Thu, 08 Oct 20266:41 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 6:41 PM IST
होम › मध्य प्रदेश

सिंगरौली: मालवाहक पिकअप में यात्रियों और श्रमिकों का अवैध परिवहन, सुलियरी-माड़ा मार्ग पर परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 2.21 लाख रुपये का चालान

WhatsAppFacebookX

सिंगरौली। मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में परिवहन विभाग ने बुधवार को मालवाहक वाहनों में यात्रियों और श्रमिकों के अवैध परिवहन के खिलाफ एक बड़ी और सख्त कार्रवाई की है। जिला कलेक्टर गौरव बेनल के स्पष्ट निर्देशों पर परिवहन विभाग की टीम ने सुलियरी माइंस से माड़ा मार्ग पर विशेष जांच अभियान चलाया। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने माल ढुलाई के लिए उपयोग किए जाने वाले पिकअप जैसे वाहनों की तलाशी ली, जिनमें सामान की जगह यात्री और मजदूर भरे हुए पाए गए। इस कार्रवाई में परिवहन विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ चालानी कार्रवाई करते हुए कुल 2.21 लाख रुपये की राशि वसूल की है। यह कार्रवाई जिले में अवैध परिवहन पर अंकुश लगाने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

बता दें कि सिंगरौली जिला खनन और औद्योगिक गतिविधियों का एक प्रमुख केंद्र है। यहां सुलियरी माइंस और माड़ा क्षेत्र में बड़ी संख्या में श्रमिक प्रतिदिन काम करने के लिए आते-जाते हैं। इन श्रमिकों और स्थानीय लोगों की आवाजाही के लिए परिवहन के पर्याप्त और सुरक्षित साधनों की व्यवस्था होना आवश्यक है। हालांकि, कई बार ठेकेदार और वाहन मालिक खर्च बचाने या अन्य कारणों से मालवाहक वाहनों, विशेषकर पिकअप गाड़ियों में ही श्रमिकों और आम यात्रियों को भरकर ले जाते हैं। यह प्रथा न केवल मोटर वाहन अधिनियम के प्रावधानों का सीधा उल्लंघन है, बल्कि दुर्घटना की स्थिति में यात्रियों और श्रमिकों की जान के लिए भी अत्यंत खतरनाक साबित हो सकती है। मालवाहक वाहनों में बैठने के लिए उचित सीटें, सुरक्षा उपकरण या यात्रियों की सुरक्षा की कोई गारंटी नहीं होती है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना में बड़े पैमाने पर जनहानि का जोखिम बना रहता है।

इसी गंभीर स्थिति को ध्यान में रखते हुए जिला कलेक्टर गौरव बेनल ने परिवहन विभाग को सख्त निर्देश दिए थे कि ऐसे वाहनों की पहचान कर उनके खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। कलेक्टर के निर्देश के बाद बुधवार को परिवहन विभाग की टीम ने सुलियरी माइंस और माड़ा मार्ग पर अपना मोर्चा संभाला। इस मार्ग पर खनन और औद्योगिक इकाइयों से जुड़े भारी वाहनों और पिकअप की आवाजाही लगातार बनी रहती है। विभाग की टीम ने इस मार्ग पर आने-जाने वाले वाहनों को रोककर उनकी गहन जांच की। जांच के दौरान अधिकारियों ने देखा कि कई मालवाहक पिकअप वाहनों में माल की जगह यात्री और श्रमिक बैठाए गए हैं। कुछ वाहनों में क्षमता से अधिक लोग ठूंस-ठूंस कर भरे हुए थे, जो सुरक्षा मानकों की खुली अनदेखी का स्पष्ट उदाहरण था।

परिवहन विभाग के अधिकारियों ने मौके पर ही ऐसे वाहनों के दस्तावेजों की जांच की और मोटर वाहन अधिनियम के तहत नियमों का उल्लंघन करने पर चालान काटे। इस विशेष अभियान के तहत विभाग ने अवैध रूप से यात्री और श्रमिक परिवहन कर रहे वाहनों से कुल 2.21 लाख रुपये का जुर्माना वसूल किया है। यह राशि उन वाहन मालिकों और चालकों से वसूली गई है जिन्होंने बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों की परवाह किए मालवाहक वाहनों में लोगों को बैठाया था। विभाग की इस कार्रवाई से उस मार्ग पर अवैध परिवहन में लिप्त लोगों में हड़कंप मच गया है।

परिवहन विभाग के सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई केवल एक दिन के लिए नहीं थी, बल्कि जिला प्रशासन द्वारा सड़क सुरक्षा और यात्रियों की जान की रक्षा के लिए निरंतर चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। मालवाहक वाहनों में यात्रियों का परिवहन एक गैर-कानूनी कार्य है और इसके लिए वाहन मालिक, चालक और संबंधित ठेकेदार तीनों जिम्मेदार माने जाते हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी सुलियरी-माड़ा मार्ग सहित जिले के अन्य संवेदनशील और व्यस्त मार्गों पर ऐसे विशेष जांच अभियान जारी रहेंगे। जो भी व्यक्ति या संस्था इस प्रकार के अवैध परिवहन में संलिप्त पाई जाएगी, उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी और भारी जुर्माना लगाया जाएगा।

प्रशासनिक स्तर पर कलेक्टर गौरव बेनल ने भी यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि खनन क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सुरक्षित परिवहन की व्यवस्था हो। उन्होंने संबंधित कंपनियों और ठेकेदारों को चेतावनी दी है कि वे अपने श्रमिकों की आवाजाही के लिए केवल अधिकृत और सुरक्षित यात्री वाहनों का ही उपयोग करें। यदि कोई कंपनी या ठेकेदार मालवाहक वाहनों में श्रमिकों को लाने-ले जाने का प्रयास करता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ ही अन्य प्रशासनिक कदम भी उठाए जा सकते हैं।

स्थानीय स्तर पर परिवहन विभाग की इस कार्रवाई का स्वागत किया जा रहा है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों और स्थानीय नागरिकों का मानना है कि मालवाहक वाहनों में यात्रियों का परिवहन एक बड़ा खतरा है और समय-समय पर ऐसी सख्ती बेहद जरूरी है। बुधवार को 2.21 लाख रुपये के चालान की इस कार्रवाई ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि सिंगरौली जिला प्रशासन और परिवहन विभाग सड़क सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर अब पूरी तरह सतर्क और सख्त है। आने वाले दिनों में इस अभियान के और भी तेज होने की संभावना है, ताकि जिले में अवैध परिवहन की इस खतरनाक प्रथा को पूरी तरह से रोका जा सके और आम नागरिकों व श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।