के अलावा गार्भगृह में बाहर से कोई भी चीज़ ले जाने की अनुमति नहीं है। पुजारियों से किसी पर बेवजह टिप्पणी करने या अपने अधिकार को लेकर जताने से भी बचने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई परेशानी या असंतोष है, तो पुजारी को आचार्य जी को जानकारी देकर उनसे मार्गदर्शन लेना चाहिए।
परिवार या इष्ट-मित्रों के मंदिर आने पर दर्शन, प्रसाद या अन्य सुविधाओं में मदद के लिए भी आचार्य जी का मार्गदर्शन लिया जाएगा। किसी अन्य व्यक्ति के साथ ऐसी विशेष मदद या व्यवहार करने पर संबंधित पुजारी स्वयं जिम्मेदार रहेंगे।
गाइडलाइन में साफ-सफाई से जुड़ी भी व्यवस्था की गई है। सेवकों से कहा गया है कि सोने, चांदी और अन्य धातुओं के बर्तन देने से पहले और देने के बाद उनकी गिनती करनी होगी। इससे मंदिर में उपयोग होने वाले धातु के बर्तनों की जानकारी और सुरक्षा बनाए रखने में मदद मिलेगी।
रामलला की दैनिक सेवा, सुरक्षा और सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं में लगातार बदलाव हो रहे हैं। राम मंदिर ट्रस्ट में नए लोगों को जिम्मेदारियां दी जा रही हैं और रोज़ की सेवा को अधिक व्यवस्थित बनाने पर ध्यान दिया जा रहा है। नई गाइडलाइन के तहत पुजारियों से आचार, स्वच्छता, सावधानी और श्रद्धालुओं से सुव्यवहित व्यवहार की अपेक्षा की गई है।













