Thu, 08 Oct 20266:01 PM
Thu, Oct 8, 2026Updated 6:01 PM IST
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समस्तीपुर में 4 घंटे की मूसलाधार बारिश से शहर जलमग्न: थानेश्वर स्थान मंदिर के गर्भगृह में घुसा पानी, सड़कों पर जलजमाव से जनजीवन अस्त-व्यस्त

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समस्तीपुर। बिहार के समस्तीपुर जिले और आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह से हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्था को पूरी तरह से अस्त-व्यस्त कर दिया है। सुबह करीब पांच बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश का सिलसिला लगातार कई घंटों तक जारी रहा। मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, महज चार घंटे के भीतर शहर और इसके आसपास के क्षेत्रों में करीब 50 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। इस भारी वर्षा के कारण शहर के निचले इलाकों और कई प्रमुख मोहल्लों की सड़कों पर भारी जलजमाव हो गया है, जिससे आम नागरिकों को अपने दैनिक कार्यों और आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि शहर की नालियां और जल निकासी की व्यवस्थाएं इस अतिरिक्त पानी को तेजी से निकालने में असमर्थ साबित हुईं। परिणामस्वरूप, शहर के विभिन्न हिस्सों में सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं। जलजमाव के कारण वाहन चालकों और पैदल चलने वालों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई मुख्य मार्गों पर पानी भर जाने से यातायात की रफ्तार धीमी हो गई और कुछ स्थानों पर जाम जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। लोगों को अपने घरों से बाहर निकलने और कार्यस्थलों तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्कूल, कॉलेज और अन्य शैक्षणिक संस्थानों में जाने वाले छात्रों को भी इस भारी बारिश और सड़कों पर भरे पानी के कारण दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

इस प्राकृतिक आपदा जैसी स्थिति का असर केवल सड़कों और आवासीय क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं रहा, बल्कि शहर के सबसे प्रमुख और ऐतिहासिक धार्मिक स्थलों में से एक थानेश्वर स्थान मंदिर भी इससे अछूता नहीं रह सका। गुरुवार सुबह हुई भारी बारिश का पानी शहर के इस प्रसिद्ध थानेश्वर स्थान मंदिर के गर्भगृह तक प्रवेश कर गया। मंदिर के सबसे पवित्र हिस्से यानी गर्भगृह में पानी भर जाने से श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन में चिंता का माहौल व्याप्त हो गया। मंदिर में नियमित रूप से पूजा-अर्चना करने आने वाले भक्तों को गर्भगृह में पानी भरने के कारण दर्शन और पूजन में भारी बाधा का सामना करना पड़ा। स्थानीय लोगों और पुजारियों द्वारा पानी को बाहर निकालने के प्रयास किए जाने की सूचना है, लेकिन लगातार हो रही बारिश के बीच यह कार्य चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। थानेश्वर स्थान मंदिर समस्तीपुर की आस्था का एक बड़ा केंद्र है, इसलिए यहां गर्भगृह में पानी घुसने की घटना ने स्थानीय श्रद्धालुओं की भावनाओं को भी ठेस पहुंचाई है।

मूसलाधार बारिश के साथ ही शहर के तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से उमस और गर्मी से परेशान शहरवासियों को बारिश ने राहत तो दी है, लेकिन अचानक आई ठंडक और नमी ने मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल दिया है। हवाओं में ठंडक घुल गई है और दिन का तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया है। इस तापमान में गिरावट के कारण लोगों को हल्के गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ सकता है। मौसम में आए इस अचानक बदलाव से बुजुर्गों और बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की भी आशंका व्यक्त की जा रही है।

समस्तीपुर शहर में जलजमाव की यह समस्या कोई नई नहीं है, लेकिन जब भी इस तरह से कम समय में भारी मात्रा में बारिश होती है, तो शहर की जल निकासी प्रणाली की कमियां स्पष्ट रूप से सामने आ जाती हैं। चार घंटे में 50 मिलीमीटर बारिश शहर के बुनियादी ढांचे के लिए एक बड़ी परीक्षा साबित हुई है। स्थानीय प्रशासन और नगर निगम की टीमों द्वारा जलजमाव वाले क्षेत्रों में स्थिति का जायजा लिया जा रहा है और पानी की निकासी के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। हालांकि, बारिश रुकने के बाद ही स्थिति पूरी तरह से सामान्य होने की उम्मीद है।

प्रशासन की ओर से नागरिकों से अपील की जा रही है कि वे अत्यंत आवश्यक होने पर ही अपने घरों से बाहर निकलें। जलजमाव वाली सड़कों पर चलने से बचें, क्योंकि बारिश के पानी में खुले नाले या गड्ढे होने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा, बिजली के खंभों और तारों से दूर रहने की भी सलाह दी जा रही है ताकि किसी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके। समस्तीपुर और इसके आसपास के इलाकों में गुरुवार सुबह पांच बजे से शुरू हुआ यह बारिश का दौर शहर की तस्वीर को पूरी तरह बदल चुका है। थानेश्वर स्थान मंदिर के गर्भगृह में पानी घुसने से लेकर सड़कों पर जलजमाव और तापमान में गिरावट तक, हर तरफ इस मूसलाधार बारिश के ही चर्चे हैं। फिलहाल, लोगों को मौसम विभाग के अगले अपडेट का इंतजार है और प्रशासन द्वारा राहत व बचाव कार्यों पर नजर रखी जा रही है।