Thu, 08 Oct 20261:41 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 1:41 PM IST
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पंजाब चुनाव से पहले सांसद अमृतपाल सिंह को बड़ी राहत: अमृतसर कोर्ट ने डिब्रूगढ़ जेल से बीमार दादी से वीडियो कॉल पर बात करने की दी अनुमति

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अमृतसर। असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब लोकसभा क्षेत्र से सांसद अमृतपाल सिंह को अमृतसर की अदालत से एक बड़ी राहत मिली है। अमृतसर कोर्ट ने अमृतपाल सिंह को उनकी बीमार दादी से 10 मिनट तक वीडियो कॉल के माध्यम से बात करने की विशेष अनुमति प्रदान की है। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब पंजाब में विधानसभा चुनावों का दौर करीब आ रहा है, जिसके चलते इस घटनाक्रम को राजनीतिक और कानूनी दोनों दृष्टिकोणों से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

वन्दे भारत न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, अमृतपाल सिंह वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं। उन पर कई गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनकी सुनवाई विभिन्न अदालतों में चल रही है। हालांकि, जेल में रहते हुए भी उन्होंने खडूर साहिब संसदीय क्षेत्र से लोकसभा का चुनाव लड़ा था और जीत हासिल की थी। अब उनके सांसद होने के नाते उन्हें कुछ विशेष अधिकार प्राप्त हैं, लेकिन जेल में होने के कारण उनके परिवार से मुलाकात और संवाद की प्रक्रिया सामान्य लोगों की तुलना में काफी जटिल और नियंत्रित रहती है।

अमृतसर की अदालत में अमृतपाल सिंह की ओर से एक आवेदन दायर किया गया था, जिसमें कहा गया था कि उनकी दादी की तबीयत ठीक नहीं है और वे गंभीर रूप से बीमार हैं। ऐसे में वे अपनी दादी से बात करना चाहते हैं। चूंकि अमृतपाल सिंह पंजाब से दूर असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद हैं, इसलिए उनके लिए भौतिक रूप से अपने परिवार के सदस्यों से मिलना लगभग असंभव है। इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए उनके वकीलों ने अदालत से वीडियो कॉल के जरिए परिवार से बात करने की अनुमति मांगी थी।

अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने और मानवीय आधार पर विचार करने के बाद अमृतपाल सिंह को उनकी बीमार दादी से वीडियो कॉल पर बात करने की इजाजत दे दी। हालांकि, अदालत ने यह स्पष्ट किया है कि यह वीडियो कॉल केवल 10 मिनट की अवधि के लिए होगी। इसके साथ ही, इस बातचीत की पूरी प्रक्रिया जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की निगरानी में संपन्न होगी, ताकि किसी भी प्रकार की सुरक्षा या कानूनी व्यवस्था का उल्लंघन न हो सके।

इस आदेश के बाद अब डिब्रूगढ़ जेल प्रशासन को निर्देश दिया जाएगा कि वे अमृतपाल सिंह को निर्धारित समय पर वीडियो कॉलिंग की सुविधा उपलब्ध कराएं। जेल मैनुअल और एनएसए के तहत बंद कैदियों के अधिकारों के अनुसार, कैदियों को अपने परिवार से संपर्क बनाए रखने का अधिकार होता है, लेकिन यह पूरी तरह से जेल अधीक्षक और संबंधित अदालतों द्वारा तय किए गए नियमों के दायरे में ही संभव होता है। अमृतसर कोर्ट का यह फैसला इन्हीं नियमों के तहत एक मानवीय पहल के रूप में देखा जा रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों से ठीक पहले अमृतपाल सिंह को मिली यह राहत राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बनी हुई है। अमृतपाल सिंह पंजाब की राजनीति में एक चर्चित नाम हैं और उनके समर्थक राज्य भर में मौजूद हैं। खडूर साहिब से सांसद चुने जाने के बाद उनकी राजनीतिक प्रासंगिकता और बढ़ गई है। ऐसे में उनके परिवार की स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं को लेकर अदालत का यह रुख उनके समर्थकों के लिए एक सकारात्मक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

गौरतलब है कि अमृतपाल सिंह को पिछले साल पंजाब पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों द्वारा चलाए गए एक बड़े अभियान के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) के तहत असम की डिब्रूगढ़ जेल में स्थानांतरित कर दिया गया था। तब से लेकर अब तक वे वहीं बंद हैं। उनके खिलाफ देश की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़े कई आरोप हैं, जिनका वे और उनके वकील लगातार विरोध करते रहे हैं।

अमृतसर कोर्ट के इस ताजा आदेश ने एक बार फिर इस बात को रेखांकित किया है कि भारतीय न्याय प्रणाली में कानूनी सख्ती के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं का भी पूरा ध्यान रखा जाता है। बीमार दादी से 10 मिनट की वीडियो कॉल की अनुमति भले ही एक छोटी सी राहत लग सकती है, लेकिन जेल में बंद एक सांसद और उसके परिवार के लिए इसका भावनात्मक महत्व बहुत अधिक है।

आने वाले दिनों में यह देखना होगा कि डिब्रूगढ़ जेल प्रशासन इस अदालती आदेश को किस प्रकार लागू करता है और अमृतपाल सिंह को यह वीडियो कॉल कब उपलब्ध कराई जाती है। साथ ही, पंजाब के बदलते राजनीतिक परिदृश्य में इस घटनाक्रम के क्या प्रभाव पड़ते हैं, इस पर भी सभी की नजरें टिकी हुई हैं। वन्दे भारत न्यूज़ इस मामले में होने वाले हर अपडेट पर नजर बनाए हुए है।