एशिया-अफ्रीका में ईवी की मांग तेज:चीन में हर दस में से एक कार ईवी, भारत में टू और थ्री व्हीलर सेगमेंट में 25% का उछाल

5 Min Read




ईरान युद्ध के बाद पेट्रोल, डीजल और गैस के ‎‎दामों में बढ़ोतरी के कारण कई देशों में इलेक्ट्रिक ‎वाहनों (ईवी) की मांग तेजी से बढ़ी है। एशिया‎ के अधिकतर देशों, लैटिन अमेरिका और अफ्रीका‎ में पिछले साल की तुलना में इस साल मार्च में‎ ईवी की बिक्री में 79 प्रतिशत उछाल आया है।‎ इन देशों में 2025 में इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री‎ 48 प्रतिशत बढ़ी थींं। लैटिन अमेरिकी देश कोस्टा रिका इलेक्ट्रिक ‎वाहनों के कारोबार की तेज रफ्तार का एक प्रमुख‎ उदाहरण है। कोस्टा रिका में वर्ष के पहले तीन‎ महीनों में सभी नई कारों की बिक्री में इलेक्ट्रिक‎ वाहनों का हिस्सा 18 प्रतिशत था। यह अमेरिका से‎ तीन गुना अधिक है, जहां टेस्ला ने 14 साल पहले‎ अपने मॉडल-एस से आधुनिक इलेक्ट्रिक कार‎ क्रांति की शुरुआत की थी। इथियोपिया, उरुग्वे‎ सहित कई अन्य देश अपनी अर्थव्यवस्थाओं और‎ विदेशी मुद्रा भंडार के लिए भारी पड़ रहे आयातित ‎विदेशी तेल पर निर्भरता कम करने के लिए‎ इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा दे रहे हैं।‎ अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी के अनुसार एशिया में‎ इलेक्ट्रिक वाहनों की सबसे ज्यादा बिक्री चीन में ‎हो रही है। 2024 में एक करोड़ दस लाख ईवी‎ बेचे गए। यह कुल वाहनों का लगभग आधा है।‎ चीन में अप्रैल 2026 में सड़क पर दस में एक ‎वाहन इलेक्ट्रिक था। एशिया के आर्थिक रूप से‎ उभरते देशों में 2024 में इलेक्ट्रिक वाहनों की‎ बिक्री में 60 फीसदी उछाल दर्ज किया गया है।‎ वियतनाम में 40 प्रतिशत और थाईलैंड में 20‎प्रतिशत से अधिक इजाफा हुआ है। इंडोनेशिया में‎ भी वृद्धि हो रही है। ईवी पर सरकारी रियायतों और‎ चीन के सस्ते वाहनों ने कारोबार बढ़ाया है। भारत ‎में दो पहिया और तीन पहिया ईवी की बिक्री में 15‎ से 25 प्रतिशत बढ़ोतरी हुई है।‎ कोस्टा रिका की सांसद काटिया कैम्ब्रोनेरो ने‎ संसद में चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण की गति तेज‎ करने के लिए विधेयक पेश किया है। कोस्टा रिका‎ के राष्ट्रपति रॉड्रिगो शावेज द्वारा विधेयक को ‎मंजूरी देने की संभावना है। हालांकि राष्ट्रपति‎ रॉड्रिगो और कैम्ब्रोनेरो कट्‌टर राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी‎ हैं।कोस्टा रिका तेल का उत्पादन नहीं करता है‎ और उसकी अधिकतर बिजली पनबिजली‎(हाइड्रोपावर) से पैदा होती है।‎ चीन की सस्ती इलेक्ट्रिक कारों ने बाजार में अपनी धाक जमाई कोस्टा रिका ने 2018 में टैक्स और शुल्क में छूट देकर इलेक्ट्रिक वाहनों को‎ बढ़ावा दिया है। वहां इको टूरिज्म प्रमुख इंडस्ट्री है। तेल के मूल्य बढ़ने से यह‎ नीति सही लगती है। 2023 में सस्ते चीनी मॉडलों के आने के बाद ईवी कारों ‎की बिक्री बढ़ी है। लेकिन अन्य गरीब देशों की स्थिति कमजोर है। ज्यादातर बड़े‎ ट्रक डीजल और कारें पेट्रोल पर चलती हैं। कोस्टा रिका की ईवी एसोसिएशन‎ असोमोव के मुताबिक तीन चीनी इलेक्ट्रिक मॉडलों का मूल्य 18-19 लाख‎ रुपए से कम है। यहां प्रति व्यक्ति आय अमेरिका की एक चौथाई है। एक सर्वे में‎ 70 प्रतिशत सदस्यों ने बताया कि उन्होंने पर्यावरण या स्वास्थ्य की दृष्टि से‎ नहीं बल्कि पैसा बचाने के लिए ईवी को अपनाया है।‎ कई देशों में प्रचार अभियान‎ ईवी एसोसिएशन की एग्जिक्यूटिव‎ डायरेक्टर शिल्वा रोजास इलेक्ट्रिक वाहनों की‎ खूबियों का प्रचार करती हैं। वे‎ मैक्सिको,कोलंबिया, ब्राजील और केन्या जैसे‎ देशों में ईवी के पक्ष में माहौल बनाने के लिए‎ वर्कशॉप करती हैं। कोस्टारिका में पहले ‎टोयोटा सबसे लोकप्रिय ब्रांड था। अब चीनी‎ इलेक्ट्रिक कारों का यहां के ईवी बाजार पर‎ कब्जा है।‎ ट्रांसपोर्ट में भी ज्यादा जोर‎ ग्रॉसरी चेन ऑटो मर्केडो के फेलिपो अलोंजो ‎बताते हैं, हमने इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से‎ डिलीवरी खर्च 5-10% घटाया है। प्राइवेट बस‎ कंपनी बियूसा ने 60 बसों के अपने समूचे बेड़े‎ को बैट्री चलित बसों से बदल दिया है। डीजल‎ बसों के मुकाबले इलेक्ट्रिक मॉडल 50 हजार‎ डॉलर ज्यादा महंगे हैं। लेकिन कंपनी फ्यूल‎ और मेंटेनेंस पर खर्च घटा कर इसकी भरपाई ‎जल्द कर लेगी।‎ ईवी ब्रांड्स में प्रतिस्पर्धा‎ कोस्टा रिका का कोई राजनेता ईवी मालिकों को‎ दूर नहीं करना चाहता है। बीवाईडी, गीली,‎एमजी और दर्जनों अन्य चीनी ब्रांड ने तेजी से‎ हां के बाजार पर कब्जा जमा लिया है। पहले ‎इस बाजार पर जापानी, अमेरिकन और यूरोपियन ‎ब्रांड का दबदबा था। इसमें टोयोटा प्रमुख थी।‎अब यहां टेस्ला सहित पश्चिमी देशों की‎ कंपनियों के इलेक्ट्रिक वाहनों के मॉडल बहुत‎ कम दिखाई पड़ते हैं।‎



Source link

Share This Article
Leave a Comment