अमृतसर: एचडीएफसी बैंक का एटीएम तोड़कर लूटने की साजिश नाकाम, देहात पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

अमृतसर। पंजाब के अमृतसर जिले में एचडीएफसी बैंक के एक एटीएम को तोड़कर उसमें रखी नकदी लूटने की बड़ी साजिश को अमृतसर देहात पुलिस ने समय रहते विफल कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गिरोह के दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस वारदात को अंजाम देने के लिए कुल चार लोगों का एक गिरोह शामिल था, जिन्होंने रात के अंधेरे में एटीएम मशीन को पूरी तरह से तोड़कर उसे अपने साथ ले जाने की योजना बनाई थी। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और सीसीटीवी फुटेज की मदद से यह साजिश कामयाब नहीं हो सकी।
यह घटना रात करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है, जब शहर में सन्नाटा पसरा हुआ था और लोग गहरी नींद में सो रहे थे। इसी दौरान बदमाशों के एक समूह ने एचडीएफसी बैंक के एटीएम को अपना निशाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने एटीएम मशीन को तोड़ने के लिए भारी औजारों का इस्तेमाल किया। उनका उद्देश्य मशीन को क्षतिग्रस्त करके उसके भीतर रखी नकदी निकालना या फिर पूरी मशीन को ही वाहन में लादकर सुरक्षित स्थान पर ले जाना था, ताकि बाद में आराम से उसे खोला जा सके। लेकिन उनकी यह योजना उस वक्त धरी की धरी रह गई, जब उनकी हलचल की भनक पुलिस प्रशासन को लग गई।
अमृतसर देहात पुलिस ने इस मामले में बेहद तेजी से कार्रवाई की। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का मुआयना किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने शुरू किए। इन सीसीटीवी फुटेज में आरोपियों की संदिग्ध गतिविधियां स्पष्ट रूप से कैद हो गईं, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करने और उनके ठिकानों तक पहुंचने में महत्वपूर्ण मदद मिली। तकनीकी सुराग और मुखबिरों की सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने छापेमारी करते हुए गिरोह के दो सदस्यों को दबोच लिया। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के बारे में और अधिक जानकारी जुटाई जा सके।
पुलिस की शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि इस वारदात में कुल चार आरोपी शामिल थे। दो आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस की टीमें फरार चल रहे बाकी दो आरोपियों की तलाश में जुट गई हैं। माना जा रहा है कि गिरफ्तार आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस जल्द ही बाकी बचे दोनों बदमाशों को भी गिरफ्त में ले लेगी। यह गिरोह पहले भी ऐसी किसी वारदात को अंजाम दे चुका है या नहीं, इस पहलू की भी पुलिस गहराई से जांच कर रही है।
बता दें कि हाल के वर्षों में देश भर में एटीएम लूट या एटीएम मशीनों को तोड़कर नकदी चुराने के मामले लगातार सामने आते रहे हैं। बदमाश अक्सर रात के समय या सुबह के अंधेरे में ऐसे अपराधों को अंजाम देते हैं, जब सड़कों पर लोगों की आवाजाही सबसे कम होती है। वे गैस कटर, हथौड़े या अन्य भारी उपकरणों का उपयोग करके एटीएम मशीनों को काटने या तोड़ने का प्रयास करते हैं। कई बार बदमाश एटीएम मशीन को जड़ से उखाड़कर किसी वाहन में रखकर ले जाते हैं। अमृतसर की इस घटना ने भी इसी पैटर्न को दर्शाया है, जहां आरोपियों ने मशीन को तोड़कर ले जाने की पूरी तैयारी कर रखी थी।
अमृतसर देहात पुलिस द्वारा इस गिरोह का पर्दाफाश करना और दो आरोपियों को गिरफ्तार करना पुलिस की कार्यप्रणाली की एक सफल मिसाल के रूप में देखा जा रहा है। सीसीटीवी फुटेज की मदद से अपराधियों तक पहुंचना यह साबित करता है कि तकनीकी निगरानी प्रणाली अपराध रोकने और अपराधियों को पकड़ने में कितनी कारगर साबित हो सकती है। पुलिस ने आम जनता और बैंक प्रबंधनों से भी अपील की है कि वे अपने एटीएम और बैंक शाखाओं के आसपास सुरक्षा व्यवस्था, विशेषकर सीसीटीवी कैमरों और अलार्म सिस्टम को हमेशा दुरुस्त रखें, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
वहीं, एचडीएफसी बैंक के संबंधित एटीएम में हुए नुकसान का आकलन भी किया जा रहा है। पुलिस ने एटीएम मशीन को तोड़ने के प्रयास में इस्तेमाल किए गए औजारों और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में ले लिया है। गिरफ्तार आरोपियों को जल्द ही स्थानीय अदालत में पेश किया जाएगा, जहां पुलिस उनकी रिमांड की मांग करेगी ताकि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी और अपराध में शामिल अन्य कड़ियों को जोड़ा जा सके। अमृतसर देहात पुलिस का कहना है कि इस मामले की जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे पूछताछ आगे बढ़ेगी, कई और खुलासे होने की संभावना है। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।

