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Sat, Oct 10, 2026Updated 12:52 PM IST
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930 करोड़ की ठगी के आरोपी मोहित गोगिया के बयान में डिप्टी सीएम के ओएसडी दीपम रायचूरा का नाम, 50 लाख रुपये लेने का आरोप

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भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल से एक बेहद संवेदनशील और सनसनीखेज मामला सामने आया है। करीब 930 करोड़ रुपये की ठगी के आरोपी मोहित गोगिया के बयान की एक कॉपी सार्वजनिक हुई है, जिसमें राज्य के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी (ओएसडी) दीपम रायचूरा का नाम सीधे तौर पर लिया गया है। इस बयान में गोगिया ने दावा किया है कि उससे 50 लाख रुपये लिए गए थे। यह पूरा मामला अब प्रदेश की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। वंदे भारत न्यूज़ को प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस बयान की कॉपी ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मोहित गोगिया, जो लगभग 930 करोड़ रुपये की ठगी के मामले में मुख्य आरोपी है, ने अपने बयान में कई अहम खुलासे किए हैं। बयान की कॉपी के मुताबिक, गोगिया ने कहा है कि उसे तनुज सेठी नाम के एक व्यक्ति ने दीपम रायचूरा से मिलवाया था। गोगिया के दावे के अनुसार, तनुज सेठी ने उससे यह बताया था कि दीपम रायचूरा आबकारी विभाग में सहायक आयुक्त के पद पर कार्यरत हैं। इसी पहचान और पद के आधार पर उन दोनों के बीच मुलाकात हुई थी। हालांकि, वर्तमान में दीपम रायचूरा मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के ओएसडी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। ऐसे में उनके पिछले कार्यकाल और वर्तमान जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।

बयान में सबसे गंभीर आरोप यह लगाया गया है कि दीपम रायचूरा को 50 लाख रुपये की रकम दी गई थी। 930 करोड़ रुपये के इस विशाल घोटाले के आरोपी द्वारा किसी शीर्ष सरकारी अधिकारी के ओएसडी पर इतनी बड़ी रकम लेने का आरोप लगाना, पूरे मामले को और अधिक पेचीदा बना देता है। यह स्पष्ट नहीं है कि यह 50 लाख रुपये किस प्रयोजन के लिए लिए गए थे या इसके बदले में कोई विशेष कार्य किया जाना था। बयान की कॉपी में इन बातों का सीधा जिक्र सामने आया है, लेकिन इसकी स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है।

इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि को समझना बेहद जरूरी है। मोहित गोगिया पर लगभग 930 करोड़ रुपये की ठगी का आरोप है। यह कोई छोटा-मोटा वित्तीय अपराध नहीं है, बल्कि प्रदेश के इतिहास के सबसे बड़े घोटालों में से एक माना जा रहा है। जब इतने बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी का आरोपी किसी सरकारी तंत्र के उच्च पदस्थ व्यक्ति का नाम लेता है, तो स्वाभाविक रूप से जांच एजेंसियों और आम जनता की निगाहें उस पर टिक जाती हैं। गोगिया के इस बयान से यह आशंका व्यक्त की जा रही है कि क्या इस 930 करोड़ रुपये के घोटाले की जड़ें प्रशासनिक मशीनरी के भीतर तक फैली हुई थीं।

बयान में तनुज सेठी की भूमिका भी अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। गोगिया ने साफ तौर पर कहा है कि तनुज सेठी ही वह कड़ी था जिसने उसे दीपम रायचूरा से मिलवाया। तनुज सेठी ने दीपम रायचूरा को आबकारी विभाग का सहायक आयुक्त बताकर परिचय कराया था। अब जांच का एक बड़ा हिस्सा यह होगा कि तनुज सेठी कौन है, उसकी गोगिया और रायचूरा दोनों से क्या संबंध थे, और क्या उसने जानबूझकर किसी पद का हवाला देकर यह मुलाकात करवाई थी। आबकारी विभाग मध्य प्रदेश सरकार का एक राजस्व अर्जक प्रमुख विभाग है, इसलिए इस विभाग के अधिकारियों के नाम का उपयोग किया जाना अपने आप में एक गंभीर विषय है।

उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के कार्यालय की तरफ से फिलहाल इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। न ही ओएसडी दीपम रायचूरा की ओर से इन आरोपों का खंडन या समर्थन करने वाला कोई बयान जारी किया गया है। चूंकि यह मामला एक गंभीर वित्तीय अपराध से जुड़े आरोपी के बयान पर आधारित है, इसलिए सभी पक्षों की स्थिति को ध्यान में रखना आवश्यक है। आरोपों की सत्यता की जांच होना अभी शेष है और बिना पुख्ता सबूतों के इसे अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता।

मध्य प्रदेश की राजनीति में इस बयान की कॉपी के सामने आने के बाद हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दलों के लिए यह एक बड़ा मुद्दा बन सकता है, क्योंकि इसमें सीधे तौर पर सत्ताधारी सरकार के एक वरिष्ठ मंत्री के ओएसडी का नाम शामिल है। 930 करोड़ रुपये के घोटाले के आरोपी का बयान और उसमें 50 लाख रुपये लेने का दावा, सरकार की छवि पर सवाल खड़े करने के लिए पर्याप्त है।

अब देखना यह होगा कि पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां इस बयान को कितनी गंभीरता से लेती हैं। क्या गोगिया के इस बयान के आधार पर दीपम रायचूरा और तनुज सेठी से औपचारिक पूछताछ की जाएगी? क्या आबकारी विभाग के रिकॉर्ड खंगाले जाएंगे? ये सभी सवाल अब अनुत्तरित हैं। वंदे भारत न्यूज़ इस मामले के हर पहलू पर नजर बनाए हुए है और जैसे-जैसे इसमें नए तथ्य या आधिकारिक बयान सामने आएंगे, उन्हें पाठकों तक पहुंचाया जाएगा। फिलहाल, यह पूरी घटना प्रदेश के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में सुर्खियों में बनी हुई है।