Thu, 08 Oct 202612:46 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 12:46 PM IST
होम › मध्य प्रदेश

देवास: महिला का नंबर ब्लॉक करने पर युवक ने बहन को भेजे आपत्तिजनक फोटो, सड़क पर हुई पिटाई के बाद आरोपी गिरफ्तार

WhatsAppFacebookX

मध्य प्रदेश के देवास जिले में एक युवक द्वारा महिला और उसके परिवार को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजकर परेशान करने का मामला सामने आया है। इस घटना में पीड़ित महिला ने सड़क पर ही आरोपी युवक की जमकर पिटाई कर दी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। पुलिस ने आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह पूरा मामला देवास जिले के बागली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है, जहां महिलाओं की सुरक्षा और साइबर उत्पीड़न से जुड़ा यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, बागली थाना क्षेत्र में रहने वाली एक महिला को स्थानीय युवक लगातार परेशान कर रहा था। महिला का आरोप है कि जब उसने आरोपी युवक का मोबाइल नंबर अपने फोन से ब्लॉक कर दिया, तो युवक ने अपनी हरकतों से बाज आने के बजाय उत्पीड़न का तरीका बदल दिया। नंबर ब्लॉक होने के बाद आरोपी युवक ने पीड़ित महिला की बहन को आपत्तिजनक फोटो भेजने शुरू कर दिए। इससे महिला के परिवार में दहशत और गुस्से का माहौल पैदा हो गया। परिवार के सदस्यों को जब इस बात की जानकारी मिली कि युवक अब उनकी बहन को अश्लील और आपत्तिजनक तस्वीरें भेज रहा है, तो उनका धैर्य जवाब दे गया।

परिवार के साथ हुए इस व्यवहार से आक्रोशित पीड़ित महिला ने सीधे कार्रवाई करने का फैसला किया। जब आरोपी युवक सड़क पर मौजूद था, तभी महिला ने उसे रोक लिया और सरेआम उसकी पिटाई शुरू कर दी। सड़क पर महिला द्वारा युवक को पीटे जाने की इस घटना को देखकर आसपास के लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। कई राहगीरों और स्थानीय लोगों ने अपने मोबाइल फोन से इस पूरी घटना का वीडियो बना लिया। यह वीडियो तेजी से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर वायरल हो गया, जिसके बाद यह मामला बागली थाना पुलिस के संज्ञान में आया।

वीडियो वायरल होने और शिकायत मिलने के बाद बागली थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने महिला के आरोपों के आधार पर युवक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। पीड़ित महिला ने पुलिस को दी गई अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा है कि आरोपी युवक लंबे समय से उसके परिवार के सदस्यों को आपत्तिजनक फोटो भेज रहा था। महिला ने बताया कि पहले वह खुद इस उत्पीड़न का शिकार थी, लेकिन जब उसने अपना नंबर ब्लॉक किया तो युवक ने उसकी बहन को निशाना बनाना शुरू कर दिया।

बागली थाना पुलिस ने इस संबंध में पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनी जा रही है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। आरोपी युवक के मोबाइल फोन को जब्त कर उसमें मौजूद डेटा की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने किन-किन नंबरों पर आपत्तिजनक सामग्री भेजी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी युवक इस तरह की अन्य किसी घटना में पहले भी शामिल रहा है या यह पहली बार है।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब डिजिटल माध्यमों से महिलाओं के उत्पीड़न के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। नंबर ब्लॉक करने के बाद परिवार के अन्य सदस्यों को निशाना बनाया जाना साइबर अपराध की एक गंभीर प्रवृत्ति को दर्शाता है। कानूनी विशेषज्ञों और पुलिस अधिकारियों का मानना है कि ऐसे मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (आईटी एक्ट) के तहत भी कड़ी कार्रवाई की जाती है। आपत्तिजनक सामग्री भेजना और महिलाओं को परेशान करना भारतीय दंड संहिता और आईटी एक्ट दोनों के तहत दंडनीय अपराध है।

देवास जिले के बागली क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय स्तर पर महिला सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस छेड़ दी है। हालांकि, पीड़ित महिला द्वारा खुद सड़क पर उतरकर आरोपी को सबक सिखाने की इस घटना को लेकर लोगों में मिली-जुली प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। कुछ लोग महिला के आत्मविश्वास और हिम्मत की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कानून व्यवस्था के विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अपराध की स्थिति में कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय सीधे पुलिस से संपर्क करना अधिक उचित होता है।

फिलहाल, बागली थाना पुलिस ने आरोपी युवक को न्यायालय में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ित महिला और उसके परिवार को पुलिस द्वारा आवश्यक सुरक्षा और सहयोग उपलब्ध कराए जाने की बात कही गई है। देवास पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इस प्रकार का साइबर उत्पीड़न या आपत्तिजनक सामग्री प्राप्त होती है, तो वे तुरंत स्थानीय थाने या साइबर सेल में इसकी शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सके।